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डाकघर घोटाला में दो और कर्मचारी सस्पेंड
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:45 PM IST
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बरेली।
मुख्य डाकघर में हुए घोटाले के मामले में डाक विभाग ने दो और कर्मचारी निलंबित कर दिए हैं। इससे पहले उप पोस्टमास्टर वाईके शर्मा समेत नौ कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। उधर, गबन की राशि का आंकड़ा भी 2.65 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
विभागीय चेक से गबन करने वाले मुख्य आरोपी उप पोस्ट मास्टर वाईके शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस चर्चित मामले की विवेचना में ढील डाल दी है। पुलिस अब तक शर्मा के परिजनों से पूछताछ नहीं कर पाई है। इससे घोटाले का पूरा सच सामने नहीं आ पा रहा है, जबकि डाक विभाग लगातार पुलिस अफसरों से गुहार लगा रहा कि इसमें सहयोग दिया जाए। सीधे पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय के नियंत्रण में हो रही जांच भी कागजों तक सीमित है। पीएमजी अपना दामन साफ रखने के लिए अनापशनाप निलंबन करा रहे हैं। पीएमजी कार्यालय के निर्देश पर शनिवार शाम दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों हरिओम शर्मा और नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में निलंबित कर्मचारियों की संख्या 11 हो गई है।
गबन के खेल में भी खेल
अनोखे तरीके से हुए गबन के इस चर्चित मामले का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। पीएमजी ने इसके लिए चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी, लेकिन वह एक माह बीतने के बावजूद घोटाले के रहस्यों से पर्दा नहीं उठा पाई है। छानबीन में शनिवार शाम तक घोटाला की राशि 2.65 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है, लेकिन यह खेल कैसे हुआ इस तथ्य तक समिति नहीं पहुंच पा रही है।
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मुख्य डाकघर में हुए घोटाले के मामले में डाक विभाग ने दो और कर्मचारी निलंबित कर दिए हैं। इससे पहले उप पोस्टमास्टर वाईके शर्मा समेत नौ कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। उधर, गबन की राशि का आंकड़ा भी 2.65 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
विभागीय चेक से गबन करने वाले मुख्य आरोपी उप पोस्ट मास्टर वाईके शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस चर्चित मामले की विवेचना में ढील डाल दी है। पुलिस अब तक शर्मा के परिजनों से पूछताछ नहीं कर पाई है। इससे घोटाले का पूरा सच सामने नहीं आ पा रहा है, जबकि डाक विभाग लगातार पुलिस अफसरों से गुहार लगा रहा कि इसमें सहयोग दिया जाए। सीधे पोस्ट मास्टर जनरल कार्यालय के नियंत्रण में हो रही जांच भी कागजों तक सीमित है। पीएमजी अपना दामन साफ रखने के लिए अनापशनाप निलंबन करा रहे हैं। पीएमजी कार्यालय के निर्देश पर शनिवार शाम दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों हरिओम शर्मा और नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में निलंबित कर्मचारियों की संख्या 11 हो गई है।
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गबन के खेल में भी खेल
अनोखे तरीके से हुए गबन के इस चर्चित मामले का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। पीएमजी ने इसके लिए चार सदस्यीय जांच समिति बनाई थी, लेकिन वह एक माह बीतने के बावजूद घोटाले के रहस्यों से पर्दा नहीं उठा पाई है। छानबीन में शनिवार शाम तक घोटाला की राशि 2.65 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है, लेकिन यह खेल कैसे हुआ इस तथ्य तक समिति नहीं पहुंच पा रही है।
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