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एटीएम ठग निकला शोभित

Thu, 12 Mar 2015 01:42 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 12 Mar 2015 01:42 AM IST
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मोहल्ला आजमनगर के पशु व्यापारी पर हमले के प्रकरण में मंगलवार को पकड़ा गया आरोपी शोभित सिंघल एटीएम ठग निकला। पुलिस ने उसके पास से अलग-अलग नामों और बिना नामों वाले विभिन्न बैंकों के 29 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। गैंग का सरगना अंकित यादव इस समय उत्तराखंड की काशीपुर जेल में बंद है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि वह मदद के नाम पर लोगों के एटीएम बदल लेता था और खाता साफ कर देता था। उसका पशु व्यापारी से जीआईसी मैदान पर जुएं के दौरान विवाद हो गया था और दोनों में मारपीट हो गई थी। बुधवार को पुलिस ने नई कहानी के साथ आरोपी को कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया।
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बुधवार को पुलिस ने छानबीन शुरू की तो मदद के नाम पर एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा हुआ। शोभित इस गैंग का सदस्य है और उसके पास से 29 एटीएम कार्ड मिले हैं। गैंग का लीडर बिहारीपुर के ललिता देवी मंदिर के पास रहने वाला अंकित यादव इस समय काशीपुर जेल में बंद है। उसका छोटा भाई हनी यादव अभी शोभित के साथ काम कर रहा है। गैंग में बिहारीपुर के रोहित यादव और सुभाषनगर के सानू उपाध्याय भी शामिल है। चौकी इंचार्ज बिहारीपुर धर्मेंद्र कुमार ने नई कहानी के साथ शोभित को कोर्ट में पेश किया। पुलिस की कहानी के मुताबिक शोभित पशु व्यापारी से एटीएम छीनकर उससे रुपये निकलवाने की कोशिश कर रहा था। विरोध करने पर शोभित ने उसकी पिटाई कर दी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंह ने बताया कि शोभित के बाक ी साथियों की तलाश की जा रही है। शोभित का गैंग पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में एटीएम बदलकर लोगों के खातों से पैसा निकाल लेता है।
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कछुओं की तस्करी में जा चुका है जेल
शोभित कछुओं की तस्करी के मामले में भी वर्ष 2011 में जेल जा चुका है। उसके गैंग के लोग एटीएम बूथों के बाहर खड़े होकर अपने शिकार की तलाश करते रहते हैं। बुजुर्ग और कम पढ़े लिखे लोगों को वह मदद करने के बहाने शिकार बना लेते हैं। एटीएम का कोड पीछे खड़े होकर देखने के बाद उसका कार्ड चालाकी से बदलकर उसका खाता खाली कर देते हैं।
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इन बैंकों के मिले हैं एटीएम कार्ड
बैंक ऑफ बड़ौदा का दीपचंद्र रस्तोगी, अवधेश कुमार, शमशाद अली, एक बिना नाम का
एचडीएफसी बैंक के दो तौकीर हुसैन, एक बिना नाम का
आईसीआईसीआई बैंक एक बिना नाम का
भारतीय स्टेट बैंक का राजेश कुमार, राजू, अरुण कुमार, ताराचंद, मोहम्मद रिजवान, अकील अहमद, ऋषि सक्सेना, एक बिना नाम का
पीएनबी के छह बिना नाम के
बैंक ऑफ इंडिया का अमर कुमार, अनूप कुमार तिवारी के नाम का
कैनरा बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक का एक बिना नाम का एटीएम कार्ड

