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कलक्ट्रेट गेट पर सामूहिक आत्मदाह की कोशिश
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बरेली। बाकरगंज के मंदिर में मूर्तियां तोड़ने का मामला गुरुवार को खासा गरमा गया। हिंदूवादी नेता प्रशांत शर्मा, समाजसेविका पुष्पा रानी और उनके दो साथियों ने कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा कर सामूहिक आत्मदाह की कोशिश की। बैगों में रखी केरोसिन की बोतलें निकाल लीं। प्रशांत और पुष्पा ने तो केरोसिन उड़ेल भी लिया, तभी पुलिस इन्हें पकड़कर कोतवाली ले गई। शांतिभंग की कार्रवाई के बाद सभी को निजी मुचलकों पर छोड़ दिया गया।
22 मई की रात मूर्तियां तोड़ने से एक समुदाय के लोग गुस्से में हैं। वे लगातार दूसरे पक्ष पर कार्रवाई के लिए अड़े हैं। आरोप है कि पुलिस टालमटोल कर रही है। इसी वजह से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशांत शर्मा, समाजसेविका पुष्पा रानी व बाकरगंज के करीब 80 लोग दामोदर स्वरूप पार्क पर एकत्र हुए। इसके बाद ये लोग डीएम से मिलने पहुंचे और उन्हें दोषियों पर कार्रवाई करने संबंधी ज्ञापन सौंपा। कहा कि वे रोज की भागदौड़ से परेशान हो चुके हैं, चार घंटे में कार्रवाई न हुई तो आत्मदाह कर लेंगे। डीएम ने इन्हें आश्वासन देकर भेज दिया। इसके बाद ये कलक्ट्रेट गेट पर इंतजार करने लगे। ढाई घंटा इंतजार के बाद भी अंदर से कोई फरमान न आया तो इन्होंने अपने बैगों में रखीं केरोसिन से भरी बोतलें निकाल लीं। प्रशांत ने अपने ऊपर केरोसिन की पूरी बोतल उड़ेली तो पुष्पा के शरीर पर भी थोड़ा केरोसिन गिर गया। साथ ही बाकरगंज के मनोज मौर्य व डालचंद मौर्य ने भी केरोसिन अपने ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। इससे चेतावनी को हल्के में ले रही पुलिस और खुफिया अमले के हाथपैर फूल गए। आननफानन में सभी से बोतलें छीनीं गईं। पुलिस ने लाठियां फटकारीं तो आसपास से भीड़ छंट गई। तब चारों को कोतवाली ले जाया गया। वहां सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर इन लोगों से बात की। बाद में चारों को शांतिभंग में सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया गया। वहां से पचास-पचास हजार रुपये के मुचलकों पर जमानत दे दी गई।
जब सम्मान से जी नहीं सकते तो मरने दीजिए
मोहल्ले के लोगों में किला पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गुस्सा दिखा। हिंदूवादी नेता प्रशांत शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि मंदिर के आसपास दूसरे समुदाय के लोग हैं। इनमें से केवल पांच या छह लोग घटना के लिए जिम्मेदार हैं तो करीब दस लोग उनका हौसला बढ़ाते हैं। बरसों पुराना मंदिर का गुंबद पहले से क्षतिग्रस्त है। 22 मई की रात मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। तब से वह लोग पुलिस के संपर्क में हैं पर पुलिस जांच के अलावा दूसरी बात नहीं कहती। उन्हें पता लगा है कि इनमें एक दो लोग पुलिस के मुखबिर हैं जो नए स्टाफ को कमाई का जरिया बताते हैं। इसीलिए पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। कहा कि उनकी नजर में आज की घटना अपराध नहीं है। न्याय न मिला और सम्मान से न जी सके तो उन्हें मर जाने दिया जाए।
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चौकी में मसला निपट जाता तो न होती घटना
बुधवार शाम भी बाकरगंज पुलिस चौकी में इस प्रकरण को लेकर पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की थी। करीब घंटा भर पब्लिक और पुलिस में संवाद हुआ पर नतीजा नहीं निकला। इसके बाद ही आत्मदाह की चेतावनी दी गई। बैठक में किला इंस्पेक्टर डीसी शर्मा भी रहे। गुरुवार की घटना को लेकर इंस्पेक्टर की सफाई थी कि किसी व्यक्ति के घटना में शामिल होने का कोई साक्ष्य हंगामा करने वालों के पास नहीं है। वे एकतरफा कार्रवाई कराकर इलाके में तनाव फैलाना चाहते हैं। पुलिस खुद मंदिर में मूर्तियां लगवाकर सुरक्षा की गारंटी देने को तैयार है पर कुछ लोग राजनैतिक स्वार्थ में मामले को तूल दे रहे हैं। ऐसे ही लोगों ने बुधवार को समझौता नहीं होने दिया।
