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अरिल नदी पर सुरक्षा बढ़ी
Updated Sun, 06 Aug 2017 06:28 PM IST
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दबतोरी (बदायूं)। रक्षाबंधन त्योहार पर वर्ष 2004 की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दबतोरी पुलिस ने सुरक्षा के लिए अरिल नदी पर बैरियर लगाकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। बिसौली कोतवाली का दबतोरी क्षेत्र बरेली जिले के थाना सिरौली से मिला हुआ है। बिसौली कोतवाली का आखिरी गांव ललुआ नगला है, जो अरिल नदी से पहले बसा हुआ है। अरिल नदी का कटरी क्षेत्र करीब पांच किलोमीटर है, जो दोनों जिलों में बंटा हुआ है। जिसमें दोनों जिलों में आधा-आधा क्षेत्र आता है। वर्ष 2004 में रक्षाबंधन त्योहार पर अरिल नदी की कटरी में बदमाशों के गिरोह ने डेरा डालकर सिरौली और दबतोरी क्षेत्र से आने जाने वाले सभी वाहनों को रोककर दर्जनों महिलाओं और पुरुषों के साथ लूटपाट की थी। लूटपाट के साथ बदमाशों ने दरिंदगी भी की थी।
घटना दोनों जिलों की सीमा में होने के कारण पुलिस टाल मटोल करती रही। बाद में जांच शुरू हुई। पुलिस अफसरों ने अरिल नदी के सीमावर्ती पुलिस को गश्त करने के कड़े निर्देश भी जारी किए। दबतोरी पुलिस ने रक्षाबंधन की सुरक्षा को लेकर रविवार को अरिल नदी पर बैरियर लगाकर आने-जाने वाले राहगीरों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इस मार्ग से रामपुर और बरेली जिले के हजारों यात्री दबतोरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर डग्गामार वाहनों और अपने निजी वाहनों से प्रतिदिन अपने अपने घर जाते हैं। इस मार्ग के अलावा और कोई दूसरा रास्ता सीमावर्ती जिलों में जाने के लिए नहीं है। शाम आठ बजे के बाद इस रास्ते से डर की वजह से कोई नहीं गुजरता है। पुलिस भी पूरी रात गश्त नहीं करती। दो वर्ष पहले भी गश्त कर रहे दबतोरी चौकी के कांस्टेबल दलवीर सिंह यादव, ठाकुरदास यादव पर बदमाश फायरिंग कर हमला कर चुके हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाशों के चुंगल से एक अपहृत व्यक्ति को छुड़ाने में कामयाबी हासिल की थी। दोनों सिपाही बाल-बाल बच गए थे। एक बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गया था। काफी घटनाएं इस रोड पर लूटपाट की भी घट चुकी है जिन्हें लेकर स्थानीय पुलिस चौकन्नी है।
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अरिल नदी पर बैरियर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। संदिग्धों की जांच पड़ताल की जाएगी।
इंद्रेश चौहान, पुलिस चौकी प्रभारी दबतोरी
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घटना दोनों जिलों की सीमा में होने के कारण पुलिस टाल मटोल करती रही। बाद में जांच शुरू हुई। पुलिस अफसरों ने अरिल नदी के सीमावर्ती पुलिस को गश्त करने के कड़े निर्देश भी जारी किए। दबतोरी पुलिस ने रक्षाबंधन की सुरक्षा को लेकर रविवार को अरिल नदी पर बैरियर लगाकर आने-जाने वाले राहगीरों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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इस मार्ग से रामपुर और बरेली जिले के हजारों यात्री दबतोरी स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर डग्गामार वाहनों और अपने निजी वाहनों से प्रतिदिन अपने अपने घर जाते हैं। इस मार्ग के अलावा और कोई दूसरा रास्ता सीमावर्ती जिलों में जाने के लिए नहीं है। शाम आठ बजे के बाद इस रास्ते से डर की वजह से कोई नहीं गुजरता है। पुलिस भी पूरी रात गश्त नहीं करती। दो वर्ष पहले भी गश्त कर रहे दबतोरी चौकी के कांस्टेबल दलवीर सिंह यादव, ठाकुरदास यादव पर बदमाश फायरिंग कर हमला कर चुके हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाशों के चुंगल से एक अपहृत व्यक्ति को छुड़ाने में कामयाबी हासिल की थी। दोनों सिपाही बाल-बाल बच गए थे। एक बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गया था। काफी घटनाएं इस रोड पर लूटपाट की भी घट चुकी है जिन्हें लेकर स्थानीय पुलिस चौकन्नी है।
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अरिल नदी पर बैरियर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। संदिग्धों की जांच पड़ताल की जाएगी।
इंद्रेश चौहान, पुलिस चौकी प्रभारी दबतोरी