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Ambedkar Nagar News: तालाब की जमीन का 14.25 लाख में कराया बैनामा
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अंबेडकरनगर। इब्राहिमपुर क्षेत्र में तालाब खाते की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के जरिये संक्रमणीय भूमिधरी बताकर करीब 14.25 लाख रुपये में बैनामा कराने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टांडा पुलिस ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामपुर खजावां निवासी विक्रम के अनुसार, उन्होंने मीठेपुर गांव में जमीन खरीदने के लिए गांव निवासी राम अजोर से संपर्क किया था। भूमि का सौदा 12.25 लाख रुपये में तय हुआ। बैनामा और अन्य प्रक्रिया में करीब दो लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इसके बाद 20 मार्च 2026 को उपनिबंधक कार्यालय टांडा में बैनामा करा दिया गया।
विक्रम का आरोप है कि खरीदी गई जमीन राजस्व अभिलेखों में तालाब खाते की दर्ज है। चकबंदी के पत्र 41 और 45 में भी भूमि पर तालाब अंकित है। आरोप है कि राम अजोर ने अपने पुत्र परशुराम और पौत्र राम आशीष की मदद से कूटरचित खतौनी तैयार कर भूमि को संक्रमणीय भूमिधरी के रूप में दर्ज कराया। इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन को भूमिधरी बताकर उसका बैनामा कराया गया।
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बाद में जमीन की पैमाइश कराने पर विक्रम को वास्तविक स्थिति की जानकारी हुई। उन्होंने आरोपियों से रुपये वापस करने और जमीन वापस लेने को कहा। आरोप है कि इस पर तीनों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और भगा दिया। थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने एसपी से शिकायत की। इंस्पेक्टर दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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रामपुर खजावां निवासी विक्रम के अनुसार, उन्होंने मीठेपुर गांव में जमीन खरीदने के लिए गांव निवासी राम अजोर से संपर्क किया था। भूमि का सौदा 12.25 लाख रुपये में तय हुआ। बैनामा और अन्य प्रक्रिया में करीब दो लाख रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इसके बाद 20 मार्च 2026 को उपनिबंधक कार्यालय टांडा में बैनामा करा दिया गया।
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विक्रम का आरोप है कि खरीदी गई जमीन राजस्व अभिलेखों में तालाब खाते की दर्ज है। चकबंदी के पत्र 41 और 45 में भी भूमि पर तालाब अंकित है। आरोप है कि राम अजोर ने अपने पुत्र परशुराम और पौत्र राम आशीष की मदद से कूटरचित खतौनी तैयार कर भूमि को संक्रमणीय भूमिधरी के रूप में दर्ज कराया। इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन को भूमिधरी बताकर उसका बैनामा कराया गया।
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बाद में जमीन की पैमाइश कराने पर विक्रम को वास्तविक स्थिति की जानकारी हुई। उन्होंने आरोपियों से रुपये वापस करने और जमीन वापस लेने को कहा। आरोप है कि इस पर तीनों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और भगा दिया। थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने एसपी से शिकायत की। इंस्पेक्टर दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।