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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जितिन का काफिला रोका
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जंगबहादुर गंज (लखीमपुर खीरी)। शाहजहांपुर से लखनऊ जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के काफिले को रोक लिया और धौरहरा छोड़कर न जाने का आग्रह करने लगे। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उनकी गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए। इस दौरान कई महिलाएं बेहोश भी हो गईं। क्षेत्रीय जनता और कार्यकर्ताओं के इस हठ को देख जितिन प्रसाद भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि मेरा शरीर लखनऊ में, लेकिन आत्मा तो धौरहरा में ही रहेगी। यहां के लोगों से मेरा पारिवारिक नाता है कोई चाहे जहां रहे लेकिन वह अपने परिवार को कभी नही भूल सकता है और न ही उससे दूर जा सकता है।
इस दौरान कार्यकर्ता जितिन प्रसाद की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थे वह सभी एक ही बात सुनना चाहते थे कि जितिन प्रसाद धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे। इस बीच सड़क पर जाम भी लग गया जिससे लोगों को आने जाने में कठिनाई भी हुई। हालांकि जितिन प्रसाद कार्यकर्ताओं को लेकर पास के सिद्धेश्वरी मंदिर के प्रांगण में चले गए। वहां बहुत देर तक कार्यकर्ताओं को समझाते रहे।
काफी देर तक बातचीत के बाद जब फिर जितिन प्रसाद अपनी गाड़ी की ओर चले तो कार्यकर्ताओं ने मंदिर के प्रांगण का गेट बंद कर लिया और जितिन प्रसाद को बाहर न जाने देने की जिद पर अड़ गए। काफी समझाने के बाद किसी तरह मंदिर का गेट खुला तो जितिन प्रसाद बाहर आए और अपनी गाड़ी में बैठे। इसके बाद भी कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे आकर नारे बाजी करने लगे। इस पर जितिन ने कार्यकर्ताओं से दो दिन का समय मांगा, कहा कि दो दिन के अंदर मैं आप को बताऊंगा।
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इसी बीच कस्ता विधानसभा प्रभारी सुजीता कुमारी नवीन पांडेय और मीना मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फिर गाड़ी के सामने बैठ गए। स्थित को भांपते हुए वरिष्ठ लोगों ने कार्यकर्ताओं को जैसे तैसे समझाया फिर पूर्व रज्यमंत्री की गाड़ी आगे बढ़ी। जितिन प्रसाद की गाड़ी जाने के बाद नवीन पांडेय और मीना मिश्रा बेहोश भी हो गए। इस दौरान जिले के सभी वरिष्ठ एवं प्रमुख नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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इस दौरान कार्यकर्ता जितिन प्रसाद की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थे वह सभी एक ही बात सुनना चाहते थे कि जितिन प्रसाद धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे। इस बीच सड़क पर जाम भी लग गया जिससे लोगों को आने जाने में कठिनाई भी हुई। हालांकि जितिन प्रसाद कार्यकर्ताओं को लेकर पास के सिद्धेश्वरी मंदिर के प्रांगण में चले गए। वहां बहुत देर तक कार्यकर्ताओं को समझाते रहे।
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काफी देर तक बातचीत के बाद जब फिर जितिन प्रसाद अपनी गाड़ी की ओर चले तो कार्यकर्ताओं ने मंदिर के प्रांगण का गेट बंद कर लिया और जितिन प्रसाद को बाहर न जाने देने की जिद पर अड़ गए। काफी समझाने के बाद किसी तरह मंदिर का गेट खुला तो जितिन प्रसाद बाहर आए और अपनी गाड़ी में बैठे। इसके बाद भी कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे आकर नारे बाजी करने लगे। इस पर जितिन ने कार्यकर्ताओं से दो दिन का समय मांगा, कहा कि दो दिन के अंदर मैं आप को बताऊंगा।
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इसी बीच कस्ता विधानसभा प्रभारी सुजीता कुमारी नवीन पांडेय और मीना मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता फिर गाड़ी के सामने बैठ गए। स्थित को भांपते हुए वरिष्ठ लोगों ने कार्यकर्ताओं को जैसे तैसे समझाया फिर पूर्व रज्यमंत्री की गाड़ी आगे बढ़ी। जितिन प्रसाद की गाड़ी जाने के बाद नवीन पांडेय और मीना मिश्रा बेहोश भी हो गए। इस दौरान जिले के सभी वरिष्ठ एवं प्रमुख नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।