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महिला दरोगा हत्याकांड - भाई और भतीजे ने कबूल किया गुनाह
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महिला दरोगा हत्याकांड - भाई और भतीजे ने कबूल किया गुनाह
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। पुलिस लाइन में महिला दरोगा रीना कुमारी की हत्या उसके भाई और भतीजे ने ही की थी। गुरुवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। रीना के भाई ने उनकी हत्या के लिए दो भाड़े के हत्यारे भी बुलाए थे। जैसा कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में साफ कर दिया था, 27 मई की शाम सात बजे ये चारों लोग बस से बरेली पहुंचे और करीब साढ़े नौ बजे हत्या करके लौट गए। आरोपी भाई ने बताया कि रीना ने करीब साढ़े पांच करोड़ कीमत की 52 बीघा जमीन पिता को धोखा देकर अपने नाम करा ली थी। इसके बाद उनकी कुछ सुनने को भी तैयार नहीं थी। इसी वजह से मजबूर होकर उसे मार दिया।
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी विपिन ने कबूल किया कि रीना कुमारी उसकी इकलौती छोटी बहन थी। उसके प्रेम विवाह करने के बाद पिता ने दहेज के तौर पर करीब दस बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी। करीब 42 बीघा उनके पास बची थी। पिता ने उनके बेटों के नाम इसकी वसीयत की थी। इस बीच पिता बीमार हुए तो इलाज के बहाने रीना उन्हें साथ ले गई। फिर उसने रामपुर की शाहबाद तहसील के रजिस्ट्रार की मदद से पूरी जमीन की वसीयत अपने नाम करा ली। पिता से धोखे से दस्तखत करा लिए। पिता की मृत्यु के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। रीना के पास नौकरी थी, लेकिन उनके जीवनयापन जरिया सिर्फ जमीन ही थी। उनके परिवार के सामने भीख मांगने की नौबत आ गई। उन्होंने बहुत समझाया लेकिन रीना नहीं मानी। रिश्तेदारों से वादा किया कि पांच बीघा जमीन लेकर बाकी लौटा देगी पर बाद में मुकर गई। इसके बाद उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर उसे मारने का इरादा कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि विपिन के साथ भाड़े के हत्यारे मोहसिन और शाहरुख थे जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हत्या से पहले की समझाने की कोशिश
विपिन ने बताया कि मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के गांव चौपरा के मोहसिन की ससुराल उसके गांव में है। डेढ़ साल पहले मोहसिन ससुराल में ही बस गया था। उसे दो लाख रुपये में बहन की हत्या के लिए तैयार किया था। मोहसिन ने अमरोहा के अपने चचेरे भाई शाहरुख को भी बुला लिया। चारों लोग 27 मई को रोडवेज बस से शाम सात बजे बरेली पहुंचे। घंटे भर टहलते रहे, फिर अंधेरा होने पर साढ़े आठ बजे चौपुला आए। कुछ देर निगरानी करने के बाद रीना के घर में घुसे। विपिन के मुताबिक कुछ देर उसने रीना को समझाने की कोशिश की मगर जब वह झगड़ा करने लगी तो मोहसिन ने लोहे की रॉड से उसके सिर के पीछे वार किया। चीख न पाए, इसके लिए मुंह दबा दिया। बाकी गुंजाइश खत्म करने को रस्सी से उसका गला भी कस दिया।
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बेटे ने की अंत्येष्टि, गांव जाने से इंकार
रीना का बेटा यीशु कृष्णन दिल्ली की आकाश कोचिंग में कंपटीशन की तैयारी कर रहा है। यीशु बुधवार देर रात शहर आया तो पुलिस ने मां का शव उसके सुपुर्द कर दिया। ननिहाल के लोगों ने गांव जाकर अंत्येष्टि करने को कहा तो यीशु ने इंकार कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों की मदद से कुछ खास लोगों के साथ जाकर गुरुवार सुबह संजयनगर श्मशान भूमि पर मां की अंत्येष्टि की। गुरुवार दोपहर गुमसुम सा कोतवाली में बैठा रहा। बोला, मां ही उसका सहारा थीं। अब समझ में नहीं आ रहा कि कैसे रहेगा।
