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पड़ोसी के वाटर टैंक में मिलाया केमिकल, पूरे परिवार की हालत बिगड़ी
बरेली।
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:45 AM IST
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पानी के टैंक में िममिलाए गए केिममिकल काो िददिख्ााते अिममित
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आईवीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. टी. सबरीनाथ ने मामूली कहासुनी के बाद खुंदक में आकर पड़ोसी के घर के पानी के टैंक में केमिकल मिला दिया। केमिकल मिला पानी इस्तेमाल करने से जब पूरे परिवार की हालत बिगड़ी तब इसका खुलासा हुआ। इस मामले में थाना प्रेमनगर में वैज्ञानिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस पानी के नमूनों की जांच कराने के बाद इस मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
आईवीआरआई वैज्ञानिक डॉ. टी सबरीनाथ प्रेमनगर की राजीव कुंज कॉलोनी स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके पड़ोस के फ्लैट में मोबाइल डिस्ट्रिब्यूटर अमित का परिवार रहता है। अमित का कहना है कि 25 नवंबर को उनकी बड़ी बेटी क्यूटी और जुड़वा बेटी-बेटे अनन्या और अक्षत की स्कूल में हालत बिगड़ गई। क्यूटी सातवीं और अनन्या व अक्षत पहली कक्षा में पढ़ते हैं। दोपहर में स्कूल से फोन आया कि उनके तीनों बच्चे उल्टियां कर रहे हैं। शरीर में सूजन आ गई है। उधर, घर पर अमित और उनकी पत्नी रिचा के शरीर पर भी लाल दाने उभर आए थे।
पूरा परिवार अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने बताया कि किसी केमिकल के संपर्क में आने की वजह से उनकी हालत बिगड़ी है। इसके बाद अमित ने अपने घर के पानी के टैंक की जांच की तो उसकी पेंदी में सफेद पाउडर जमा मिला। पानी के टैंक में केमिकल पड़ा होने की खबर फैली तो आस-पड़ोस के लोग भी दहशत में आ गए। सोसाइटी की सभी टंकियों की जांच हुई, हालांकि दूसरे घरों के पानी के टैंक में पाउडर नहीं मिला। लोगों ने वैज्ञानिक के फ्लैट पर हंगामा भी किया। दहशत से अमित अपने परिवार सहित रिश्तेदार के घर शिफ्ट हो गए। बृहस्पतिवार को उन्होंने थाना प्रेमनगर में एफआईआर दर्ज कराई।
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पड़ोसी ने देख लिया था टैंक खोलकर झांकते हुए
अमित के फ्लैट के सामने वाले फ्लैट में रहने वाले चंद्रमोहन ने वैज्ञानिक को उनका पानी का टैंक खोलकर अंदर झांकते हुए देख लिया था। अमित के मुताबिक इसके बाद 26 नवंबर को वैज्ञानिक उनके घर भी आए थे। संभवत: वह उन लोगों की हालत देखना चाहते थे। अमित का कहना है कि छह महीने पहले भी उनके पानी के टैंक में केमिकल डाला गया था। तब भी ऐसे ही हालत बिगड़ने पर घर में मौजूद खाने की सभी चीजों को फेंक दिया गया था, लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई थी। थोड़े-थोड़े समय पर परिवार की तबीयत खराब होती रहती थी। सोसाइटी के लोगों के मुताबिक करीब एक वर्ष पहले अमित अग्रवाल का वैज्ञानिक से गलत ढंग से कार चलाकर लाने पर विवाद हुआ था। अमित सोसाइटी के प्रेसिडेंट थे। वैज्ञानिक का अपार्टमेंट के अन्य कई परिवारों से पहले से विवाद चल रहा था। इन परिवार के लोगों की उनसे बातचीत तक बंद थी।
बच्चों की आंखों में सूजन, नहीं जा रहे स्कूल
अमित के तीनों बच्चों की आंखों में सूजन आ गई है। वह पांच दिनों से स्कूल नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को एफआईआर लिखाने के बाद वह दोबारा अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में शिफ्ट हो गए। इंस्पेक्टर प्रेमनगर पंकज वर्मा के मुताबिक पीड़ित परिवार इथाइल ग्लाइकोल पॉइजिनिंग केमिकल के इस्तेमाल किए जाने की बात कह रहा है। इसकी पुष्टि पानी और पाउडर की जांच के बाद होगी।
