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झोलाछाप ने धंधा जमाने को लिया था तंत्रमंत्र का सहारा
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बरेली। दुष्कर्म का आरोपी झोलाछाप डॉक्टर गोपालदास मरीजों को दवाई के साथ ताबीज भी बनाकर देता था। तंत्रमंत्र का सहारा उसने अपना धंधा जमाने के लिए लिया था। लोग उसके झांसे में आ भी गए और कुछ ही दिनों में गोपालदास की दुकान चलने लगी थी। मगर हवस ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी बंगाली डॉक्टर गोपालदास ने करीब दो साल पहले हाफिजगंज इलाके के एक गांव में क्लीनिक खोली थी। ग्रामीणों के मुताबिक शुरू में गोपालदास की दुकान पर इक्का-दुक्का ही मरीज ही पहुंचते थे। उसने लोगों को अपने झांसे में लेने को ताबीज देना शुरू कर दिया। जिस मरीज को उसकी दवाई से फायदा नहीं होता था उस पर ऊपरी हवा चक्कर बताकर गोपालदास ताबीज पहना देता था। ताबीज के बदले लोग 50 से 100 रुपये भी देते थे। बीमारी के साथ ऊपरी हवा का इलाज करने से गोपालदास की दुकान पर मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई।
दो दिन पहले डायरिया पीड़ित एक महिला उसके पास पहुंची तो उसने उसके घर में प्रेतात्मा का साया बता दिया और झांसा दिया कि वह तंत्रमंत्र के जरिये उसे भगा देगा। शनिवार सुबह गोपाल खुद ही तंत्रमंत्र का सामान लेकर महिला के घर पहुंच गया। प्रेतात्मा का डर दिखाया तो महिला मान गई। गोपाल ने कमरे में जाकर पूजा शुरू कर दी। पूजा के बहाने उसने महिला की 13 वर्षीय बेटी को कमरे में बुला लिया। फिर मना करने के बावजूद कमरा अंदर से बंद कर लिया। कुछ ही देर में कमरे से बच्ची के चीखने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने धक्का मारकर दरवाजा खोला तो डरी सहमी बच्ची के साथ झोलाछाप भी नग्न हालत में था। गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन रविवार को जेल नहीं भेजा गया।
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पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी बंगाली डॉक्टर गोपालदास ने करीब दो साल पहले हाफिजगंज इलाके के एक गांव में क्लीनिक खोली थी। ग्रामीणों के मुताबिक शुरू में गोपालदास की दुकान पर इक्का-दुक्का ही मरीज ही पहुंचते थे। उसने लोगों को अपने झांसे में लेने को ताबीज देना शुरू कर दिया। जिस मरीज को उसकी दवाई से फायदा नहीं होता था उस पर ऊपरी हवा चक्कर बताकर गोपालदास ताबीज पहना देता था। ताबीज के बदले लोग 50 से 100 रुपये भी देते थे। बीमारी के साथ ऊपरी हवा का इलाज करने से गोपालदास की दुकान पर मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई।
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दो दिन पहले डायरिया पीड़ित एक महिला उसके पास पहुंची तो उसने उसके घर में प्रेतात्मा का साया बता दिया और झांसा दिया कि वह तंत्रमंत्र के जरिये उसे भगा देगा। शनिवार सुबह गोपाल खुद ही तंत्रमंत्र का सामान लेकर महिला के घर पहुंच गया। प्रेतात्मा का डर दिखाया तो महिला मान गई। गोपाल ने कमरे में जाकर पूजा शुरू कर दी। पूजा के बहाने उसने महिला की 13 वर्षीय बेटी को कमरे में बुला लिया। फिर मना करने के बावजूद कमरा अंदर से बंद कर लिया। कुछ ही देर में कमरे से बच्ची के चीखने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने धक्का मारकर दरवाजा खोला तो डरी सहमी बच्ची के साथ झोलाछाप भी नग्न हालत में था। गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन रविवार को जेल नहीं भेजा गया।
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