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शस्त्र लाइसेंस में आपराधिक इतिहास छिपाने पर रिपोर्ट दर्ज
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बरेली। भाजपा चेयरमैन प्रदीप जायसवाल उर्फ लल्लन और मौर्य विकास संस्था के अध्यक्ष रमेश मौर्य के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय की जांच के बाद आईजी ध्रुव कांत ठाकुर ने एसएसपी मुनिराज जी. से रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति की थी।
इस मामले की शुरुआत सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश पांडेय की शिकायत पर हुई थी। उनके आरोप थे कि रमेश मौर्य के खिलाफ बारादरी, इज्जतनगर थानों में मुकदमे दर्ज हैं, बावजूद इसके उनका शस्त्र लाइसेंस बन गया। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि इस मामले की जांच में सामने आया कि प्रशासकीय दस्तावेजों में पिछले आपराधिक रिकार्ड के कॉलम को रमेश मौर्य और प्रदीप जायसवाल ने खाली छोड़ दिया था। उन्होंने प्रशासन को प्राथमिक स्तर पर गुमराह किया था। दूसरे स्तर पर गलती थानों पर सत्यापन कराने के दौरान हुई। उनकी जांच में शस्त्र लाइसेंस के कागजात और पते को सत्यापन करने वाले आठ इंस्पेक्टर भी जांच में घिरे हैं। एसपी क्राइम ने उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए हैं। प्रदीप जायसवाल का नाम, पता सत्यापित करने वाले इंस्पेक्टर सिंकदर खां, रमेश मौर्य के शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति करने वाले दो फरवरी 2007 को एसआई रामेंद्र सिंह, 25 जनवरी 2010 को एसआई राहुल, चार सितंबर 2011 को एसआई भोलू सिंह भाटी, 15 अगस्त 2013 को एसआई अरुण चतुर्वेदी, सात फरवरी 2014 को एसआई अमित कुमार, 27 अक्तूबर 2014 को चौकी इंचार्ज जगतपुर रहे एसआई केपी सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। जल्द उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
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इस मामले की शुरुआत सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश पांडेय की शिकायत पर हुई थी। उनके आरोप थे कि रमेश मौर्य के खिलाफ बारादरी, इज्जतनगर थानों में मुकदमे दर्ज हैं, बावजूद इसके उनका शस्त्र लाइसेंस बन गया। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि इस मामले की जांच में सामने आया कि प्रशासकीय दस्तावेजों में पिछले आपराधिक रिकार्ड के कॉलम को रमेश मौर्य और प्रदीप जायसवाल ने खाली छोड़ दिया था। उन्होंने प्रशासन को प्राथमिक स्तर पर गुमराह किया था। दूसरे स्तर पर गलती थानों पर सत्यापन कराने के दौरान हुई। उनकी जांच में शस्त्र लाइसेंस के कागजात और पते को सत्यापन करने वाले आठ इंस्पेक्टर भी जांच में घिरे हैं। एसपी क्राइम ने उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए हैं। प्रदीप जायसवाल का नाम, पता सत्यापित करने वाले इंस्पेक्टर सिंकदर खां, रमेश मौर्य के शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति करने वाले दो फरवरी 2007 को एसआई रामेंद्र सिंह, 25 जनवरी 2010 को एसआई राहुल, चार सितंबर 2011 को एसआई भोलू सिंह भाटी, 15 अगस्त 2013 को एसआई अरुण चतुर्वेदी, सात फरवरी 2014 को एसआई अमित कुमार, 27 अक्तूबर 2014 को चौकी इंचार्ज जगतपुर रहे एसआई केपी सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। जल्द उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
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