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मोबाइल बंद हुए तो सर्विलांस ने दिखाई खुलासे की डगर
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फरीदपुर(बरेली)। प्रेमप्रसंग के शक में ममेरे-फुफेरे भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस कई दिन से माथापच्ची कर रही थी। दोनों के नंबर बंद हुए तो सर्विलांस के सहारे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने बहुत सावधानी से एक-एक कदम आगे बढ़ाया और घटना का खुलासा कर दिया।
कीरतपुर निवासी धीरेंद्र बक्सरिया मोहल्ले में संजीव कुमार के मकान में किराए पर रह रहा था। वह सीएस इंटर कॉलेज में साइंस ग्रुप से इंटर का छात्र था। घटना के अगले ही दिन उसकी प्रयोगात्मक परीक्षा भी थी। वहीं सिरौली के पल्था निवासी उसका फुफेरा भाई भूपेंद्र बरेली कॉलेज में एमए का छात्र था। पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी को भूपेंद्र फरीदपुर पहुंच गया। वहां से धीरेंद्र को साथ लिया और दोनों कमरे में ताला लगाकर कटरा चले गए। कटरा में धीरेंद्र के फोन से रात 12 बजे तक एक लड़की के नंबर पर बात हुई और फिर नंबर बंद हो गया। सूत्रों के मुताबिक धीरेंद्र के गांव में पड़ोस में उस लड़की की बुआ की शादी हुई थी और वहां लड़की का आना जाना था। वहीं दोनों में प्रेम हो गया। गुमशुदगी दर्ज कर बैठे इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने जब दोनों के नंबर सर्विलांस पर लगाए तो लास्ट लोकेशन कटरा के मोहल्ला अहीरान की मिली जहां युवती का घर है। बातचीत के मोबाइल नंबरों से लड़की को ट्रेस किया। चार दिन पहले ही लड़की और उसकी भाभी से पूछताछ की गई तभी प्राथमिक जानकारी मिल गई कि दोनों युवकों की हत्या कर दी गई है। इस बीच लड़की के परिवारवाले जरूरी सामान लेकर घर में ताला डालकर निकल गए। इससे पुलिस को संदेह और पक्का हो गया और उनके मोबाइल की लोकेशन से शनिवार को लड़की के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गुमशुदगी को दूसरे ही दिन अपहरण में बदल दिया गया था। अब इसमें हत्या की धारा भी बढ़ा रहे हैं। जानकारी जुटाएंगे कि कोई और भी तो हत्या में आरोपी या सहयोगी नहीं है, तब उसका नाम भी शामिल करेंगे। बताया कि आरोपियों ने दोनों युवकों की हत्या की बात कबूल कर ली है, दूसरे युवक का शव नहीं मिल पा रहा है। रविवार को फिर गोताखोरों से इसे तलाश कराएंगे।
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कीरतपुर निवासी धीरेंद्र बक्सरिया मोहल्ले में संजीव कुमार के मकान में किराए पर रह रहा था। वह सीएस इंटर कॉलेज में साइंस ग्रुप से इंटर का छात्र था। घटना के अगले ही दिन उसकी प्रयोगात्मक परीक्षा भी थी। वहीं सिरौली के पल्था निवासी उसका फुफेरा भाई भूपेंद्र बरेली कॉलेज में एमए का छात्र था। पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी को भूपेंद्र फरीदपुर पहुंच गया। वहां से धीरेंद्र को साथ लिया और दोनों कमरे में ताला लगाकर कटरा चले गए। कटरा में धीरेंद्र के फोन से रात 12 बजे तक एक लड़की के नंबर पर बात हुई और फिर नंबर बंद हो गया। सूत्रों के मुताबिक धीरेंद्र के गांव में पड़ोस में उस लड़की की बुआ की शादी हुई थी और वहां लड़की का आना जाना था। वहीं दोनों में प्रेम हो गया। गुमशुदगी दर्ज कर बैठे इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने जब दोनों के नंबर सर्विलांस पर लगाए तो लास्ट लोकेशन कटरा के मोहल्ला अहीरान की मिली जहां युवती का घर है। बातचीत के मोबाइल नंबरों से लड़की को ट्रेस किया। चार दिन पहले ही लड़की और उसकी भाभी से पूछताछ की गई तभी प्राथमिक जानकारी मिल गई कि दोनों युवकों की हत्या कर दी गई है। इस बीच लड़की के परिवारवाले जरूरी सामान लेकर घर में ताला डालकर निकल गए। इससे पुलिस को संदेह और पक्का हो गया और उनके मोबाइल की लोकेशन से शनिवार को लड़की के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गुमशुदगी को दूसरे ही दिन अपहरण में बदल दिया गया था। अब इसमें हत्या की धारा भी बढ़ा रहे हैं। जानकारी जुटाएंगे कि कोई और भी तो हत्या में आरोपी या सहयोगी नहीं है, तब उसका नाम भी शामिल करेंगे। बताया कि आरोपियों ने दोनों युवकों की हत्या की बात कबूल कर ली है, दूसरे युवक का शव नहीं मिल पा रहा है। रविवार को फिर गोताखोरों से इसे तलाश कराएंगे।
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