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आतंकवादियों की पेशी के दौरान हमले का खतरा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 24 Apr 2018 06:21 PM IST
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यूपी पुलिस
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रामपुर में 11 साल पहले सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के मामले में बरेली सेंट्रल जेल में बंद पांच आतंकियों को छुड़ाने के लिए हमले की आश्ंाका है। सेंट्रल जेल अधीक्षक ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से जेल में बंद पांचों आरोपियों को रामपुर न्यायालय में पेश करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा मांगी है। 25 अप्रैल को इन्हें अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामपुर की अदालत में पेश किया जाना है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार बरेली की ओर से डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह और एसएसपी जोगेंद्र कुमार को पत्र लिखकर बताया गया कि रामपुर सीआरपीएफ सेंटर में हुए आतंकी हमले के आरोपी पांच बंदियों की पेशी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत रामपुर में 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे है। पांचों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में पेश किया जाना है। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करें।
सेंट्रल जेल प्रशासन हमले के आरोपियों की पेशी को लेकर बेहद अलर्ट है। वह न्यायालय में आरोपियों की पेशी के दौरान किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहता। खुफिया एजेंसियां भी मानती हैं कि पाक प्रायोजित आतंकी सीआरपीएफ कैंप हमले के आरोपियों को छुड़ाने के लिए किसी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसीलिए अतिरिक्त सुरक्षा मांगी गई है।
क्या था मामला
31 जनवरी 2007 को रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आठ आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया था। इसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ ने मुठभेड़ के दौरान आठ आतंकियों को जिंदा पकड़ा था। इनमें एक पाक अधिकृत कश्मीर से था। आठ में से हमले के पांच आरोपी मोहम्मद शरीफ उर्फ सुहेल, मोहम्मद कौसर, गुलाब खां, जंगबहादुर और फहीम अंसारी बरेली सेंट्रल में बंद हैं।
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आतंकियों की पेशी पर भेजने के दौरान पुलिस प्रशासन से व्यापक सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए पत्राचार किया जाता है। यह हमारी रूटीन प्रक्रिया है। इसी के तहत अतिरिक्त सुरक्षा मांगी गई है।
- शशि श्रीवास्तव, डीआईजी जेल
सेंट्रल जेल में रामपुर आतंकी हमले के आरोप में बंद आरोपियों की पेशी के लिए हमसे सुरक्षा मांगी गई है। पेशी के दौरान सेंट्रल जेल प्रशासन को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी बरेली
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सेंट्रल जेल प्रशासन हमले के आरोपियों की पेशी को लेकर बेहद अलर्ट है। वह न्यायालय में आरोपियों की पेशी के दौरान किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहता। खुफिया एजेंसियां भी मानती हैं कि पाक प्रायोजित आतंकी सीआरपीएफ कैंप हमले के आरोपियों को छुड़ाने के लिए किसी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसीलिए अतिरिक्त सुरक्षा मांगी गई है।
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क्या था मामला
31 जनवरी 2007 को रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आठ आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया था। इसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ ने मुठभेड़ के दौरान आठ आतंकियों को जिंदा पकड़ा था। इनमें एक पाक अधिकृत कश्मीर से था। आठ में से हमले के पांच आरोपी मोहम्मद शरीफ उर्फ सुहेल, मोहम्मद कौसर, गुलाब खां, जंगबहादुर और फहीम अंसारी बरेली सेंट्रल में बंद हैं।
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आतंकियों की पेशी पर भेजने के दौरान पुलिस प्रशासन से व्यापक सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए पत्राचार किया जाता है। यह हमारी रूटीन प्रक्रिया है। इसी के तहत अतिरिक्त सुरक्षा मांगी गई है।
- शशि श्रीवास्तव, डीआईजी जेल
सेंट्रल जेल में रामपुर आतंकी हमले के आरोप में बंद आरोपियों की पेशी के लिए हमसे सुरक्षा मांगी गई है। पेशी के दौरान सेंट्रल जेल प्रशासन को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी बरेली