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मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर लाखों ठगे, रिपोर्ट
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बरेली। एक फर्जी कंपनी ने विज्ञापन लगाकर मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी कर ली। इसकी शिकायत थाने में करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह अधिकारियों के पास पहुंची। साइबर जांच का विषय बताकर पुलिस पीड़ित को टहलाती रही। घटना के कई महीनों बात थाना इज्जतनगर में घटना की रिपोर्ट शुक्रवार को दर्ज की गई।
इज्जतनगर क्षेत्र के गांव छोटी बिहार निवासी चंद्रपाल ने बीते वर्ष जुलाई में एक कंपनी से अपनी जमीन पर मोबाइल टॉवर लगवाने की बात की थी। चंद्रपाल के मुताबिक कंपनी के कहे अनुसार उन्होंने बीते वर्ष सात जुलाई से 28 अक्तूबर तक करीब 5,66,850 रुपये फीस के नाम पर कंपनी के खाते में जमा किए थे। इसके बावजूद को कंपनी द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्हें संदेह हुआ तो रुपये भेजना बंद कर दिए और पुलिस से शिकायत की। चंद्रपाल के मुताबिक पहले तो थाना पुलिस ने साइबर जांच के नाम पर सेल भेजा, जहां उन्हें करीब करीब तीन महीने जांच के नाम पर टहलाया। फिर थाने पुलिस मामले में उनकी ही गलती दिखाकर जांच के नाम पर उन्हें आए दिन टहलाने लगे। एक थानाध्यक्ष ने तो उन्हें यह तक कह दिया कि आपके पास रुपये ज्यादा हैं, आप जैसे लोग ही पुलिस की परेशानी बढ़ाते हैं। हार कर पीड़ित ने रिपोर्ट और कागज वापस मांग लिए तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई।
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इज्जतनगर क्षेत्र के गांव छोटी बिहार निवासी चंद्रपाल ने बीते वर्ष जुलाई में एक कंपनी से अपनी जमीन पर मोबाइल टॉवर लगवाने की बात की थी। चंद्रपाल के मुताबिक कंपनी के कहे अनुसार उन्होंने बीते वर्ष सात जुलाई से 28 अक्तूबर तक करीब 5,66,850 रुपये फीस के नाम पर कंपनी के खाते में जमा किए थे। इसके बावजूद को कंपनी द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर उन्हें संदेह हुआ तो रुपये भेजना बंद कर दिए और पुलिस से शिकायत की। चंद्रपाल के मुताबिक पहले तो थाना पुलिस ने साइबर जांच के नाम पर सेल भेजा, जहां उन्हें करीब करीब तीन महीने जांच के नाम पर टहलाया। फिर थाने पुलिस मामले में उनकी ही गलती दिखाकर जांच के नाम पर उन्हें आए दिन टहलाने लगे। एक थानाध्यक्ष ने तो उन्हें यह तक कह दिया कि आपके पास रुपये ज्यादा हैं, आप जैसे लोग ही पुलिस की परेशानी बढ़ाते हैं। हार कर पीड़ित ने रिपोर्ट और कागज वापस मांग लिए तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई।
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