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प्रदीप की मौत में वजह स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
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बरेली। बीस दिन पहले सुभाषनगर थाना क्षेत्र से लापता छात्र प्रदीप की मौत में परिवार वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं लेकिन पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। शव करीब तीन सप्ताह पुराना होने की वजह से ऐसा हुआ। शव का विसरा सुरक्षित कर पुलिस ने प्रदीप के दोस्तों से पूछताछ शुरू कर दी है।
बीडीए कॉलोनी करगैना निवासी अवधेश सिंह ने अपने 21 वर्षीय पुत्र प्रदीप की गुमशुदगी चार मार्च को सुभाषनगर थाने में कराई थी। तीन मार्च की शाम प्रदीप घर से जाने के बाद लापता हो गया। सात मार्च को उसकी बहन की शादी थी। शनिवार शाम किसी ने रेलवे लाइन किनारे बड़े नाले में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। शव निकलवाया और संदेह के आधार पर प्रदीप के परिजनों को बुला लिया। शव काफी खराब हो चुका था लेकिन कपड़ों और कड़े के आधार पर परिजनों ने प्रदीप के रूप में पहचान कर ली। परिजनों का आरोप था कि प्रदीप का मोबाइल भी गायब है। वह कई दिन से उसके मोबाइल की डिटेल निकलवाने को कह रहे थे, पर विवेचक ने ध्यान नहीं दिया। बल्कि विवेचना ही दूसरे दरोगा को सौंप दी। इंस्पेक्टर सुभाषनगर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि विसरा परीक्षण की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। आरोपों की जांच को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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बीडीए कॉलोनी करगैना निवासी अवधेश सिंह ने अपने 21 वर्षीय पुत्र प्रदीप की गुमशुदगी चार मार्च को सुभाषनगर थाने में कराई थी। तीन मार्च की शाम प्रदीप घर से जाने के बाद लापता हो गया। सात मार्च को उसकी बहन की शादी थी। शनिवार शाम किसी ने रेलवे लाइन किनारे बड़े नाले में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। शव निकलवाया और संदेह के आधार पर प्रदीप के परिजनों को बुला लिया। शव काफी खराब हो चुका था लेकिन कपड़ों और कड़े के आधार पर परिजनों ने प्रदीप के रूप में पहचान कर ली। परिजनों का आरोप था कि प्रदीप का मोबाइल भी गायब है। वह कई दिन से उसके मोबाइल की डिटेल निकलवाने को कह रहे थे, पर विवेचक ने ध्यान नहीं दिया। बल्कि विवेचना ही दूसरे दरोगा को सौंप दी। इंस्पेक्टर सुभाषनगर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि विसरा परीक्षण की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। आरोपों की जांच को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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