{"_id":"5c02ee97bdec2241ad18b131","slug":"71543696023-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महीने भर से अकेली अम्मा का घर में मिला शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महीने भर से अकेली अम्मा का घर में मिला शव
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कुसुमनगर में रहने वाली अम्मा शनिवार दोपहर तक घर से बाहर नहीं निकलीं तो पड़ोसी आशंकित हो गए। दरवाजा खुलवाने की कोशिश नाकाम होने पर पड़ोसियों ने यूपी-100 को खबर दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो बेड पर अम्मा का शव पड़ा मिला। पड़ोसियों ने बताया- एक महीने से अम्मा अकेली थीं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। दोनों बेटे जयपुर में रहते हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कुसुमनगर की 65 वर्षीय दमयंती देवी अपने घर में एक महीने से अकेली थीं। उनके पति रामप्रकाश जायसवाल की पिछले साल बीमारी से मौत हो चुकी है। सुधीर और संजय दो बेटे हैं, लेकिन दोनों जयपुर में रहकर नौकरी करते हैं। शनिवार सुबह दमयंती के बड़े बेटे का साला घर पहुंचा, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों ने बताया कि अम्मा के सुबह से घर से बाहर नहीं आने पर वे लोग भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर चुके हैं। इसके बाद यूपी-100 को खबर दी गई। पुलिस दीवार फांदकर अंदर घुसी और दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची। वहां दमयंती देवी का शव बेड पर पड़ा मिला।
मकान के विवाद से परेशान थी दमयंती
कॉलोनी की प्लाटिंग करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि घर पर कब्जेदारी को लेकर परिवार में विवाद था। एक बेटे की बीवी नहीं चाहती थी कि दमयंती यहां रहें। उन्हें परेशान करने के लिए एक बेटे ने घर में किरायेदार रख दिया था। बेटे ने कुछ महीने पहले घर में ताला भी डाल दिया था। तब दमयंती ताला तुड़वाकर घर के अंदर घुसी थीं। एक बहू का मायका हरूनगला में है। इंस्पेक्टर कृष्णवीर ने बताया कि दोनों बेटों को खबर दी गई है। ऐसा लगता है कि बीमारी से मौत हुई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन
एक महीने पहले ही जयपुर से लौटी थीं
घटना की सूचना मिलने पर पहुंचीं दमयंती की जेठानी धन देवी ने बताया कि दमयंती एक महीने पहले ही जयपुर से अपने बेटेे के पास से लौटी थीं। उससे पहले वह अपने भाई के घर पर थीं। उनकी छोटी बहू की मां उन्हें बरेली छोड़कर गईं थीं।
विज्ञापन
कुसुमनगर की 65 वर्षीय दमयंती देवी अपने घर में एक महीने से अकेली थीं। उनके पति रामप्रकाश जायसवाल की पिछले साल बीमारी से मौत हो चुकी है। सुधीर और संजय दो बेटे हैं, लेकिन दोनों जयपुर में रहकर नौकरी करते हैं। शनिवार सुबह दमयंती के बड़े बेटे का साला घर पहुंचा, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों ने बताया कि अम्मा के सुबह से घर से बाहर नहीं आने पर वे लोग भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर चुके हैं। इसके बाद यूपी-100 को खबर दी गई। पुलिस दीवार फांदकर अंदर घुसी और दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची। वहां दमयंती देवी का शव बेड पर पड़ा मिला।
विज्ञापन
मकान के विवाद से परेशान थी दमयंती
कॉलोनी की प्लाटिंग करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि घर पर कब्जेदारी को लेकर परिवार में विवाद था। एक बेटे की बीवी नहीं चाहती थी कि दमयंती यहां रहें। उन्हें परेशान करने के लिए एक बेटे ने घर में किरायेदार रख दिया था। बेटे ने कुछ महीने पहले घर में ताला भी डाल दिया था। तब दमयंती ताला तुड़वाकर घर के अंदर घुसी थीं। एक बहू का मायका हरूनगला में है। इंस्पेक्टर कृष्णवीर ने बताया कि दोनों बेटों को खबर दी गई है। ऐसा लगता है कि बीमारी से मौत हुई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
विज्ञापन
एक महीने पहले ही जयपुर से लौटी थीं
घटना की सूचना मिलने पर पहुंचीं दमयंती की जेठानी धन देवी ने बताया कि दमयंती एक महीने पहले ही जयपुर से अपने बेटेे के पास से लौटी थीं। उससे पहले वह अपने भाई के घर पर थीं। उनकी छोटी बहू की मां उन्हें बरेली छोड़कर गईं थीं।