भीड़ ने घेरा थाना, कहा हमें लड़की चाहिए
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सदर बाजार कैंट निवासी व्यवसायी की 23 वर्षीय पुत्री का नौ मार्च को उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह इलाके में ही स्थित कान्वेंट स्कूल में पढ़ाने जा रही थी। इस मामले में व्यवसायी ने मोहल्ले के ही जुल्फिकार, उसके भाई कमाल आदि के खिलाफ युवती को बहला फुसलाकर अगवा कर ले जाने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के भाई कमाल और दो अन्य रिश्तेदारों को उसी समय हिरासत ले लिया, लेकिन अब तक युवक-युवती का पता नहीं चल सका है। गुरुवार रात नौ बजे युवती के माता-पिता सैकड़ों लोगों के साथ कैंट थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर का घेराव करते हुए लड़की की बरामदगी की मांग की। करीब एक घंटे तक थाने में हंगामा चलता रहा। महिलाएं और पुरुष थाना परिसर में ही दरी बिछा कर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान थाने पहुंचे एसपी सिटी से महिलाओं ने कहा कि आश्वासन नहीं, हमें लड़की चाहिए। इस पर एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने इस केस को जल्द से जल्द वर्कआउट करने का आश्वासन दिया। इससे भीड़ शांत होकर घरों को लौट गई।
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जुल्फिकार के दोस्त के सिम में छिपा है राज
प्रदर्शन के दौरान पुलिस आरोपी जुल्फिकार के दोस्त को उठा लाई। उसके थप्पड़ जड़े गए और लड़की के बारे में पूछा गया, लेकिन उसका कहना था कि उसे इस बारे में कुछ पता नहीं। पुलिस ने इस युवक के पास से एक सिम बरामद किया है, जिसकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इसी सिम से अपहृत युवती और अपहरणकर्ता का पता लग सकता है।
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कार में डालकर ले गए अपहरणकर्ता
युवती के घरवालों का कहना है कि जुल्फिकार के एक दोस्त निक्की के पास कार है और निक्की ने अपहरण करने में मदद की। आरोप है कि युवती को अपहरणकर्ता कार में डालकर ले गए।
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आरोपी और उसके चाचा के घर पर लगा ताला
आरोपी जुल्फिकार और उसके चाचा के घर पर ताला लगा हुआ है। परिवार के सभी सदस्य भाग गए हैं। युवती के परिवार वालों ने उसके चाचा, बहन और बहनोई को पकड़कर अपहृता के बारे में पता करने की मांग की।
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सांप्रदायिक तूल देना चाहते हैं कुछ लोग, हम पीड़ित के साथ हैं
सदर कैंट के सभासद हमीद का कहना है कि युवती के अपहरण को कुछ लोग सांप्रदायिक तूल देना चाहते हैं, लेकिन हम लड़ाई में युवती के परिवार के साथ हैं। लड़के ने गुनाह किया है, इसे सांप्रदायिकता से न जोड़ा जाए। मुस्लिम वर्ग भी चाहता है कि लड़के को कड़ी सजा मिले और लड़की बरामद हो।
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पुराने नंबर कर दिए बंद
पुलिस ने युवक-युवती के पुराने नंबरों को सर्विलांस पर लगाया लेकिन कोई भी चालू नहीं मिला। इससे साफ हो गया कि पुराने नंबर उन्होंने बंद कर दिए जिससे उनकी लोकेशन मिलना मुश्किल हो गया है।