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आईवीआरआई के वैज्ञानिक से जुड़ा मामला होने के कारण जांच के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना के बाद पुलिस पूछताछ करेगी। मोबाइल डिस्ट्रिब्यूटर के परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
आईवीआरआई वैज्ञानिक डॉ. टी सबरीनाथ प्रेमनगर की राजीव कुंज कॉलोनी स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके पड़ोस के फ्लैट में मोबाइल डिस्ट्रिब्यूटर अमित का परिवार रहता है। अमित का कहना है कि 25 नवंबर को उनकी बड़ी बेटी क्यूटी और जुड़वा बेटी-बेटे अनन्या और अक्षत की स्कूल में हालत बिगड़ गई। क्यूटी सातवीं और अनन्या व अक्षत पहली कक्षा में पढ़ते हैं। दोपहर में स्कूल से फोन आया कि उनके तीनों बच्चे उल्टियां कर रहे हैं। शरीर में सूजन आ गई है। उधर, घर पर अमित और उनकी पत्नी रिचा के शरीर पर भी लाल दाने उभर आए थे।
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पूरा परिवार अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने बताया कि किसी केमिकल के संपर्क में आने की वजह से उनकी हालत बिगड़ी है। इसके बाद अमित ने अपने घर के पानी के टैंक की जांच की तो उसकी पेंदी में सफेद पाउडर जमा मिला। पानी के टैंक में केमिकल पड़ा होने की खबर फैली तो आस-पड़ोस के लोग भी दहशत में आ गए। सोसाइटी की सभी टंकियों की जांच हुई, हालांकि दूसरे घरों के पानी के टैंक में पाउडर नहीं मिला। लोगों ने वैज्ञानिक के फ्लैट पर हंगामा भी किया। दहशत से अमित अपने परिवार सहित रिश्तेदार के घर शिफ्ट हो गए। बृहस्पतिवार को उन्होंने थाना प्रेमनगर में एफआईआर दर्ज कराई।
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पड़ोसी ने देख लिया था टैंक खोलकर झांकते हुए
अमित के फ्लैट के सामने वाले फ्लैट में रहने वाले चंद्रमोहन ने वैज्ञानिक को उनका पानी का टैंक खोलकर अंदर झांकते हुए देख लिया था। अमित के मुताबिक इसके बाद 26 नवंबर को वैज्ञानिक उनके घर भी आए थे। संभवत: वह उन लोगों की हालत देखना चाहते थे। अमित का कहना है कि छह महीने पहले भी उनके पानी के टैंक में केमिकल डाला गया था। तब भी ऐसे ही हालत बिगड़ने पर घर में मौजूद खाने की सभी चीजों को फेंक दिया गया था, लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई थी। थोड़े-थोड़े समय पर परिवार की तबीयत खराब होती रहती थी। सोसाइटी के लोगों के मुताबिक करीब एक वर्ष पहले अमित अग्रवाल का वैज्ञानिक से गलत ढंग से कार चलाकर लाने पर विवाद हुआ था। अमित सोसाइटी के प्रेसिडेंट थे। वैज्ञानिक का अपार्टमेंट के अन्य कई परिवारों से पहले से विवाद चल रहा था। इन परिवार के लोगों की उनसे बातचीत तक बंद थी।
बच्चों की आंखों में सूजन, नहीं जा रहे स्कूल
अमित के तीनों बच्चों की आंखों में सूजन आ गई है। वह पांच दिनों से स्कूल नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को एफआईआर लिखाने के बाद वह दोबारा अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में शिफ्ट हो गए। इंस्पेक्टर प्रेमनगर पंकज वर्मा के मुताबिक पीड़ित परिवार इथाइल ग्लाइकोल पॉइजिनिंग केमिकल के इस्तेमाल किए जाने की बात कह रहा है। इसकी पुष्टि पानी और पाउडर की जांच के बाद होगी।
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आईवीआरआई के वैज्ञानिक से जुड़ा मामला होने के कारण जांच के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना के बाद पुलिस पूछताछ करेगी। मोबाइल डिस्ट्रिब्यूटर के परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी