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व्यवसायी के बेटे को उठाने से पहले बदमाश पकड़े
बरेली।
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:08 AM IST
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कर्मचारीनगर की बाला जी कॉलोनी में रहने वाले आरओ सिस्टम लगाने का काम करने वाले हरपाल मौर्य के घर पर एक साधु अपने मोबाइल नंबर की पर्ची देकर चला गया। हरपाल को इस नंबर पर बात करने पर उनके बेटे की अगवा होने की प्लानिंग की जानकारी दी गई। उन्होंने प्रेमनगर थाने की पुलिस से संपर्क किया। जिसमें बाद पुलिस ने साधु के अतिरिक्त दो बदमाश को पकड़ लिया। खुलासा हुआ कि साधु ने हार्र्टमैन शराब भट्टी पर दो युवकों को शराब पीते हुए अपहरण की योजना बनाते हुए सुना था। जिसके बाद उसने हरपाल के घर पर संपर्क किया था।
अलखनाथ मंदिर पर रह चुके साधु चंदर गिरी ने बताया कि वह 23 दिसंबर को हार्टमैन के पास शराब भट्टी में थे। दो युवकों को उन्होंने कहते हुये सुना कि हरपाल मौर्य के बेटे को अगवा किया जाना है। परसाखेड़ा के जंगल में रखा जाएगा। साधु के मुताबिक हरपाल को वह पहले से जानते थे। मंदिर में हरपाल ने एक बार साधु की मदद की थी। दोनों युवकों के जाने के बाद 24 दिसंबर की शाम पांच बजे साधु हरपाल के घर पहुंचे। हरपाल के घर में नहीं मिलने पर उनके बेटे अभिषेक को मोबाइल नंबर की पर्ची दी थी। हरपाल के फोन करने पर उन्होंने पूरी बात बता दी। जिसके बाद हरपाल ने घबराकर प्रेमनगर थाने पर खबर दी। पुलिस ने शराब भट्टी पर संपर्क करके युवकों का पता किया तो सामने आया कि दोनों हरपाल के पड़ोसी है। पुलिस ने तीनों को पकड़कर थाने में बैठा लिया और लंबी पूछताछ की। जिसके बाद उन्हें बृहस्पतिवार देर शाम छोड़ दिया गया।
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अलखनाथ मंदिर पर रह चुके साधु चंदर गिरी ने बताया कि वह 23 दिसंबर को हार्टमैन के पास शराब भट्टी में थे। दो युवकों को उन्होंने कहते हुये सुना कि हरपाल मौर्य के बेटे को अगवा किया जाना है। परसाखेड़ा के जंगल में रखा जाएगा। साधु के मुताबिक हरपाल को वह पहले से जानते थे। मंदिर में हरपाल ने एक बार साधु की मदद की थी। दोनों युवकों के जाने के बाद 24 दिसंबर की शाम पांच बजे साधु हरपाल के घर पहुंचे। हरपाल के घर में नहीं मिलने पर उनके बेटे अभिषेक को मोबाइल नंबर की पर्ची दी थी। हरपाल के फोन करने पर उन्होंने पूरी बात बता दी। जिसके बाद हरपाल ने घबराकर प्रेमनगर थाने पर खबर दी। पुलिस ने शराब भट्टी पर संपर्क करके युवकों का पता किया तो सामने आया कि दोनों हरपाल के पड़ोसी है। पुलिस ने तीनों को पकड़कर थाने में बैठा लिया और लंबी पूछताछ की। जिसके बाद उन्हें बृहस्पतिवार देर शाम छोड़ दिया गया।
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