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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Attend the funeral was a killer, police were on watch

अंत्येष्टि में शामिल था एक हत्यारा,पुलिस पर थी नजर

Fri, 07 Oct 2016 01:53 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Fri, 07 Oct 2016 01:53 AM IST
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गायत्रीपुरी में नरेश सेठी परिवार की हत्या करके लूटपाट करने वालेेेेेेेेेेेेेेेेेे देवरनियां थाने के हिस्ट्रीशीटर नंबर 90 ए असद के गैंग का रैकी करने वाला अनिल राजपूत वारदात के अगले दिन अंतिम संस्कार में शामिल होने के बहाने पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शमशान भूमि भी पहुंच गया।
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पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी आरके भारद्वाज ने आज सिलसिलेवार पूरी घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि बताया कि नरेश सेठी, उनकी पत्नी शिखा, बेटी आस्था और बेटे शुभ की हत्या के बाद सिकलापुर, थाना बारादरी का रहने वाला अनिल राजपूत पुलिस और परिवार वालों की गतिविधियों पर निगाह रख रहा था। उसी समय अनिल के मोबाइल पर शंकर का फोन भी आया था। अंतिम संस्कार में होने की बात करते हुए अनिल ने शंकर को चुप रहने की हिदायत देते हुए आइडिया के दूसरे नंबर पर बात करने को कहा था। इस बातचीत के बाद अनिल ने पुराना नंबर बंद कर दिया। एसएसपी ने बताया कि बदमाशों के पास से एक लाख पांच हजार रुपये, 117 ग्राम सोना और 525 ग्राम सोने के जेवरात बरामद हुए हैं। जेवर की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर पकड़े गए चारों बदमाशों को जेल भेज दिया है। 
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बीसलपुर चौराहे पर बनी थी योजना
घटना से पहले 24 सितंबर को गुड्डू, विशाल और शंकर ने ग्रीन पार्क, सिल्वर स्टेट, सौ फिटा रोड वीर सावरकर नगर और महानगर में डकैती की घटना को प्लानिंग करके कुछ मकानों को चिहिन्त किया। उसी दिन तय हो गया था कि घटना के बाद सभी लोग अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर लेंगे। 
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असद, गुड्डू थे बढ़िया कारीगर
प्लानिंग के बाद यह तय हुआ कि दो बढ़िया कारीगर लाने हैं।  असद उर्फ अरशद को शंकर  और   शाहजहांपुर के गुड्डू को बृजेश गुप्ता बढ़िया कारीगर (पेशेवर बदमाश) को तौर पर लाए थे। 
 
स्टेबलाइजर सही करने गया था अनिल
 रैकी करने वाला अनिल  इन्वर्टर नहीं एसी का स्टेबलाइजर सही करने को नरेश सेठी के घर गया था। नरेश सेठी ने बीमा के काम के लिए अपना ऑफिस अनिल के मालिक विशाल की ग्रीन पार्क के पास स्थित इन्वर्टर की दुकान के पास खोल रहा था। इसकी वजह से नरेश उसे जानते थे।

इस तरह आए और गए 
नरेश सेठी के घर लूट करने से पहले बदमाश बीसलपुर चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां गुड्डू फरीदपुर से बृजेश के मोटरसाइकिल पर आया था। अनिल और असद टेंपो से आए। घटनास्थल पर आने को बृजेश ने असद को भी बाइक पर बैठा लिया था। अनिल टेंपो से वीर सावरकर नगर तक आकर आगे पैदल आ गया। बाइक घटनास्थल से 500 मीटर दूर सड़क किनारे खड़ी कर दी। वहां से सभी पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचे। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश बगल से मकान की छत से होकर बाहर झाड़ी वाले प्लाट से कूदकर पार्क की तरफ आ गए। अनिल ने गेट पर लगी बल्ली को उसी स्थान पर रख दिया, जिस निर्माणधीन मकान से उठाई थी।  घटना के बाद अनिल पैदल ही डेलापीर चला गया। वहां से टेंपो पकड़कर अपने घर जाकर सोया। मोटर साइकिल से बृजेश और गुड्डू फरीदपुर चले गए जबकि असद पीलीभीत बाईपास से अपने घर जाने की बात कहकर निकल गया।
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इस तरह मारा था चारों को
बरेली। 
पकड़े गए हत्यारों का कहना है कि नरेश सेठी ने अनिल को पहचान लिया था इसीलिए  असद  और  गुड्डू  ने सबको मार डाला। नरेश के सिर पर टायर लिवर से हमला कर दिया। नरेश ने फड़फड़ाने की कोशिश की तो अनिल उनके सीने पर बैठ गया। इसी बीच असद ने उसी रॉड से शिखा भी मार डाला। 
 एसएसपी  ने दावा किया कि गायत्रीपुरी में ब्यूटी पॉर्लर के सामने पेड़ के सहारे ग्रिल पर रस्सी बांधकर बदमाश छत से सीढ़ी पर होकर नीचे आए। असद और अनिल किचन की खिड़की का एंगल निकालकर अंदर दाखिल हो गए और दरवाजा खोलकर अपने साथी बृजेश गुप्ता और गुड्डू को बुला लिया। गुड्डू के पास भी लोहे की एक छोटी सी रॉड थी। असद और अनिल ने कमरे में जिस समय नरेश सेठी और उनकी पत्नी की हत्या की उनका बेटा शुभ चीख सुनकर उठकर खड़ा हो गया। उसे बृजेश ने पकड़कर बिस्तर पर औंधे मुंह गिरा लिया। गुड्डू ने उसके सिर पर हमला करके मार डाला। आस्था ने भागकर जान बचाने की कोशिश की। वह जमीन पर गिर पड़ी। गुड्डू ने उसके सिर पर वहीं हमला करके मार डाला। घटना के बाद असद ने नरेश से सेफ तोड़ी और उसमें कपड़े व सामान भर लिया। इस दौरान कुछ सिक्के और घड़ी बृजेश ने अपनी जेब में रख ली। 

