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कोटे के चुनाव मेें एडीओ और सचिव को भीड़ ने पीटा

बहेड़ी।  Updated Wed, 24 May 2017 12:50 AM IST
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कोटे के चुनाव मेें एडीओ और सचिव को भीड़ ने पीटा
कोटे के चुनाव मेें एडीओ और सचिव को भीड़ ने पीटा - फोटो : कोटे के चुनाव मेें एडीओ और सचिव को भीड़ ने पीटा

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उनई खालसा गांव के प्राइमरी स्कूल में राशन कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर हुई खुली बैठक में बवाल हो गया। यहां भिड़े दो पक्षों को शांत कराने की कोशिश की तो एक पक्ष ने एडीओ कृषि और ग्राम पंचायत अधिकारी को पीटना शुरू कर दिया। एडीओ पंचायत ने लाइसेंसी रिवाल्वर से हवाई फायर करने की कोशिश की तो उनका रिवाल्वर ग्रामीणों ने छीन लिया। वहां मौजूद दो सिपाहियों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो ग्रामीणों ने सिपाहियों को भी स्कूल ग्राउंड में दौड़ाकर पीटा। सूचना पर थाने से भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को वहां से हटाया। आठ लोगों को पुलिस थाने पकड़ लाई और शांतिभंग में चालान कर दिया। 
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उनई खालसा गांव की कांती देवी, नन्ही देवी और उर्मिला देवी गांव के कोटेदार पद पर दावेदार थीं। मंगलवार को गांव के प्राइमरी स्कूल में कोटे के आवंटन को चल रही खुली बैठक में प्रस्ताव के लिए इन्होंने अपने प्रमाणपत्र पेश किए। नन्ही देवी ने सरेंडर कर दिया। उर्मिला ने अपने फोटोस्टेट दस्तावेज एडीओ कृषि सुरेश कुमार और ग्राम पंचायत अधिकारी क्षेत्रपाल सिंह को दिए। उनसे असली प्रमाणपत्र लाने को कहा गया तो उन्होंने इंकार कर दिया। फोटोस्टेट में गड़बड़ी पर आवेदन निरस्त कर दिया गया। तब उर्मिला ने नन्हीं देवी को आवेदन पेश करने का समय देने की मांग की। इसके बाद दोनों पक्ष के लोग आमने सामने आ गए। 

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एडीओ कृषि सुरेश कुमार ने लाइसेंसी रिवाल्वर से हवाई फायर करने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने रिवाल्वर छीन लिया। उसके बाद एक पक्ष लोग एडीओ सुरेश कुमार और सचिव क्षेत्रपाल को पीटने लगे। उनके कपडे़ फाड़ डाले। वहां लगी कुर्सी व मेज तोड़ दी। सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए दो सिपाहियों ने झगड़ा रोकने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उनसे भी मारपीट की। एक सिपाही ने इंस्पेक्टर को फोन कर मदद के लिए फोर्स मांगी। इसके बाद इंस्पेक्टर  पुलिस बल के साथ गांव आ गए। पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ दिया। आठ लोगों को पुलिस थाने ले आई। इनका शांतिभंग में चालान कर दिया। उधर, एडीओ और सचिव ने कई ग्रामीणों को नामजद करते हुए तहरीर पुलिस को दी है। देर रात तक इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। 
एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी दूसरे पक्ष की कांति देवी से मिल गए थे। उन्होंने पहले कहा कि प्रमाण पत्र के फोटो स्टेट लाना, बाद में मूल पत्र न लाने का कारण बताकर आवेदन निरस्त कर दिया। हमने नन्हीं देवी का आवेदन भी निरस्त करने की मांग की तो अधिकारी राजी नहीं हुए। बोले, कोटा कांति देवी का ही होगा। इसी बात पर झगड़ा हुआ। - उर्मिला देवी, कोटे की दावेदार 
इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोटे का आवंटन शांतिपूर्ण माहौल में होना चाहिए था। पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है। इसके अलावा कर्मचारियों से मारपीट करने वालों पर मुकदमा कायम कराया जाएगा। - जलालुद्दीन, तहसीलदार बहेड़ी 
अगर समय से पुलिस नहीं पहुंचती तो ग्रामीण मेरा और ग्राम पंचायत अधिकारी का जाने क्या हाल करते। वो तो वहां मौजूद सिपाहियों को भी पीट रहे थे। मेरी लाइसेंसी रिवाल्वर भी छीन ली, काफी मिन्नत करने के बाद रिवाल्वर वापस की। - सुरेश कुमार एडीओ कृषि
ग्रामीणों ने मेरे कपडे़ फाड़ दिए। मारपीट करते हुए मेरा थैला छीन ले गए, जिसमें सरकारी अभिलेख थे। मैं फोन पर बीडीओ को जानकारी देने की कोशिश कर रहा था तो एक हमलावर मेरा मोबाइल छीनकर ले गया। - क्षेत्रपाल सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी
एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। हंगामा हुआ जिस पर आठ लोगों का शांति भंग में चालान कर दिया गया है। अगर एडीओ  की ओर से तहरीर मिलेगी तो मुकदमा कायम करेंगे। - अमरनाथ वर्मा, इंस्पेक्टर बहेड़ी 

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