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छज्जे की दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:52 AM IST
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Balcony wall collapsed killing three people
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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क्षेत्र के गांव बैरमनगर में चहेल्लुम के मेले में गांव के मेन चौराहे पर ताजियेदारों में मुकाबला हो रहा था। लोग छतों पर चढ़कर मुकाबला देख रहे थे कि इसी बीच अचानक मोबीन खां के मकान का छज्जे की दीवार गिर गई, नीचे खड़े काफी लोग मलबे में दब गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 24 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चार घायलों को हालत नाजुक होने पर लखनऊ रिफर कर दिया है। एसपी देहात ने मौका मुआयना किया है।
गांव बैरमनगर में चहेल्लुम पर ताजियेदारों में मुकाबला चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोग घरों की छतों पर चढ़कर मुकाबला देख रहे थे। इसी बीच मोबीन खां की छत के छज्जे की करीब 15 मीटर लंबी दीवार अधिक लोड के कारण ढह गई। हादसे में बैरमनगर निवासी जाकिर पुत्र हाजी अल्ताफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बैरमनगर के ही तस्लीम ने शेरगढ़ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके अलावा बैरमनगर के मुनव्वर, खुशनुमा, इरशाद, शरीफ खां, साबिर खां, जाकिर हुसैन, नन्ही, पारस शर्मा, फुरकत, नसरुद्दीन, भूरे, इकरार, रासिद, यासीन, अली अहमद, इरशाद, परसाखेड़ा के लियाकत का पुत्र यामूददीन का भतीजा, बल्लिया निवासी मैशर नबी और बहेड़ी थाने के मुड़िया का शवाब समेत कई लोग दबने से गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं मौके पर तैनात पुलिस ने घायलों को तुरंत 108 एवं निजी एंबुलेंस गाड़ियों की मदद से शेरगढ़ अस्पताल भेजा, जहां उपचार के लिए कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। बाद में घायलों को जिला अस्पताल और बरेली के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। देर शाम बरेली के जिला अस्पताल में बैरमनगर के ही सरदार खां (40) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इरशाद, अली अहमद और साबिर और मैसर नबी को हालात नाजुक होने पर लखनऊ रिफर कर दिया है।
दूर दराज से जुलूस देखने आए थे लोग
शेरगढ़। ब्लाक शेरगढ़ के सबसे बडे़ गांव बैरमनगर में प्रतिवर्ष चहेल्लुम का मेला लगता है, जिसमें दूर दराज से बड़ी संख्या लोग हिस्सा लेने के लिए अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां आते हैं। यहां तक कि रात्रि में ग्रामीणों को अपने नाते रिश्तेदारों के रहने के लिए टैंट से गद्दे-लिहाफ तक मंगाने पड़ते हैं। गांव में छह ताजिये बनाये जाते हैं। ताजियों को ढोल नगाड़ों के साथ मुख्य चौराहे पर पहुंचाकर मुकाबला होता है, जिसे देखने के लिए आसपास के घरों की छतों और छज्जों पर काफी भीड़ रहती है। बुधवार को चौराहे पर स्थित मोबीन के मकान की छत पर भी लोगों की काफी भीड़ थी। छत पर थक्का-मुक्की के चलते छज्जे की करीब 15 मीटर लंबी और चार इंच चौड़ी ईंट दीवार गिर गई और बड़े हादसे का सबब बन गई।
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गांव बैरमनगर में चहेल्लुम पर ताजियेदारों में मुकाबला चल रहा था। बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोग घरों की छतों पर चढ़कर मुकाबला देख रहे थे। इसी बीच मोबीन खां की छत के छज्जे की करीब 15 मीटर लंबी दीवार अधिक लोड के कारण ढह गई। हादसे में बैरमनगर निवासी जाकिर पुत्र हाजी अल्ताफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बैरमनगर के ही तस्लीम ने शेरगढ़ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके अलावा बैरमनगर के मुनव्वर, खुशनुमा, इरशाद, शरीफ खां, साबिर खां, जाकिर हुसैन, नन्ही, पारस शर्मा, फुरकत, नसरुद्दीन, भूरे, इकरार, रासिद, यासीन, अली अहमद, इरशाद, परसाखेड़ा के लियाकत का पुत्र यामूददीन का भतीजा, बल्लिया निवासी मैशर नबी और बहेड़ी थाने के मुड़िया का शवाब समेत कई लोग दबने से गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं मौके पर तैनात पुलिस ने घायलों को तुरंत 108 एवं निजी एंबुलेंस गाड़ियों की मदद से शेरगढ़ अस्पताल भेजा, जहां उपचार के लिए कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। बाद में घायलों को जिला अस्पताल और बरेली के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। देर शाम बरेली के जिला अस्पताल में बैरमनगर के ही सरदार खां (40) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इरशाद, अली अहमद और साबिर और मैसर नबी को हालात नाजुक होने पर लखनऊ रिफर कर दिया है।
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दूर दराज से जुलूस देखने आए थे लोग
शेरगढ़। ब्लाक शेरगढ़ के सबसे बडे़ गांव बैरमनगर में प्रतिवर्ष चहेल्लुम का मेला लगता है, जिसमें दूर दराज से बड़ी संख्या लोग हिस्सा लेने के लिए अपने नाते-रिश्तेदारों के यहां आते हैं। यहां तक कि रात्रि में ग्रामीणों को अपने नाते रिश्तेदारों के रहने के लिए टैंट से गद्दे-लिहाफ तक मंगाने पड़ते हैं। गांव में छह ताजिये बनाये जाते हैं। ताजियों को ढोल नगाड़ों के साथ मुख्य चौराहे पर पहुंचाकर मुकाबला होता है, जिसे देखने के लिए आसपास के घरों की छतों और छज्जों पर काफी भीड़ रहती है। बुधवार को चौराहे पर स्थित मोबीन के मकान की छत पर भी लोगों की काफी भीड़ थी। छत पर थक्का-मुक्की के चलते छज्जे की करीब 15 मीटर लंबी और चार इंच चौड़ी ईंट दीवार गिर गई और बड़े हादसे का सबब बन गई।
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