ये गए जेल
बृजेश गुप्ता पुत्र रघुनंदन गुप्ता, निवासी मोहल्ला फर्रखनगर कस्बा फरीदपुर -315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस, एक मोटर साइकिल, 27 हजार रुपये, 43 ग्राम सोने और 258 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद हुए और लोहे का टायर लिवर(रॉड) भी बरामद हुआ।
अनिल राजपूत पुत्र हरिओम राजपूत, निवासी सिकलापुर, थाना बारादरी- गैंगस्टर समेत चार मुकदमे थाना बारादरी में ही दर्ज हैं। एक मुकदमा प्रेमनगर में दर्ज है। इसके पास से 28,500 रुपये, मोबाइल, सोने के 74 ग्राम और चांदी के 267 ग्राम जेवरात बरामद हुए हैं। 
विशाल अग्रवाल पुत्र अशोक, निवासी दिव्य प्रकाश प्रेस के पास, प्रेमनगर।
शंकर लाल पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम पंडेरा फार्म इस्माईलपुर, थाना शेरगढ़ - इसके पास से 23 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। 
फरार लुटेरे
असद उर्फ अरशद उर्फ पुत्र शमशाद निवासी मोहल्ला घेर कस्बा रिछा- पीलीभीत के जहानाबाद में लूट, शाही में डकैती, और प्रेमनगर में चोरी का मुकदमा ।
गुड्डू, शाहजहांपुर -शाहजहांपुर का  बेहद शातिर अपराधी है।  दूसरी रॉड उसी के पास थी 
 
ये हैं गैंग के कोड  
विकेट गिराना : हत्या करना
नानवेज : हत्या करना
मटन पनीर : बांधकर डालना
फावड़ा : असलाह
प्लाट देखना : रैकी करना
कारीगर : पेशेवर हत्यारा
नौकरी लगना :  माल मिलना
 
बृजेश और विशाल तो कर्ज में टूटे गए थे
 बृजेश का फरीदपुर में कपड़े का काम है तो विशाल का इन्वर्टर का। दोनों पर लाखों रुपये का कर्ज है। अनिल ने बताया था कि  यहां ठीक-ठाक माल मिलने की उम्मीद है।  महानगर में रैकी के दौरान सीसीटीवी ज्यादा लगे होने के बाद वहां घटना इस गैंग ने नहीं की थी। 

 
बृजेश से तमंचे से गिरा था कारतूस
 नरेश सेठी के घर में मिला कारतूस बृजेश के तमंचे का था। अनिल का फुट प्रिंट भी मौके से मिला था। उसका मिलान भी करा लिया है।

बड़ा बाईपास से दिखाई गिरफ्तारी
पुलिस ने चारों बदमाशों की गिरफ्तारी बड़ा बाईपास लालपुर तिराहे के पास मंदिर से दिखाई है। गिरफ्तारी में टीम लीडर इंस्पेक्टर इज्जतनगर रामगोपाल शर्मा को बनाया गया है। टीम में कई दरोगा शामिल हैं।  एसपी सिटी समीर सौरभ की टीम के सिपाही मोबीन, अरुण यादव, योगेश सिंह, मोहम्मद याकूब, मनोज यादव, नागेंद्र सिंह  सीबीगंज की परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज अरुण कुमार और सिपाही तंजील अहमद और क्राइम ब्रांच का सिपाही रविंद्र कुमार भी टीम में शामिल है। 

25 हजार रुपये का इनाम मिला
आईजी विजय सिंह मीना ने 15 हजार, डीआईजी ने 10 हजार और एसएसपी ने 5 हजार रुपये खुलासा करने वाली टीम को देने की घोषणा की है। 
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