कलक्ट्रेट गेट पर चार लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की। इनमें से प्रशांत नाम के व्यक्ति पर केरोसिन पड़ा हुआ था। सभी को हिरासत में कोतवाली लाया गया और शांतिभंग में निरुद्ध करके कोर्ट में पेश किया गया। इन्हें मुचलके पर छोड़ा गया है, दोबारा ऐसा कृत्य करने पर एफआईआर करने की चेतावनी दी गई है। - पंकज वर्मा, सदर कोतवाल
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22 मई की रात मूर्तियां तोड़ने से एक समुदाय के लोग गुस्से में हैं। वे लगातार दूसरे पक्ष पर कार्रवाई के लिए अड़े हैं। आरोप है कि पुलिस टालमटोल कर रही है। इसी वजह से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशांत शर्मा, समाजसेविका पुष्पा रानी व बाकरगंज के करीब 80 लोग दामोदर स्वरूप पार्क पर एकत्र हुए। इसके बाद ये लोग डीएम से मिलने पहुंचे और उन्हें दोषियों पर कार्रवाई करने संबंधी ज्ञापन सौंपा। कहा कि वे रोज की भागदौड़ से परेशान हो चुके हैं, चार घंटे में कार्रवाई न हुई तो आत्मदाह कर लेंगे। डीएम ने इन्हें आश्वासन देकर भेज दिया। इसके बाद ये कलक्ट्रेट गेट पर इंतजार करने लगे। ढाई घंटा इंतजार के बाद भी अंदर से कोई फरमान न आया तो इन्होंने अपने बैगों में रखीं केरोसिन से भरी बोतलें निकाल लीं। प्रशांत ने अपने ऊपर केरोसिन की पूरी बोतल उड़ेली तो पुष्पा के शरीर पर भी थोड़ा केरोसिन गिर गया। साथ ही बाकरगंज के मनोज मौर्य व डालचंद मौर्य ने भी केरोसिन अपने ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। इससे चेतावनी को हल्के में ले रही पुलिस और खुफिया अमले के हाथपैर फूल गए। आननफानन में सभी से बोतलें छीनीं गईं। पुलिस ने लाठियां फटकारीं तो आसपास से भीड़ छंट गई। तब चारों को कोतवाली ले जाया गया। वहां सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर इन लोगों से बात की। बाद में चारों को शांतिभंग में सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया गया। वहां से पचास-पचास हजार रुपये के मुचलकों पर जमानत दे दी गई।
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जब सम्मान से जी नहीं सकते तो मरने दीजिए
मोहल्ले के लोगों में किला पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गुस्सा दिखा। हिंदूवादी नेता प्रशांत शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि मंदिर के आसपास दूसरे समुदाय के लोग हैं। इनमें से केवल पांच या छह लोग घटना के लिए जिम्मेदार हैं तो करीब दस लोग उनका हौसला बढ़ाते हैं। बरसों पुराना मंदिर का गुंबद पहले से क्षतिग्रस्त है। 22 मई की रात मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। तब से वह लोग पुलिस के संपर्क में हैं पर पुलिस जांच के अलावा दूसरी बात नहीं कहती। उन्हें पता लगा है कि इनमें एक दो लोग पुलिस के मुखबिर हैं जो नए स्टाफ को कमाई का जरिया बताते हैं। इसीलिए पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। कहा कि उनकी नजर में आज की घटना अपराध नहीं है। न्याय न मिला और सम्मान से न जी सके तो उन्हें मर जाने दिया जाए।
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चौकी में मसला निपट जाता तो न होती घटना
बुधवार शाम भी बाकरगंज पुलिस चौकी में इस प्रकरण को लेकर पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक की थी। करीब घंटा भर पब्लिक और पुलिस में संवाद हुआ पर नतीजा नहीं निकला। इसके बाद ही आत्मदाह की चेतावनी दी गई। बैठक में किला इंस्पेक्टर डीसी शर्मा भी रहे। गुरुवार की घटना को लेकर इंस्पेक्टर की सफाई थी कि किसी व्यक्ति के घटना में शामिल होने का कोई साक्ष्य हंगामा करने वालों के पास नहीं है। वे एकतरफा कार्रवाई कराकर इलाके में तनाव फैलाना चाहते हैं। पुलिस खुद मंदिर में मूर्तियां लगवाकर सुरक्षा की गारंटी देने को तैयार है पर कुछ लोग राजनैतिक स्वार्थ में मामले को तूल दे रहे हैं। ऐसे ही लोगों ने बुधवार को समझौता नहीं होने दिया।
कलक्ट्रेट गेट पर चार लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की। इनमें से प्रशांत नाम के व्यक्ति पर केरोसिन पड़ा हुआ था। सभी को हिरासत में कोतवाली लाया गया और शांतिभंग में निरुद्ध करके कोर्ट में पेश किया गया। इन्हें मुचलके पर छोड़ा गया है, दोबारा ऐसा कृत्य करने पर एफआईआर करने की चेतावनी दी गई है। - पंकज वर्मा, सदर कोतवाल