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31 लाख का सोना लेकर स्वर्ण कारीगर चंपत
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:30 AM IST
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नगर के करीब आठ सराफा व्यवसायियों के भरोसेमंद कारीगर उनका करीब 31 लाख रुपये के आभूषण लेकर चंपत हो गए। जाने से पहले वह अपना भी सामान बेचकर या गिरवी रखकर निकल गए। आपस में ममेरे फुफेरे भाई दोनों आरोपियों के फरार होने के बाद सराफा व्यवसायी सन्न रह गए। उन्होंने दोनो कारीगरों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कह रही है।
सनसनीखेज मामले के आरोपी विकास और आदेश रस्तोगी नगर के मोहल्ला महादेवपुरम निवासी और आपस में ममेरे फुफेरे भाई हैं। दोनों अपने रिश्ते के ताऊ श्रीओम गुप्ता की नैनीताल रोड स्थित दुकान पर रहकर सोने के आभूषण ठीक करने का काम करते थे। काफी समय से दोनो भाई नगर के सराफा व्यवसायियों से सोने के आभूषण लेकर ग्राहकों को बेचने का काम भी करने लगे थे। लंबे समय से ईमानदारी से काम कर रहे दोनों भाइयों पर सराफा कारोबारियों को भी भरोसा हो गया था। वह अक्सर बिना रकम लिए इन्हें जेवर दे देते थे और यह दोनों बाद में जेवर बिक्री करके उन्हें पूरा भुगतान कर देते थे। हाल ही में दोनों की नियत खराब हो गई और वह कारोबारियों का काफी माल समेटकर फरार हो गए। जानकारी होने पर सराफा कारोबारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। सराफ राजेंद्र रस्तोगी ने शनिवार को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके ढाई सौ ग्राम, अमित अग्रवाल के सवा सौ ग्राम, बनवारी लाल के 85 ग्राम, अनवार अहमद के 280 ग्राम, अनूप कुमार के 63 ग्राम, केशव गुप्ता के 125 ग्राम, विजय गुप्ता के 25 ग्राम, पवन अग्रवाल के 30 ग्राम सोने के आभूषण ग्राहक को दिखाने के लिए दोनों शुक्रवार को लेकर गए थे। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक सभी व्यवसायियों से इन लोगों ने यह माल समेटा और रात करीब आठ बजे कार में बैठकर मय परिवार के फरार हो गए। जानकारी होने पर उन लोगों ने पता किया तो मालूम हुआ कि जाते वक्त दोनों भाई अपने मोबाइल भी नगर के लोगों को बेच गए हैं। इसके अलावा शुक्रवार सुबह दोनों ने नैनीताल रोड पर अपना एक प्लाट करीब तीन लाख बीस हजार रुपये में बेचा। शाम को आदेश रस्तोगी ने अपनी स्कूटी नगर के एक युवक को बीस हजार रुपये में गिरवी रख दी। सराफा यूनियन ने इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस से इनकी तलाश करने की मांग की। इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया ने बताया कि तहरीर मिल गई है। मामले की जांच की जा रही है। बताते हैं कि आरोपी करीब पंद्रह साल पहले पीलीभीत में किराये पर रहते थे। वहां से आकर रिश्ते के ताऊ श्रीओम गुप्ता के घर पर रहने लगे थे। अब श्री गुप्ता को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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सनसनीखेज मामले के आरोपी विकास और आदेश रस्तोगी नगर के मोहल्ला महादेवपुरम निवासी और आपस में ममेरे फुफेरे भाई हैं। दोनों अपने रिश्ते के ताऊ श्रीओम गुप्ता की नैनीताल रोड स्थित दुकान पर रहकर सोने के आभूषण ठीक करने का काम करते थे। काफी समय से दोनो भाई नगर के सराफा व्यवसायियों से सोने के आभूषण लेकर ग्राहकों को बेचने का काम भी करने लगे थे। लंबे समय से ईमानदारी से काम कर रहे दोनों भाइयों पर सराफा कारोबारियों को भी भरोसा हो गया था। वह अक्सर बिना रकम लिए इन्हें जेवर दे देते थे और यह दोनों बाद में जेवर बिक्री करके उन्हें पूरा भुगतान कर देते थे। हाल ही में दोनों की नियत खराब हो गई और वह कारोबारियों का काफी माल समेटकर फरार हो गए। जानकारी होने पर सराफा कारोबारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। सराफ राजेंद्र रस्तोगी ने शनिवार को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके ढाई सौ ग्राम, अमित अग्रवाल के सवा सौ ग्राम, बनवारी लाल के 85 ग्राम, अनवार अहमद के 280 ग्राम, अनूप कुमार के 63 ग्राम, केशव गुप्ता के 125 ग्राम, विजय गुप्ता के 25 ग्राम, पवन अग्रवाल के 30 ग्राम सोने के आभूषण ग्राहक को दिखाने के लिए दोनों शुक्रवार को लेकर गए थे। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक सभी व्यवसायियों से इन लोगों ने यह माल समेटा और रात करीब आठ बजे कार में बैठकर मय परिवार के फरार हो गए। जानकारी होने पर उन लोगों ने पता किया तो मालूम हुआ कि जाते वक्त दोनों भाई अपने मोबाइल भी नगर के लोगों को बेच गए हैं। इसके अलावा शुक्रवार सुबह दोनों ने नैनीताल रोड पर अपना एक प्लाट करीब तीन लाख बीस हजार रुपये में बेचा। शाम को आदेश रस्तोगी ने अपनी स्कूटी नगर के एक युवक को बीस हजार रुपये में गिरवी रख दी। सराफा यूनियन ने इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस से इनकी तलाश करने की मांग की। इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया ने बताया कि तहरीर मिल गई है। मामले की जांच की जा रही है। बताते हैं कि आरोपी करीब पंद्रह साल पहले पीलीभीत में किराये पर रहते थे। वहां से आकर रिश्ते के ताऊ श्रीओम गुप्ता के घर पर रहने लगे थे। अब श्री गुप्ता को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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