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कर्ज के बोझ से दबे दुकानदार ने फांसी लगाकर जान दी
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बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कर्ज के बोझ से दबे एक युवा दुकानदार ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की मौत के बाद घर में कोहराम मचा है। परिवार ने इंकार किया पर एहतियातन पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रेमनगर के बजरिया पूरनमल निवासी अंकित सक्सेना (30) पुत्र स्वर्गीय अनिल कुमार ने कुछ समय पहले गली में स्थित अपने घर में बनी दुकान में ही गिफ्ट सेंटर खोला था। पत्नी नेहा ने बताया कि दुकान पर सामान रखने के लिए पति ने सूदखोरों से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था। दुकान मुहल्ले में होने के कारण ठीक से नहीं चल रही थी। कर्ज न निपटने पर सूदखोर तकादा करने लगे थे। दिनों दिन बढ़ते ब्याज से अंकित परेशान हो गया था। सोमवार को अंकित ने नेहा, पांच वर्षीय पुत्री गुनगुन और एक वर्षीय पुत्र आरव को शहर में ही स्थित अपनी ससुराल भेज दिया। शाम को दुकान में ही पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में काफी देर तक अंकित बाहर नहीं आया। उसने कॉल भी रिसीव नहीं की तो पत्नी व अन्य लोग घर आ गए। यहां उन्होंने देखा कि दुकान में अंकित फंदे से लटका है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह पहुंच गए। पूछताछ के दौरान परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। अंकित की सास और पत्नी ने कहा कि वह मानसिक उलझन में था, उनका किसी पर कोई आरोप नहीं है। इंस्पेक्टर ने उन्हें समझाया कि ऐसी घटना में पोस्टमार्टम जरूरी प्रक्रिया है। इसके बाद पुलिस ने शव को सील कर दिया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
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प्रेमनगर के बजरिया पूरनमल निवासी अंकित सक्सेना (30) पुत्र स्वर्गीय अनिल कुमार ने कुछ समय पहले गली में स्थित अपने घर में बनी दुकान में ही गिफ्ट सेंटर खोला था। पत्नी नेहा ने बताया कि दुकान पर सामान रखने के लिए पति ने सूदखोरों से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था। दुकान मुहल्ले में होने के कारण ठीक से नहीं चल रही थी। कर्ज न निपटने पर सूदखोर तकादा करने लगे थे। दिनों दिन बढ़ते ब्याज से अंकित परेशान हो गया था। सोमवार को अंकित ने नेहा, पांच वर्षीय पुत्री गुनगुन और एक वर्षीय पुत्र आरव को शहर में ही स्थित अपनी ससुराल भेज दिया। शाम को दुकान में ही पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में काफी देर तक अंकित बाहर नहीं आया। उसने कॉल भी रिसीव नहीं की तो पत्नी व अन्य लोग घर आ गए। यहां उन्होंने देखा कि दुकान में अंकित फंदे से लटका है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह पहुंच गए। पूछताछ के दौरान परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। अंकित की सास और पत्नी ने कहा कि वह मानसिक उलझन में था, उनका किसी पर कोई आरोप नहीं है। इंस्पेक्टर ने उन्हें समझाया कि ऐसी घटना में पोस्टमार्टम जरूरी प्रक्रिया है। इसके बाद पुलिस ने शव को सील कर दिया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
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