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राम बरात बवाल प्रकरण : मुस्लिम महिलाओं ने दी परिवार समेत पलायन की चेतावनी
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बरेली। राम बरात जुलूस में पथराव, फायरिंग मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय की करीब पचास महिलाएं एडीजी और एसएसपी दफ्तर पहुंचीं। दोनों अफसरों के न रहने पर वे एसपी देहात से मिलीं। उन्हें पत्र देकर आरोप लगाया कि पुलिस उनके परिवारों के निर्दोष युवकों को गिरफ्तार कर रही है। दहशत से वे लोग परिवार समेत पलायन कर जाएंगे। एसपी देहात ने पत्र पर बारादरी इंस्पेक्टर को निर्देशित करते हुए भरोसा दिलाया कि बेगुनाहों पर कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि कहा कि मामले में एसपी सिटी से मिलें तो बेहतर होगा।
बृहस्पतिवार को मुर्गे वाली गली की वहीदन, शहजादी, शाहजहां, मैना, रुखसाना समेत करीब पचास महिलाएं एसपी देहात संसार सिंह से मिलीं। बताया कि बरात में बवाल जुलूस के साथ चल रहे लोगों ने ही किया और उनकी गली में घुसकर उपद्रव किया। बारादरी पुलिस ने उनकी तहरीर तो ली नहीं, बल्कि हमलावरों की ओर से 22 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस चार निर्दोष लड़कों को जेल भेज चुकी है जिनमें दो नाबालिग और एक बीमार है। 26 मार्च को पुलिस ने देर रात दबिश के नाम पर घरों में तोड़फोड़ और महिलाओं से मारपीट की। 27 मार्च को भी एक शादी के दौरान पुलिस पहुंच गई जिसको देखकर दूल्हा भाग गया। पुलिस की दहशत से लोगों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। निष्पक्ष जांच बारादरी के अलावा अन्य थाने की पुलिस से कराई जाए। उनकी ओर से भी रिपोर्ट कराएं। ऐसा नहीं हुआ तो बस्ती के सभी परिवार पलायन कर जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।
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बृहस्पतिवार को मुर्गे वाली गली की वहीदन, शहजादी, शाहजहां, मैना, रुखसाना समेत करीब पचास महिलाएं एसपी देहात संसार सिंह से मिलीं। बताया कि बरात में बवाल जुलूस के साथ चल रहे लोगों ने ही किया और उनकी गली में घुसकर उपद्रव किया। बारादरी पुलिस ने उनकी तहरीर तो ली नहीं, बल्कि हमलावरों की ओर से 22 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस चार निर्दोष लड़कों को जेल भेज चुकी है जिनमें दो नाबालिग और एक बीमार है। 26 मार्च को पुलिस ने देर रात दबिश के नाम पर घरों में तोड़फोड़ और महिलाओं से मारपीट की। 27 मार्च को भी एक शादी के दौरान पुलिस पहुंच गई जिसको देखकर दूल्हा भाग गया। पुलिस की दहशत से लोगों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। निष्पक्ष जांच बारादरी के अलावा अन्य थाने की पुलिस से कराई जाए। उनकी ओर से भी रिपोर्ट कराएं। ऐसा नहीं हुआ तो बस्ती के सभी परिवार पलायन कर जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।
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