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राज खुलने के डर से बेटी को भी मार डाला

Thu, 09 Apr 2015 01:40 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 09 Apr 2015 01:40 AM IST
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जावित्री से मिलते हुए रंगेहाथ पकड़े गए दीपक की वीरपाल और राजेंद्र पिटाई कर रहे थे, तभी जावित्री ने उनसे कहा कि पापा दीपक को छोड़ दो उसका कोई कसूर नहीं मैं खुद अपनी मर्जी से उससे मिलने आईं हूं। अगर दीपक को न छोड़ा तो तुम्हारी ये करतूत जमाने को बता दूंगी। इतना सुनते ही वीरपाल और राजेंद्र ने पोल खुलने के डर से जावित्री को भी गला घोंटकर मार डाला। ये बात हत्यारोपियों ने पकड़े जाने के बाद पुलिस के सामने कबूल की।
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दोनों ने बताया कि जब वह दीपक को पीट रहे थे तो जावित्री किसी तरह से छूटकर भाग निकली थी। वह दूर से ये कह रही थी कि दीपक को छोड़ दो, वरना वह उनकी करतूत सबके सामने उजागर कर देगी। इसके बाद जावित्री रात में ही दीपक के घर पहुंची और उसकी मां रामवती को पूरी बात बताई। दीपक का पिता सो रहा था और रामवती ने पड़ोसी की मदद मांगी, लेकिन वह नहीं उठे तो रामवती भी  डर के मारे तालाब पर नहीं गई। इसके बाद जावित्री पुन: तालाब किनारे पहुंची और दीपक को बचाने के लिए उस पर लेट गई, लेकिन फिर भी दोनों का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने दीपक की हत्या करने के साथ ही पोल खुलने के डर से जावित्री को भी गला घोंटकर मारने के बाद शव बोरी में बंद कर जलकुंभी में छिपा दिया। यहां बता दें कि  जावित्री कस्बे के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सातवीं और लोधीनगर मोहल्ले का 17 वर्षीय दीपक शिवज्ञान हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था।
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अभी बाकी रह गए कई सवाल
फतेहगंज पश्चिमी।  ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस ने आरोपियों को कई दिन हिरासत में रखने के बाद आखिरकार सनसनीखेज घटनाक्रम का पर्दाफाश तो कर दिया लेकिन पूरी कहानी सुनकर लगता है कि इस कहानी के बीच के हिस्से गायब हैं। हत्या के समय को लेकर अबी असमंजस है और एख सवाल यह भी उठ रहा है कि पुलिस  मीडिया से आखिरकार कई बिंदुओं पर पर्दादारी क्यों बरत रही है?
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एसओ अखिलेश सिंह यादव ने बुधवार को मीडियाकर्मियों के सामने दावा किया कि 24 मार्च की रात को ही प्रेमी-प्रेमिका यानि दीपक और जावित्री दोनों की हत्या कर दी गई थी। दीपक की मां रामवती ने छह अप्रैल को चौकी इंचार्ज अमरपाल सिंह और पुलिस अधिकारियों के सामने चीख-चीखकर कह रही थी कि वीरपाल, राजेंद्र ने ही उसके बेटे की हत्या की है लेकिन पुलिस ने उसके बयान को नजरअंदाज कर दिया? आखिर क्यों? सिर्फ मां रामकली ही कहती, तब भी समझ में आता लेकिन किराएदार सोनू द्वारा भी कमोबेश ऐसा ही बयान पुलिस के समक्ष दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। उसने भी वीरपाल, राजेंद्र द्वारा दीपक को बेरहमी से पीटकर मार डालने और बोरे में बंद जावित्री की लाश बीच तालाब में दबाए जाने का बयान दिया था। वीरपाल, राजेंद्र को लाश दबाकर भीगे बदन तालाब से बाहर आते देखने की बात भी कही थी।  पुलिस उसी दिन हिरासत में लिए गए वीरपाल, राजेंद्र पर सख्ती करती तो शायद छह अप्रैल को ही दीपक हत्याकांड का भी खुलासा हो सकता था। बकौल एसओ  टेनी की भूमिका की जांच की जा रही है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही है या पुलिस की कहानी?
जावित्री की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर यकीन करें तो उसकी हत्या लाश बरामदगी से ज्यादा से ज्यादा आठ दिन पहले हुई होगी। हालांकि बुधवार को एसओ श्री यादव ने जावित्री और दीपक-दोनों की ही हत्या 24 मार्च को यानि पखवाड़े भर पहले होने का दावा किया है। सवाल यह भी है कि जब दोनों का कत्ल एक ही दिन हुआ था तो दीपक की लाश क्यों पूरी तरह गली हुई थी और जावित्री की लाश तालाब में पानी में रहने के बाद भी बिल्कुल भी नहीं गली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सच है तो पुलिस आखिर मीडिया को गुमराह क्यों कर रही है?
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पोस्टमार्टम हाउस पर बेहोश हुई मां
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची रामवती बेटे की हत्या के सदमे में यहां बेहोश हो गईं। साथ आईं गांव की महिलाओं ने उन्हें ढांढ्स बंधाया। ं पिता कांता प्रसाद का कहना है कि उसके बेटे की क्रूरता से हत्या की गई है। हत्यारों को फांसी की सजा मिले।
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वीरपाल ने भरी पंचायत में भी पीटा था दीपक को
दीपक का जावित्री से मिलना झुलना मोहल्ले में आम हो गया था। इसी बात से वीरपाल उससे खफा था। उसने वार्ड मेंबर को बीच में डालकर ढाई महीने पहले पंचायत भी कराई थी। पंचायत में वीरपाल ने भरी पंचायत में दीपक को लातें मारकर पीटा था। पंचायत ने दीपक को जावित्री से न मिलने की हिदायत दी थी। इस पर दीपक दिल्ली चला गया था और होली पर घर आया। इसके बाद दस दिन के लिए कांवर लेने के लिए हरिद्वार चला गया था। वह पंद्रह मार्च को ही हरिद्वार से लौटकर आया था और दोस्त सोनू की बेटी के नामकरण के सिलसिले में रुक गया। इससे  जावित्री से उसकी फिर नजदीकियां बढ़ गईं थीं।

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हत्या करने के आरोप में जावित्री के पिता और चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दीपक और जावित्री की लाश ठिकाने लगवाने के आरोपी वीरपाल के साथी टेनी को भी पकड़ लिया गया है, जबकि चौथे आरोपी राजाराम की तलाश की जा रही है।
-बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात
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