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मजदूरी मांगने पर रिटायर्ड फौजी ने राजमिस्त्री को गोली से उड़ाया

Thu, 27 Dec 2018 01:27 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Thu, 27 Dec 2018 01:27 AM IST
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मजदूरी मांगने पर रिटायर्ड फौजी ने राजमिस्त्री को गोली से उड़ाया
बरेली। बारादरी थाने की तुलसीनगर कॉलोनी में बुधवार रात रिटायर्ड फौजी ने मजदूरी मांगने आए राजमिस्त्री की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। मिस्त्री के भाई पर डंडे से हमला कर दिया। बाद में फौजी ने खुद को पुलिस के हवाले कर आत्मरक्षा में फायर करना स्वीकारा। फौजी और उसके बेटे के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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पशुपति विहार कॉलोनी निवासी मौलाना शुजात हुसैन ने बताया कि उनका बड़ा बेटा शादाब राजमिस्त्री है। छोटा बेटा 28 वर्षीय नूर मोहम्मद भी उसके साथ काम करता था। दोनों भाइयों ने रिटायर्ड फौजी रफीक अहमद के मकान के बाहर टायल लगाई थीं। इसका खर्च 14 हजार रुपये आया, इसमें से 7500 रुपये रफीक ने दे दिए। बाकी 6500 रुपये देने के लिए शादाब तीन दिन से तकाजा कर रहा था। सुबह शादाब नमे तकाजा किया तो रफीक ने उसे शाम को मजदूरी लेने बुलाया। शादाब अपने पार्टनर वसीम के साथ गया तो रफीक ने बाहर बैठने को कह दिया और नमाज पढ़ने चला गया। एक घंटे बाद लौटा तो शादाब ने रुपये मांगे। इस पर रफीक गुस्से में बोला कि उस पर कोई बकाया नहीं है, भाग जाओ। तब शादाब ने कॉल करके अपने पिता शुजात हुसैन और भाई नूर मोहम्मद को बुला लिया। इन लोगों ने समझाने की कोशिश की तो रफीक गालियां देने लगा। विवाद बढ़ने पर रफीक ने अलाव से जलती लकड़ी उठाकर शादाब के सिर पर मार दी। बाद में पिस्टल से नूर मोहम्मद के सीने में गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एसआई गौरव विश्नोई पहुंचे तो रफीक ने खुद को उनके हवाले कर पिस्टल भी सौंप दी। सीओ थर्ड अशोक मीना ने मुआयना किया। प्रभारी कोतवाल वेदप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मजदूरी के विवाद में हत्या हुई है, मुख्य आरोपी हिरासत में है।
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आरोपी रफीक बोला- आत्मरक्षा में चलाई गोली
थाने में बैठे रफीक ने बताया कि मजदूरी देने से इंकार नहीं किया था, सुबह आने को कहा था। तब शादाब ने कई लोगों को बुलाकर दरवाजे पर हंगामा शुरू कर दिया। उन पर तमंचा तान दिया। उन्होंने यूपी-100 को कॉल की पर फोन नहीं लगा। तब बेटे वासिद को चौकी पर सूचना देने भेजा। खतरा भांपकर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलाई, वह किसे लगी उन्हें नहीं पता। रफीक पिछली साल ही बंगाल के बैकडुब्बी में सेना के सूबेदार पद से रिटायर हुआ है। मूल रूप से भमोरा के हर्रामपुर गांव का रहने वाला है, यहां नया मकान बनवाया है।
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साल भर में ही बेवा हुई रेहाना
नूर मोहम्मद आठ भाइयों में छठे नंबर का था। पिछले साल ही उसकी शादी ढकनी निवासी रेहाना से हुई थी। कोई बच्चा नहीं था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। रेहाना तो बेसुध हो गई है।
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