गलत कामों से रोकने पर हुई थी ढाबा मालिक की हत्या
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ढाबा मालिक देवेंद्र के हत्यारोपी अनिल गुप्ता कोर्ट में सरेंडर करना चाहता था, लेकिन वह पुलिस के जाल में उलझकर रह गया। बुधवार शाम सरेंडर आवेदन में विसंगतियों के कारण कोर्ट ने अनिल को न्यायिक हिरासत में लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट से निकलते ही दबोच लिया। एसपी देहात ख्याति गर्ग ने पुलिस कार्यालय में हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक अनिल की गलत हरकतों पर लगाम लगाने की कोशिश में ढाबा मालिक देवेंद्र को जान गंवानी पड़ी। सूत्र बताते हैं कि अनिल इसी ढाबे पर काम करने वाले एक किशोर पर बुरी नजर रखता था। उसकी हरकतें देखकर देवेंद्र ने न सिर्फ इसका विरोध किया बल्कि घटना से दस घंटे पहले ही ढाबे से किशोर को हटाकर उसे उसके घर भिजवा दिया था। साथ ही अनिल को सबके सामने फटकार भी लगाई थी। इसी बात की रंजिश रखते हुए हत्या की रात अनिल ने शराब पी और ढाबा मालिक की हत्या कर दी थी।
फोन करके कहा था सरेंडर कर दूंगा
हत्यारोपी अनिल को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को थाने में बैठा लिया था। इस बीच अनिल ने पुलिस के एक अधिकारी को फोन करके कहा कि उसके परिवार को छोड़ दें, वह जल्द सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर देगा। तब पुलिस ने उसके घरवालों को तो थाने से छोड़ दिया। लेकिन जब अनिल कोर्ट से बाहर निकला तो सादे कपड़ों में तैनात पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अपने रिकार्ड में बृहस्पतिवार सुबह सात बजे सलेमपुर गांव के मोड़ से अनिल की गिरफ्तारी दिखा दी। उसके पास से ढाबा मालिक की बाइक और वह हथौड़ा भी बरामद दिखाया गया जिससे उसने हत्या की थी।
यह किया पुलिस ने खेल
पुलिस ने अपनी तफ्तीश में अनिल गुप्ता के पिता का नाम शहंशाह गुप्ता और उसे शाहजहांपुर का निवासी दिखाया जबकि वह फतेहगंज पूर्वी का रहने वाला है। पुलिस का यही रिकार्ड कोर्ट में पेश किया गया। दूसरी तरफ, अनिल ने सरेंडर आवेदन में अपने पिता का असली नाम वेदप्रकाश गुप्ता और खुद को बंडा का निवासी दर्शाया। कोर्ट में जब अनिल के दो अलग रिकार्ड पेश हुए तो नियमानुसार अभिरक्षा में लेने से इंकार कर दिया गया।
थाने में हत्यारे पर हमलावर हुई देवेंद्र की पत्नी
थाने में अपनी बेटी और देवर के साथ पहुंची मृतक देवेंद्र चौधरी की पत्नी टीना की आंखों में पति के हत्यारे अनिल गुप्ता को देखकर खून उतर आया। वह अनिल पर हमलावर हो गई तो पुलिसकर्मियों ने उसे हटाया। आंखों में आंसू भरकर टीना ने अनिल से पूछा कि आखिर मेरे पति ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था जो तुमने इतनी बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। अनिल ने बस इतना कहा कि उसने शराब के नशे में ऐसा कर दिया। उसकी देवेंद्र से कोई रंजिश नहीं थी।