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मंडी समिति ने फर्जीवाड़ा करने वाले कारोबारी पर कराई रिपोर्ट
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:51 AM IST
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बरेली। परसाखेड़ा स्थित आरके राइस मिल परिसर जबरन चावल और धान उठाने और बिना लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में राकेश सिंह और अमित गुप्ता पर एफआईआर दर्ज हो गयी है। देर रात डीएम के आदेश पर पुलिस विभाग जागा और मंडी समिति निरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है।
पंजाबी बाग, दिल्ली निवासी कनिष्क मनचंदा ने पिछले माह कालजी निवासी राकेश सिंह को कारोबार करने को मिल परिसर का एक हिस्सा किराए पर दिया था। आरोप है कि राकेश ने तमाम किसानों और विभिन्न फर्म से धान खरीद लिया। इसका चावल बना बाजार में बेंच भी दिया, लेकिन धान बिक्रेताओं को भुगतान नहीं किया। इससे परेशान लोगों ने गुरुवार सुबह पहुंचकर मिल पर हंगामा किया। आरोप है कि ताला तोड़कर पुलिस से मिलकर राकेश ने लाखों रुपये कीमत का चावल और धान उठवा दिया। इस मनमानी से प्रभावित मनचंदा आदि शुक्रवार दोपहर डीएम वीके सिंह से मिले और व्यथा सुनाई। डीएम ने प्रभावित पक्ष की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश एसओ सीबी गंज को दिए। रात 11 बजे पुलिस ने मंडी निरीक्षक जगदीश सिंह की तहरीर पर राकेश सिंह और उसके मैनेजर रिठौरा निवासी अमित गुप्ता पर एफआईआर दर्ज कर ली। साथ ही डीएम के निर्देश पर दिल्ली निवासी मनचंदा की तहरीर पर भी मामला दर्ज किया है।
मंडी समिति जांच के घेरे में
चावल उत्पादन, धान खरीद फरोख्त आदि कारोबार राकेश सिंह बिना किसी लाइसेंस के कर रहा था। डीएम से मिलने पहुंचे मिल पार्टनर मनचंदा ने बताया कि मंडी समिति की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा होता रहा और इसका मंडी शुल्क भी जमा नहीं हुआ है। किराएदार राकेश सिंह और उसका मैनेजर अमित गुप्ता ने तमाम लोगों का लाखों रुपया दबा लिया है। पुलिस भी उनकी नहीं सुन रही है। इस पर डीएम ने मंडी सचिव एपी गंगवार से फोन पर जानकारी मांगी तो उन्होंने कह दिया कि मिल का लाइसेंस गुरुवार को रद्द कर दिया है। इस पर डीएम ने तीखी नाराजगी जताई तो सचिव बैकफुट पर आ गए। डीएम ने निर्देश दिए कि बगैर किसी जांच पड़ताल के लाइसेंस को निलंबित अथवा रद्द करने की कार्रवाई न की जाए। इससे मंडी समिति का स्टाफ भी जांच के घेरे मेें आ गया है।
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दिन भर बनी रही हलचल
परसाखेड़ा स्थित आरके राइस मिल पर पूरे दिन गहमागहमी बनी रही। तमाम लोग अपना भुगतान लेने के लिए शोर-शराबा करते रहे। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसी तरह उन्हें शांत कराया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि उनका लाखों रुपया का भुगतान राकेश सिंह और अमित गुप्ता नहीं कर रहे हैं जबकि कई दिनों पहले धान बेचा जा चुका है।
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पंजाबी बाग, दिल्ली निवासी कनिष्क मनचंदा ने पिछले माह कालजी निवासी राकेश सिंह को कारोबार करने को मिल परिसर का एक हिस्सा किराए पर दिया था। आरोप है कि राकेश ने तमाम किसानों और विभिन्न फर्म से धान खरीद लिया। इसका चावल बना बाजार में बेंच भी दिया, लेकिन धान बिक्रेताओं को भुगतान नहीं किया। इससे परेशान लोगों ने गुरुवार सुबह पहुंचकर मिल पर हंगामा किया। आरोप है कि ताला तोड़कर पुलिस से मिलकर राकेश ने लाखों रुपये कीमत का चावल और धान उठवा दिया। इस मनमानी से प्रभावित मनचंदा आदि शुक्रवार दोपहर डीएम वीके सिंह से मिले और व्यथा सुनाई। डीएम ने प्रभावित पक्ष की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश एसओ सीबी गंज को दिए। रात 11 बजे पुलिस ने मंडी निरीक्षक जगदीश सिंह की तहरीर पर राकेश सिंह और उसके मैनेजर रिठौरा निवासी अमित गुप्ता पर एफआईआर दर्ज कर ली। साथ ही डीएम के निर्देश पर दिल्ली निवासी मनचंदा की तहरीर पर भी मामला दर्ज किया है।
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मंडी समिति जांच के घेरे में
चावल उत्पादन, धान खरीद फरोख्त आदि कारोबार राकेश सिंह बिना किसी लाइसेंस के कर रहा था। डीएम से मिलने पहुंचे मिल पार्टनर मनचंदा ने बताया कि मंडी समिति की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा होता रहा और इसका मंडी शुल्क भी जमा नहीं हुआ है। किराएदार राकेश सिंह और उसका मैनेजर अमित गुप्ता ने तमाम लोगों का लाखों रुपया दबा लिया है। पुलिस भी उनकी नहीं सुन रही है। इस पर डीएम ने मंडी सचिव एपी गंगवार से फोन पर जानकारी मांगी तो उन्होंने कह दिया कि मिल का लाइसेंस गुरुवार को रद्द कर दिया है। इस पर डीएम ने तीखी नाराजगी जताई तो सचिव बैकफुट पर आ गए। डीएम ने निर्देश दिए कि बगैर किसी जांच पड़ताल के लाइसेंस को निलंबित अथवा रद्द करने की कार्रवाई न की जाए। इससे मंडी समिति का स्टाफ भी जांच के घेरे मेें आ गया है।
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दिन भर बनी रही हलचल
परसाखेड़ा स्थित आरके राइस मिल पर पूरे दिन गहमागहमी बनी रही। तमाम लोग अपना भुगतान लेने के लिए शोर-शराबा करते रहे। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसी तरह उन्हें शांत कराया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि उनका लाखों रुपया का भुगतान राकेश सिंह और अमित गुप्ता नहीं कर रहे हैं जबकि कई दिनों पहले धान बेचा जा चुका है।