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सेना भर्ती का ‘महाठग’ गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:48 AM IST
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अारोपी संजय
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भाई को कर्नल बताकर सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने के आरोपी संजय पांडे को पीड़ितों ने कैंट इलाके से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। आरोपी बिहार के जिला जहानाबाद थाना पाइबिघा के घेंजर गांव का रहने वाला है। संजय ने सबसे बड़ी रकम 15 लाख रुपये वीर सावरक र नगर में रहने वाले दो लड़कों से भर्ती कराने के लिए ठगी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके पूछताछ करने के बाद जेल भिजवा दिया।
वीर सावरकर नगर निवासी संजय कुमार ने वर्ष 2014 में अपने परिवार के दो लड़कों को सेना में भर्ती कराने के लिए बिहार के संजय पांडे को 15 लाख रुपये दिए थे। संजय पांडे उस समय नकटिया में जमुना प्रसाद के मकान में किराए पर रहता था। उसने भर्ती होने वालों को झांसा दिया था कि उसका भाई सेना में कर्नल है। 2015 में लगने वाले मेले में वह भर्ती करा देगा, लेकिन इसके बाद आरोपी भाग गया। काफी तलाशने के बाद भी संजय पांडे का पता नहीं लग पाया। संजय पांडे नई दिल्ली के नाथन बिहार थाना रनहोला में जाकर रहने लगा। इसके बाद उसने ठगी के लिए फरीदपुर को अपना ठिकाना बनाया। चुपचाप फिर से नकटिया में किराए का कमरा लेकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। बेरोजगारों को फंसाने के लिए उसने सिक्योर कंपनी में नौकरी कर ली। इस दौरान और भी कई लोगों को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर संजय पांडे ने लाखों रुपये ठग लिए। इसी बीच 15 लाख देने वाले संजय कुमार को किसी तरह संजय पांडे के नकटिया में रहने की भनक लग गई। वह उसे पकड़ने के लिए लग गए। रविवार को परिवार वालों की मदद से संजय पांडे को नकटिया से दबोच लिया और पीटते हुए कैंट थाने ले गए। विवेचक एसएसआई रामपाल सिंह ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करके जेल भिजवा दिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने कई साथियों के नाम बताए हैं। उनके बारे में जानकारी कराई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई हाथ नहीं लग पाया है।
ठगी करके गोमती नगर में फ्लैट खरीदा
संजय पांडे ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने के बाद गोमती नगर में फ्लैट खरीद लिया। पुलिस ने उससे काफी कड़ाई से फ्लैट के बारे में जानकारी की, लेकिन उसने फ्लैट का नंबर नहीं बताया। संजय पांडे के फ्लैट के बारे में पुलिस ने पता लगाना शुरू कर दिया है। ठगी से अर्जित की गई संजय की संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही है।
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कैश लेने पर रहता था ज्यादा जोर
संजय पांडे बेरोजगारों को सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देने के बाद वह रुपये लेने के लिए कैश पर ही जोर देता था। वीर सावरकर नगर के दोनों लड़कों से संजय ने खाते के जरिए सिर्फ 80 हजार रुपये ही लिए थे। बाकी रकम उसने कैश ही ली है।
ठगी के आरोपी संजय पांडे का भाई सेना में सिपाही है। वह अपने भाई को कर्नल बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। छह लोगों ने उसके खिलाफ गवाही दी है। यह भी पता कराया जा रहा है कि उसने किन और लोगों को ठगा है। उसके गैंग में कौन-कौन शामिल हैं, यह भी पता कराया जा रहा है-ब्रजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कैंट
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वीर सावरकर नगर निवासी संजय कुमार ने वर्ष 2014 में अपने परिवार के दो लड़कों को सेना में भर्ती कराने के लिए बिहार के संजय पांडे को 15 लाख रुपये दिए थे। संजय पांडे उस समय नकटिया में जमुना प्रसाद के मकान में किराए पर रहता था। उसने भर्ती होने वालों को झांसा दिया था कि उसका भाई सेना में कर्नल है। 2015 में लगने वाले मेले में वह भर्ती करा देगा, लेकिन इसके बाद आरोपी भाग गया। काफी तलाशने के बाद भी संजय पांडे का पता नहीं लग पाया। संजय पांडे नई दिल्ली के नाथन बिहार थाना रनहोला में जाकर रहने लगा। इसके बाद उसने ठगी के लिए फरीदपुर को अपना ठिकाना बनाया। चुपचाप फिर से नकटिया में किराए का कमरा लेकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। बेरोजगारों को फंसाने के लिए उसने सिक्योर कंपनी में नौकरी कर ली। इस दौरान और भी कई लोगों को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर संजय पांडे ने लाखों रुपये ठग लिए। इसी बीच 15 लाख देने वाले संजय कुमार को किसी तरह संजय पांडे के नकटिया में रहने की भनक लग गई। वह उसे पकड़ने के लिए लग गए। रविवार को परिवार वालों की मदद से संजय पांडे को नकटिया से दबोच लिया और पीटते हुए कैंट थाने ले गए। विवेचक एसएसआई रामपाल सिंह ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करके जेल भिजवा दिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने कई साथियों के नाम बताए हैं। उनके बारे में जानकारी कराई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई हाथ नहीं लग पाया है।
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ठगी करके गोमती नगर में फ्लैट खरीदा
संजय पांडे ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने के बाद गोमती नगर में फ्लैट खरीद लिया। पुलिस ने उससे काफी कड़ाई से फ्लैट के बारे में जानकारी की, लेकिन उसने फ्लैट का नंबर नहीं बताया। संजय पांडे के फ्लैट के बारे में पुलिस ने पता लगाना शुरू कर दिया है। ठगी से अर्जित की गई संजय की संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही है।
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कैश लेने पर रहता था ज्यादा जोर
संजय पांडे बेरोजगारों को सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देने के बाद वह रुपये लेने के लिए कैश पर ही जोर देता था। वीर सावरकर नगर के दोनों लड़कों से संजय ने खाते के जरिए सिर्फ 80 हजार रुपये ही लिए थे। बाकी रकम उसने कैश ही ली है।
ठगी के आरोपी संजय पांडे का भाई सेना में सिपाही है। वह अपने भाई को कर्नल बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। छह लोगों ने उसके खिलाफ गवाही दी है। यह भी पता कराया जा रहा है कि उसने किन और लोगों को ठगा है। उसके गैंग में कौन-कौन शामिल हैं, यह भी पता कराया जा रहा है-ब्रजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कैंट