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अब घटना छिपाई तो विवि प्रशासन पर होगी एफआईआर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 15 May 2018 06:43 PM IST
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परिसर में छात्राओं के साथ होने वाली छेड़खानी के मामलों में रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करता है, बल्कि जांच कमेटी की आड़ में पूरा मामला दबा दिया जाता है। हाल ही में सिक्योरिटी गार्ड के एक छात्रा से छेड़खानी करने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। मीडिया में प्रकरण उछलने के बाद बारादरी थाने में आरोपी सुरक्षा गार्ड सुभाष बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इस मामले में विवि प्रशासन की उदासीनता से पुलिस की किरकिरी भी हुई। आईजी ध्रुवकांत ठाकुर ने एसएसपी कलानिधि नैथानी को विवि प्रशासन को पत्र लिखने को कहा है। यह पत्र पुलिस की तरफ से चेतावनी है कि अगर अब महिला अपराध के मामले छिपाए तो विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। इस मामले में पुलिस विधिक राय भी ले रही है।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 11 मई को एक गार्ड ने कैंपस में छात्रा से छेड़खानी की थी। वह कई दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था। घटना से छात्रा मानसिक रूप से इतना आहत हो गई कि शुक्रवार को विभागाध्यक्ष के पास शिकायत करने पहुंचने पर फूट-फूटकर रोने लगी। विभागाध्यक्ष ने तत्काल कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर को सूचित किया। कुलपति तक मामला पहुंचा तो सुरक्षा गार्ड को नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में एसपी सिटी अभिनंदन ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से जवाब मांगा था कि पुलिस को जानकारी किन कारणों से नहीं दी गई।
पहले भी हुई हैं छेड़खानी की घटनाएं
बीसलपुर चौराहे वाले गेट पर एक छात्रा पर किसी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
एलएलएम की छात्रा के साथ उसके ही सहपाठी ने छेड़खानी की थी।
इंजीनियरिंग विभाग में दो छात्राएं छेड़खानी की शिकार र्हुइं।
विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने महिला कर्मी के साथ छेड़खानी की थी।
शैक्षणिक संस्थाओं में होने वाले महिला अपराध के मामले में वहां के प्रशासन की जिम्मेदारी बनती हैं कि वह पहले पुलिस को जानकारी दे। ऐसा नहीं करने पर एसएसपी को रुहेलखंड विवि प्रशासन को पत्र लिखने के लिए कहा गया है। भविष्य में जानकारी नहीं देने पर उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - ध्रुव कांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 11 मई को एक गार्ड ने कैंपस में छात्रा से छेड़खानी की थी। वह कई दिनों से छात्रा का पीछा कर रहा था। घटना से छात्रा मानसिक रूप से इतना आहत हो गई कि शुक्रवार को विभागाध्यक्ष के पास शिकायत करने पहुंचने पर फूट-फूटकर रोने लगी। विभागाध्यक्ष ने तत्काल कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर को सूचित किया। कुलपति तक मामला पहुंचा तो सुरक्षा गार्ड को नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में एसपी सिटी अभिनंदन ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से जवाब मांगा था कि पुलिस को जानकारी किन कारणों से नहीं दी गई।
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पहले भी हुई हैं छेड़खानी की घटनाएं
बीसलपुर चौराहे वाले गेट पर एक छात्रा पर किसी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था।
एलएलएम की छात्रा के साथ उसके ही सहपाठी ने छेड़खानी की थी।
इंजीनियरिंग विभाग में दो छात्राएं छेड़खानी की शिकार र्हुइं।
विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने महिला कर्मी के साथ छेड़खानी की थी।
शैक्षणिक संस्थाओं में होने वाले महिला अपराध के मामले में वहां के प्रशासन की जिम्मेदारी बनती हैं कि वह पहले पुलिस को जानकारी दे। ऐसा नहीं करने पर एसएसपी को रुहेलखंड विवि प्रशासन को पत्र लिखने के लिए कहा गया है। भविष्य में जानकारी नहीं देने पर उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - ध्रुव कांत ठाकुर, आईजी बरेली रेंज
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