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फोटो---

पुलिस ने एटीएम बदलने वालों के गैंग का खुलासा किया

नई कहानी के साथ शोभित कोर्ट में पेश, जेल गया

पुलिस ने आरोपी से बैंकों के 29 एटीएम बरामद किए
जुए के विवाद के दौरान लूट के आरोप में पकड़ा था
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को मोहल्ला आजमनगर के पशु व्यापारी को घेरकर हमला करने के आरोप में जिस शोभित सिंघल नाम के लड़के को पकड़ा गया था, उसके पास से अलग-अलग-बैंकों के 29 एटीएम बरामद किए गए है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि वह एटीएम बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकालने का काम करता है। उसके गैंग का लीडर अंकित यादव काशीपुर (उत्तराखंड) की जेल में बंद है। जुए के दौरान मुन्ना कुरैशी से उसका विवाद हो गया था। बुधवार को पुलिस ने नई कहानी के साथ आरोपी को कोर्ट पेश करने के बाद जेल भिजवा दिया है।
मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जीआईसी के मैदान में जुए के दौरान कोतवाली इलाके के करुलान निवासी शोभित सिंघल और आजमनगर के पशु व्यापारी मुन्ना कुरैशी में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। शोभित ने खलील स्कूल तिराहे पर दौड़ाकर मुन्ना की पिटाई करने के बाद उससे लूटपाट कर ली थी। पुलिस के मुताबिक मुन्ना कुरैशी का कहना था कि वह भैंस खरीदने सुभाषनगर की ओर जा रहे थे। खलील तिराहे पर पांच लड़कों ने उन्हें घेर लिया और धारदार हथियार हमला कर दिया था। मारपीट में मुन्ना के सिर में गंभीर चोट आई थी। जिसकी वजह से मुन्ना बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े थे। घटना के वक्त पहुंची भीड़ के शोर मचाने पर हमलावर फायरिंग करते हुए भाग रहे थे, इस दौरान शोभित को लोगों ने पकड़कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।  व्यापारी के भाई अफजल कुरैशी ने बताया था कि हमलावरों ने उसके भाई से 73 हजार रुपये नगद, अंगूठी और चेन लूट ली है। बुधवार को पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो नई कहानी सामने आ गई। शोभित के पास से 29 एटीएम मिले हैं। वह मदद करने के बहाने एटीएम बदलने वाले गैंग का शातिर सदस्य है। मोहल्ला बिहारीपुर में ललिता देवी मंदिर के पास रहने वाला उनके गैंग का लीडर अंकित यादव काशीपुर जेल में बंद है। उसका छोटा भाई हनी यादव गैंग में शोभित के साथ काम कर रहा है। इसके अलावा उसके गैंग में बिहारीपुर के रोहित यादव और सुभाषनगर के सानू उपाध्याय भी उनके गैंग में शामिल है। चौकी इंचार्ज बिहारीपुर धर्मेद्र कुमार ने नई कहानी के साथ शोभित को कोर्ट में पेश किया। पुलिस की कहानी के मुताबिक शोभित पशु व्यापारी से एटीएम छीनकर उससे रुपये निकलवाने की कोशिश कर रहा था। विरोध करने पर शोभित ने उसकी पिटाई कर दी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंह ने बताया कि शोभित के बाक ी साथियों की तलाश की जा रही है। शोभित का गैंग पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में एटीएम बदलकर लोगों के खाते खाली करने की घटनाओं को अंजाम देता है।



कछुओं की तस्करी में भी पकड़ा गया था
एटीएम बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकालने के अलावा कछुओं की तस्करी के मामले में भी वर्ष 2011 में शोभित सिंघल जेल जा चुका है। उसके गैंग के लोग एटीएम बूथों के बाहर खड़े होकर अपने शिकार की तलाश करते रहते हैं। बुजुर्ग और कम पढ़े लिखे लोगों को वह मदद करने के बहाने शिकार बना लेते हैं। एटीएम का कोड पीछे खड़े होकर देखने के बाद उसका कार्ड चालाकी से बदलकर उसका खाता खाली कर देते हैं।

इन बैंकों के एटीएम मिले हैं--

बैंक ऑफ बड़ौदा का दीपचंद्र रस्तोगी, अवधेश कुमार, शमशाद अली, एक बिना नाम का
एचडीएफसी बैंक के दो तौकीर हुसैन, एक बिना नाम का
आईसीआईसीआई बैंक
एक बिना नाम का
भारतीय स्टेट बैंक
राजेश कुमार
राजू
अरुण कुमार
ताराचंद
मोहम्मद रिजबान
अकील अहमद
ऋषि सक्सेना
एक बिना नाम का
पीएनबी
छह बिना नाम के
बैंक ऑफ इंडिया
अमर कुमार
अनूप कुमार तिवारी
कैनरा बैंक
एक बिना नाम का
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
एक बिना नाम का
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
एक बिना नाम का
यूनियन बैंक

एक बिना नाम का

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