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दहशत ऐसी कि दूसरे दिन भी कॉलेज नहीं गए कई छात्र
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फरीदपुर (बरेली)। हादसे के बाद पांच किमी तक बाइक को फंसाकर दौड़ी और फिर जलकर खाक हुई लोटस कॉलेज की बस दूसरे दिन भी घटनास्थल पर खड़ी रही। वहां से गुजरे बच्चों ने जब जली हुई बस देखी तो सिहर उठे। इस बस में बैठने वाले कई बच्चे तो शुक्रवार को दहशत के चलते कॉलेज ही नहीं गए। उनके परिजन भी खासे घबराए हुए हैं।
गुरुवार दोपहर बाद कॉलेज के करीब 45 छात्र-छात्राओं को लेकर फरीदपुर और कटरा जा रही बस हादसे का शिकार हो गई थी। बस ने केसरपुर कट के पास एक बाइक रौंदी। इस पर बैठे व्यापारी राकेश की मौत हो गई जबकि उनका बेटा रवि घायल हो गया। उनकी बाइक बस के नीचे फंस गई। बाइक में आग लगी तो बस रुकवाने को कई बाइक सवार पीछे दौड़े पर ड्राइवर बशीर ने पिटाई के डर से बस नहीं रोकी। टोल प्लाजा पर दरोगा ने रिवाल्वर दिखाकर बस रुकवाई तो बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद बस पूरी तरह से जल गई। शुक्रवार सुबह रोड किनारे खड़ी बस को देखकर यहां से गुजरे दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी भी सहम गए। संबंधित कॉलेज के कई विद्यार्थी घर में ही रहे। इनमें बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा नवप्रीत कौर भी शामिल थी। नवप्रीत ने बताया कि उन्हें बस से निकलना मुश्किल हो गया था। बस के पिछले हिस्से में आग की लपटें तेजी से उठ रही थीं। वे लोग गेट की तरफ दौड़ते हुए चीखपुकार कर रहे थे। नवप्रीत के घरवालों का कहना था कि वाहेगुरु के करम से उनकी बच्ची और बच्चे बच गए। स्कूल प्रबंधन को देखभाल कर अच्छी छवि के ड्राइवर ही रखने चाहिए।
रिपोर्ट दर्ज, थाने में गुमसुम बैठा रहा बशीर
हाईवे पर कॉलेज की बस से हुए हादसे में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। राकेश के दूसरे बेटे विशाल की ओर से बस नंबर और ड्राइवर बशीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ रामानंद राय ने बताया कि ड्राइवर की लापरवाही और फिर घबराहट की वजह से ही घटना हुई। देर होती तो गजब हो जाता। ड्राइवर को शनिवार को जेल भेजा जाएगा।
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पिता का शव देख बेहोश हुई अंजू
राकेश राठौर की मौत और रवि की नाजुक हालत की वजह से परिवार समेत पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया। मोहल्ला महादेव निवासी राकेश बेटे रवि के साथ बेटी अंजू की नौ मार्च को होने वाली शादी के कार्ड बांटने निकले थे, तभी ये घटना हो गई। अंजू को पिता की मौत के बारे में शुक्रवार शाम तक नहीं बताया गया। कहा गया कि पिता और भाई दोनों भर्ती हैं। शाम साढ़े पांच बजे जब राकेश का शव पहुंचा तो अंजू को बड़ा सदमा लगा। वह कभी रोती तो कभी बेहोश हो जाती थी। मोहल्ला परा के श्मशान में राकेश की अंत्येष्टि की गई।
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गुरुवार दोपहर बाद कॉलेज के करीब 45 छात्र-छात्राओं को लेकर फरीदपुर और कटरा जा रही बस हादसे का शिकार हो गई थी। बस ने केसरपुर कट के पास एक बाइक रौंदी। इस पर बैठे व्यापारी राकेश की मौत हो गई जबकि उनका बेटा रवि घायल हो गया। उनकी बाइक बस के नीचे फंस गई। बाइक में आग लगी तो बस रुकवाने को कई बाइक सवार पीछे दौड़े पर ड्राइवर बशीर ने पिटाई के डर से बस नहीं रोकी। टोल प्लाजा पर दरोगा ने रिवाल्वर दिखाकर बस रुकवाई तो बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद बस पूरी तरह से जल गई। शुक्रवार सुबह रोड किनारे खड़ी बस को देखकर यहां से गुजरे दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी भी सहम गए। संबंधित कॉलेज के कई विद्यार्थी घर में ही रहे। इनमें बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा नवप्रीत कौर भी शामिल थी। नवप्रीत ने बताया कि उन्हें बस से निकलना मुश्किल हो गया था। बस के पिछले हिस्से में आग की लपटें तेजी से उठ रही थीं। वे लोग गेट की तरफ दौड़ते हुए चीखपुकार कर रहे थे। नवप्रीत के घरवालों का कहना था कि वाहेगुरु के करम से उनकी बच्ची और बच्चे बच गए। स्कूल प्रबंधन को देखभाल कर अच्छी छवि के ड्राइवर ही रखने चाहिए।
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रिपोर्ट दर्ज, थाने में गुमसुम बैठा रहा बशीर
हाईवे पर कॉलेज की बस से हुए हादसे में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। राकेश के दूसरे बेटे विशाल की ओर से बस नंबर और ड्राइवर बशीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ रामानंद राय ने बताया कि ड्राइवर की लापरवाही और फिर घबराहट की वजह से ही घटना हुई। देर होती तो गजब हो जाता। ड्राइवर को शनिवार को जेल भेजा जाएगा।
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पिता का शव देख बेहोश हुई अंजू
राकेश राठौर की मौत और रवि की नाजुक हालत की वजह से परिवार समेत पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया। मोहल्ला महादेव निवासी राकेश बेटे रवि के साथ बेटी अंजू की नौ मार्च को होने वाली शादी के कार्ड बांटने निकले थे, तभी ये घटना हो गई। अंजू को पिता की मौत के बारे में शुक्रवार शाम तक नहीं बताया गया। कहा गया कि पिता और भाई दोनों भर्ती हैं। शाम साढ़े पांच बजे जब राकेश का शव पहुंचा तो अंजू को बड़ा सदमा लगा। वह कभी रोती तो कभी बेहोश हो जाती थी। मोहल्ला परा के श्मशान में राकेश की अंत्येष्टि की गई।