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अनन्या प्रकरण में सीबीसीआईडी जांच शुरू
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अनन्या प्रकरण में सीबीसीआईडी जांच शुरू
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। मेडिकल छात्रा अनन्या की मौत के मामले की जांच शासन द्वारा सीबीसीआईडी को सौंप दिए जाने से सीबीआई जांच की मांग कर रहे उसके परिवार को तगड़ा झटका लगा है। सीबीसीआईडी ने अनन्या के पिता के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, मानवाधिकार आयोग ने भी अनन्या समेत दो मामलों में मांगे साक्ष्य चार सप्ताह में न देने पर डीएम-एसएसपी को समन जारी करने की चेतावनी दी है।
छह सितंबर 2017 को हॉस्टल रूम में हुई अनन्या की मौत के बाद पिता दिल्ली निवासी अनादि दीक्षित कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिनमें से दो के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट लगा दी। आत्महत्या के लिए मजबूर करने और साक्ष्य मिटाने में एक सहपाठी भी आरोपित किया था। इधर, अनादि ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई से जांच कराने को प्रार्थनापत्र दे रखा है। हाल ही में शासन ने चार्जशीट निरस्त कर सीबीसीआईडी बरेली इकाई को विवेचना दे दी है। इसी तरह हुई यश कुमार नाम के स्टूडेंट की मौत की विवेचना सीबीसीआईडी करेगी। एसपी इंटेलिजेंस मुरादाबाद आरएम भारद्वाज की जांच के बाद ये संस्तुति हुई है। विवेचक सत्यनारायण ने अनादि दीक्षित के बयान दर्ज करने के साथ ही कॉलेज जाकर नए सिरे से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। प्रकरण में चार अभिभावकों ने करीब 14 याचिका अलग-अलग कोर्ट में दायर कर रखी हैं। मानवाधिकार आयोग ने बरेली के डीएम-एसएसपी से अनन्या के मुंह पर बंधे मिले दुपट्टे और लार की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह में भेजने को कहा है। चेताया है कि ऐसा न करने पर आयोग अफसरों को समन भेजकर खुद तलब कर लेगा।
‘अनन्या मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है। अब केस सीबीसीआईडी के पास है तो हम कुछ नहीं कह सकते। हमारी जांच की कोई भी रिपोर्ट कोर्ट या आयोग को चाहिए तो हम देने को तैयार हैं। पहले भी रिपोर्ट भेजी जा चुकी हैं।’
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- मुनिराज जी. एसएसपी
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छह सितंबर 2017 को हॉस्टल रूम में हुई अनन्या की मौत के बाद पिता दिल्ली निवासी अनादि दीक्षित कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिनमें से दो के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट लगा दी। आत्महत्या के लिए मजबूर करने और साक्ष्य मिटाने में एक सहपाठी भी आरोपित किया था। इधर, अनादि ने सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई से जांच कराने को प्रार्थनापत्र दे रखा है। हाल ही में शासन ने चार्जशीट निरस्त कर सीबीसीआईडी बरेली इकाई को विवेचना दे दी है। इसी तरह हुई यश कुमार नाम के स्टूडेंट की मौत की विवेचना सीबीसीआईडी करेगी। एसपी इंटेलिजेंस मुरादाबाद आरएम भारद्वाज की जांच के बाद ये संस्तुति हुई है। विवेचक सत्यनारायण ने अनादि दीक्षित के बयान दर्ज करने के साथ ही कॉलेज जाकर नए सिरे से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। प्रकरण में चार अभिभावकों ने करीब 14 याचिका अलग-अलग कोर्ट में दायर कर रखी हैं। मानवाधिकार आयोग ने बरेली के डीएम-एसएसपी से अनन्या के मुंह पर बंधे मिले दुपट्टे और लार की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह में भेजने को कहा है। चेताया है कि ऐसा न करने पर आयोग अफसरों को समन भेजकर खुद तलब कर लेगा।
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‘अनन्या मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है। अब केस सीबीसीआईडी के पास है तो हम कुछ नहीं कह सकते। हमारी जांच की कोई भी रिपोर्ट कोर्ट या आयोग को चाहिए तो हम देने को तैयार हैं। पहले भी रिपोर्ट भेजी जा चुकी हैं।’
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- मुनिराज जी. एसएसपी