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पैसा आया तो छलकी रईसी पकड़े गए कारों के चोर

Sat, 17 Jun 2017 10:43 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 10:43 PM IST
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पैसा आया तो छलकी रईसी पकड़े गए कारों के चोर
पैसा आया तो छलकी रईसी, पकड़े गए कारों के चोर
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डेढ़ साल पहले तक दुकान पर छोटी-मोटी नौकरी करने वाले दो युवकों ने आलीशान मकान खड़े कर लिए। लग्जरी कार में चलने लगे। हर रोज दारू-मुर्गा पार्टी होने लगी। दोनों युवकों की रईसी के बाबत मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने दोनों युवकों की निगरानी शुरू की तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चल रहा चोरी की कारों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हो गया। शनिवार को बहेड़ी पुलिस ने दो अंतरराज्यीय आटो लिफ्टर को तीन गाड़ियों के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
बहेड़ी के टांडा मोहल्ला में मो. इरफान पुत्र तस्लीम अहमद और जावेद पुत्र फैजुद्दीन अपने परिवार के साथ रहते हैं। दोनों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली कि पिछले कुछ महीनों में दोनों ने अकूत संपत्ति अर्जित की है। हाईस्कूल तक पढ़े दोनों युवक इससे पहले दुकानों पर नौकरी करते थे। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि दोनों मुरादाबाद के मझोला से हाल में गाड़ी की चोरी करके लाए थे। शनिवार को मोहम्मदपुर चौराहा के पास तीन कारों का सौदा होना है। पुलिस ने दबिश देकर उनको पकड़ लिया।
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100 से ज्यादा गाड़ियां कर चुके चोरी
पुलिस ने दिल्ली के नंबर वाली एक होंडा सिटी, यूपी के नंबर वाली बोलेरो और एक हरियाणा के नंबर की बोलेरो गाड़ी बरामद की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने पिछले एक साल में 100 से ज्यादा गाड़ियों को ठिकाने लगाया है। शातिर उत्तराखंड से गाड़ी चोरी करने के बाद उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और लखनऊ में बेचते थे। वहीं उत्तर प्रदेश से चोरी हुई कार को उत्तराखंड के खटीमा, चंपावत और सितारगंज सहित कई जिलों में बेचा जाता था।
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आधी कीमतों पर लगती थीं ठिकाने
बदमाश फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट तैयार रखते थे। ऑन डिमांड गाड़ियों की चोरी के बाद नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। फर्जी कागज बनाते थे। ग्राहक को गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त बताकर करीब 50 फीसदी कम कीमत पर बेची जाती थी। खास बात यह थी कि कार चोरी होने के बाद बहेड़ी के ठिकानों पर करीब तीन से चार महीने तक अंडर ग्राउंड रखी जाती थी।

उत्तराखंड में मिली आटो लिफ्ंिटग की ट्रेनिंग
इरफान ने बताया कि वह उत्तराखंड में काम के सिलसिले में गया था। वहीं एक आटो लिफ्टर गिरोह के संपर्क में आने के बाद उसने गाड़ियां चुराना सीखा। दिल्ली में रहकर शुरुआत में उसने बाइक चोरी की, लेकिन बाद में लग्जरी गाड़ियों की चोरी करता था। उसने जावेद को अपने साथ मिलाकर गैंग तैयार कर लिया। दोनों बदमाश पुलिस रिकार्ड में नहीं थे। पकड़े जाने के बाद उनका उत्तराखंड में भी रिकार्ड खंगाला जा रहा है। एसपी देहात के मुताबिक, गैंग रजिस्टर करवाया जाएगा।


मां ने कहा, जल्द जमानत करवा लेंगे
जेल जाते वक्त इरफान की मां ने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि बेटा तुम्हारी जमानत जल्दी करवा लेंगे। मां के व्यवहार से सभी हैरान थे। दोनों ने बताया कि मास्टर की से गाड़ी का लॉक खोलकर चोरी करते थे, जावेद सायरन के तार काटता था। वह इंटरनेट के जरिये चोरी की कार के मॉडल नंबर, उसके मालिक सहित पूरी जानकारी लेने के बाद उसको बेचते थे।
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