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रुपयों के लालच में चचेरे भाई का अपहरण
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। रुपयों के लालच में रमजान नगर से एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई का अपहरण कर लिया। लेकिन खोजबीन के दौरान पुलिस को उस शक हुआ और सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपहरण की कहानी बयां कर दी। इसके बाद अपहृत बालक को पुवायां से सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ में उस व्यक्ति को भी दबोच लिया गया, जिसके पास बालक को रखा गया था।
रविवार सुबह कस्बे के मोहल्ला रमजान नगर निवासी प्रदीप दीक्षित का करीब सात वर्षीय बालक विवेक दीक्षित सुबह नौ बजे घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिला तो प्रदीप ने पुलिस को को सूचना दी। तलाशी और पूछताछ के दौरान पुलिस को बालक के चचेरे भाई गोविंद दीक्षित (18) पर शक हुआ। बताते हैं पुलिस और परिजनों के साथ तलाशी अभियान में वह भी शामिल था। इसी दौरान उसने किसी से कहा कि उसके पास दस लाख रुपयों की व्यवस्था करने का फोन आया था। जब उससे फोन नंबर मांगा गया था तो वह आनाकानी करने लगा। बस यहीं से उस पर शक गहराया। पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो अपहरण की कहानी सामने आ गई।
पहले ही बना ली थी प्लानिंग
प्रदीप काफी समय से परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। विवेक बड़ा है। उसके बाद दो बेटियां है। प्रदीप शनिवार रात को ही परिवार समेत यहां आए थे और सुबह होते ही यह घटना हो गई। आरोपी ने अपहरण की साजिश पहले ही रच ली थी। बताते है कि प्रदीप यहां अपने मकान के हिस्से की मरम्मत और लिंटर डलवाने के लिए आने वाले थे। उसे अंदाजा था कि इस काम के लिए वह अच्छा खासा रुपया लेकर आएंगे। गोविंद ने अपने जिस मौसेरे भाई के पास बालक को रखा था, वह भी कुछ दिन पहले यहां आया था। पुवायां में उसी के पास से बालक बरामद हुआ है। गोविंद ने पहले बालक को फुसलाया फिर किसी की बाइक से उसे पुवायां पहुंचाया था।
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प्रदीप दीक्षित ने अपने सात वर्षीय पुत्र विवेक का अपहरण कर लिए जाने की तहरीर दी है तहरीर में विवेक के अपहरण का शक अपने भतीजे गोविंद द्वारा कर लिए जाने का शक जताया गया है जिसके आधार पर गोविंद को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ब्रम्हपाल सिंह,सीओ,जलालाबाद
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रविवार सुबह कस्बे के मोहल्ला रमजान नगर निवासी प्रदीप दीक्षित का करीब सात वर्षीय बालक विवेक दीक्षित सुबह नौ बजे घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिला तो प्रदीप ने पुलिस को को सूचना दी। तलाशी और पूछताछ के दौरान पुलिस को बालक के चचेरे भाई गोविंद दीक्षित (18) पर शक हुआ। बताते हैं पुलिस और परिजनों के साथ तलाशी अभियान में वह भी शामिल था। इसी दौरान उसने किसी से कहा कि उसके पास दस लाख रुपयों की व्यवस्था करने का फोन आया था। जब उससे फोन नंबर मांगा गया था तो वह आनाकानी करने लगा। बस यहीं से उस पर शक गहराया। पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो अपहरण की कहानी सामने आ गई।
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पहले ही बना ली थी प्लानिंग
प्रदीप काफी समय से परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। विवेक बड़ा है। उसके बाद दो बेटियां है। प्रदीप शनिवार रात को ही परिवार समेत यहां आए थे और सुबह होते ही यह घटना हो गई। आरोपी ने अपहरण की साजिश पहले ही रच ली थी। बताते है कि प्रदीप यहां अपने मकान के हिस्से की मरम्मत और लिंटर डलवाने के लिए आने वाले थे। उसे अंदाजा था कि इस काम के लिए वह अच्छा खासा रुपया लेकर आएंगे। गोविंद ने अपने जिस मौसेरे भाई के पास बालक को रखा था, वह भी कुछ दिन पहले यहां आया था। पुवायां में उसी के पास से बालक बरामद हुआ है। गोविंद ने पहले बालक को फुसलाया फिर किसी की बाइक से उसे पुवायां पहुंचाया था।
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प्रदीप दीक्षित ने अपने सात वर्षीय पुत्र विवेक का अपहरण कर लिए जाने की तहरीर दी है तहरीर में विवेक के अपहरण का शक अपने भतीजे गोविंद द्वारा कर लिए जाने का शक जताया गया है जिसके आधार पर गोविंद को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ब्रम्हपाल सिंह,सीओ,जलालाबाद