साफ है कि जमीन की खातिर हत्या हुई थी। दो हत्यारे पकड़े गए हैं, बाकी दो को भी जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। आरोपियों को पकड़ने में सर्विलांस की अहम भूमिका रही। साक्ष्य सामने रखते ही पिता-पुत्र ने गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य के आधार पर चार्जशीट लगाएगी ताकि अधिकतम सजा मिले। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
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एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी विपिन ने कबूल किया कि रीना कुमारी उसकी इकलौती छोटी बहन थी। उसके प्रेम विवाह करने के बाद पिता ने दहेज के तौर पर करीब दस बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी। करीब 42 बीघा उनके पास बची थी। पिता ने उनके बेटों के नाम इसकी वसीयत की थी। इस बीच पिता बीमार हुए तो इलाज के बहाने रीना उन्हें साथ ले गई। फिर उसने रामपुर की शाहबाद तहसील के रजिस्ट्रार की मदद से पूरी जमीन की वसीयत अपने नाम करा ली। पिता से धोखे से दस्तखत करा लिए। पिता की मृत्यु के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। रीना के पास नौकरी थी, लेकिन उनके जीवनयापन जरिया सिर्फ जमीन ही थी। उनके परिवार के सामने भीख मांगने की नौबत आ गई। उन्होंने बहुत समझाया लेकिन रीना नहीं मानी। रिश्तेदारों से वादा किया कि पांच बीघा जमीन लेकर बाकी लौटा देगी पर बाद में मुकर गई। इसके बाद उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर उसे मारने का इरादा कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि विपिन के साथ भाड़े के हत्यारे मोहसिन और शाहरुख थे जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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हत्या से पहले की समझाने की कोशिश
विपिन ने बताया कि मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के गांव चौपरा के मोहसिन की ससुराल उसके गांव में है। डेढ़ साल पहले मोहसिन ससुराल में ही बस गया था। उसे दो लाख रुपये में बहन की हत्या के लिए तैयार किया था। मोहसिन ने अमरोहा के अपने चचेरे भाई शाहरुख को भी बुला लिया। चारों लोग 27 मई को रोडवेज बस से शाम सात बजे बरेली पहुंचे। घंटे भर टहलते रहे, फिर अंधेरा होने पर साढ़े आठ बजे चौपुला आए। कुछ देर निगरानी करने के बाद रीना के घर में घुसे। विपिन के मुताबिक कुछ देर उसने रीना को समझाने की कोशिश की मगर जब वह झगड़ा करने लगी तो मोहसिन ने लोहे की रॉड से उसके सिर के पीछे वार किया। चीख न पाए, इसके लिए मुंह दबा दिया। बाकी गुंजाइश खत्म करने को रस्सी से उसका गला भी कस दिया।
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बेटे ने की अंत्येष्टि, गांव जाने से इंकार
रीना का बेटा यीशु कृष्णन दिल्ली की आकाश कोचिंग में कंपटीशन की तैयारी कर रहा है। यीशु बुधवार देर रात शहर आया तो पुलिस ने मां का शव उसके सुपुर्द कर दिया। ननिहाल के लोगों ने गांव जाकर अंत्येष्टि करने को कहा तो यीशु ने इंकार कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों की मदद से कुछ खास लोगों के साथ जाकर गुरुवार सुबह संजयनगर श्मशान भूमि पर मां की अंत्येष्टि की। गुरुवार दोपहर गुमसुम सा कोतवाली में बैठा रहा। बोला, मां ही उसका सहारा थीं। अब समझ में नहीं आ रहा कि कैसे रहेगा।
साफ है कि जमीन की खातिर हत्या हुई थी। दो हत्यारे पकड़े गए हैं, बाकी दो को भी जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। आरोपियों को पकड़ने में सर्विलांस की अहम भूमिका रही। साक्ष्य सामने रखते ही पिता-पुत्र ने गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य के आधार पर चार्जशीट लगाएगी ताकि अधिकतम सजा मिले। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी