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सीडब्ल्यूसी ने मुंबई पुलिस के हवाले की बांग्लादेशी किशोरीकी
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बरेली। देह व्यापार के दलालों के चंगुल में फंसकर बरेली लाई गई बांग्लादेशी किशोरी को सीडब्ल्यूसी ने उसकी मां के साथ आई मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने लड़की को फरवरी में बरेली से बरामद किया था। बाद में उसकी निशानदेही पर जिस्म फरोशी के धंधे में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। सोमवार को मुंबई पुलिस के साथ लड़की की मां सीडब्ल्यूसी के सामने पेश हुई। बाल कल्याण समिति ने लड़की को मुंबई की सीडब्ल्यूसी के सामने पेश कराने के आदेश के साथ ही उसे उसकी मां और मुंबई पुलिस को सौंप दिया है।
बांग्लादेशी महिला और उसकी 11 साल की बेटी को 2014 में दलाल मुंबई ले आए थे। दलालों ने महिला को मुंबई के रेडलाइट एरिया में बेच दिया लेकिन लड़की को दिल्ली ले आए। यहां से उसे कई जगह बेचा गया। कई शहरों में रखने के बाद रैकेट संचालक उसे बरेली ले आए। उसे सुभाषनगर के एक घर में रखा गया। मुंबई के एक एनजीओ के साथ आई वहां की पुलिस ने सुभाषनगर पुलिस की मदद से छापा मारकर उसे बरामद कर लिया था। लड़की की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले मुंबई पुलिस ने रेडलाइट एरिया से किशोरी की मां को बरामद किया था। महिला ने महाराष्ट्र के भांडुप थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मुंबई पुलिस बरेली पहुंची और सुधार गृह से किशोरी को लेकर वहां के इंस्पेक्टर ओमकार कोहरे के साथ टीम सीडब्ल्यूसी के सामने पेश हुई। यहां बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. डीएन शर्मा ने सुनवाई की। बाद में किशोरी को मुंबई में सीडब्ल्यूसी के सामने पेश कराने के आदेश के साथ ही उसे मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया।
खूब रोई मां-बेटी
पांच साल से अपनी बेटी से अलग उसकी मां जब सोमवार को सीडब्ल्यूसी पहुंची तो मां-बेटी एक-दूसरे को देखकर सुधबुध खो बैठीं। दोनों एक-दूसरे के लिपटकर खूब रोईं। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंख भर आईं। बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि बांग्लादेश की किशोरी को उसकी मां और मुंबई पुलिस को दे दिया है। उसे मुंबई में भी बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। उसके बाद उसे छोड़ने के आदेश होंगे। -, ,
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बांग्लादेशी महिला और उसकी 11 साल की बेटी को 2014 में दलाल मुंबई ले आए थे। दलालों ने महिला को मुंबई के रेडलाइट एरिया में बेच दिया लेकिन लड़की को दिल्ली ले आए। यहां से उसे कई जगह बेचा गया। कई शहरों में रखने के बाद रैकेट संचालक उसे बरेली ले आए। उसे सुभाषनगर के एक घर में रखा गया। मुंबई के एक एनजीओ के साथ आई वहां की पुलिस ने सुभाषनगर पुलिस की मदद से छापा मारकर उसे बरामद कर लिया था। लड़की की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले मुंबई पुलिस ने रेडलाइट एरिया से किशोरी की मां को बरामद किया था। महिला ने महाराष्ट्र के भांडुप थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मुंबई पुलिस बरेली पहुंची और सुधार गृह से किशोरी को लेकर वहां के इंस्पेक्टर ओमकार कोहरे के साथ टीम सीडब्ल्यूसी के सामने पेश हुई। यहां बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. डीएन शर्मा ने सुनवाई की। बाद में किशोरी को मुंबई में सीडब्ल्यूसी के सामने पेश कराने के आदेश के साथ ही उसे मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया।
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खूब रोई मां-बेटी
पांच साल से अपनी बेटी से अलग उसकी मां जब सोमवार को सीडब्ल्यूसी पहुंची तो मां-बेटी एक-दूसरे को देखकर सुधबुध खो बैठीं। दोनों एक-दूसरे के लिपटकर खूब रोईं। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंख भर आईं। बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि बांग्लादेश की किशोरी को उसकी मां और मुंबई पुलिस को दे दिया है। उसे मुंबई में भी बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। उसके बाद उसे छोड़ने के आदेश होंगे। -, ,
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