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कॉल सेंटर मामला: सपाई चुनाव कराने निकले, अब भाजपाई हावी
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बरेली। मतदान के दिन रामवाटिका कॉलोनी के कॉल सेंटर पर कथित हमले के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब भाजपा से जुड़ा व्यापारी वर्ग हावी हो गया है। व्यापारियों के सौंपे साक्ष्यों से घटना के दौरान घर में घुसे लोगों पर जल्द शिकंजा कस सकता है। वहीं सपाई दूसरे जिलों में लोकसभा चुनाव कराने रवाना हो गए हैं। उनका कहना है कि 12 मई के बाद लौटकर ही आगे की रणनीति बनाएंगे।
23 अप्रैल को मतदान के दिन विपक्षी दलों की शिकायत और हंगामे पर प्रेक्षक ने रामवाटिका के पास व्यापारी नेता आशू अग्रवाल के घर बेसमेंट में चल रहे कॉल सेंटर को सील कर दिया था। तीन दिन बाद उड़नदस्ता प्रभारी प्रवीण वाजपेई ने अज्ञात कॉल सेंटर संचालक के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट करा दी। लिखवाया कि अंदर भाजपा के कुछ लोग बताए गए जो वोटरों को कॉल कर रहे थे। इससे भाजपा से जुड़े व्यापारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। व्यापारी इस मामले में भीड़ के खिलाफ रिपोर्ट कराने पर अड़े थे। सोमवार को उन्होंने इसी सिलसिले में भूख हड़ताल शुरू कर दी। रणनीति काम आई और देर रात बारादरी थाने में आशू अग्रवाल की ओर से करीब चार सौ लोगों की भीड़ के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी गई। अब पुलिस फुटेज से चेहरे देखकर जांच को आगे बढ़ाएगी।
बताते हैं कि फुटेज में सपा के एक पार्षद समेत कुछ और नेताओं के चेहरे साफ दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक व्यापारियों ने पुलिस को ऐसे ही कुछ नामों की सूची भी दी है पर व्यापारी नेता इससे इंकार कर रहे हैं।
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व्यापारियों ने पुलिस को संबंधित साक्ष्य तो सौंपे हैं पर किसी हमलावर के नाम की सूची नहीं दी है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि वो खुद ही चेहरे पहचान कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। पुलिस लीपापोती करेगी तो व्यापारी फिर आंदोलन कर सकते हैं।
- शोभित सक्सेना, महानगर अध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
पुलिस ने व्यापारियों के दबाव में रिपोर्ट लिखी है। ईमानदारी से जांच हुई तो मामला खारिज हो जाएगा। इन दिनों सपा समेत गठबंधन के सभी नेताओं को दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है। हम लोग 12 मई को लौटकर इस मामले में आगे की रणनीति बनाएंगे।
- योगेश यादव, जिला प्रवक्ता, सपा
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23 अप्रैल को मतदान के दिन विपक्षी दलों की शिकायत और हंगामे पर प्रेक्षक ने रामवाटिका के पास व्यापारी नेता आशू अग्रवाल के घर बेसमेंट में चल रहे कॉल सेंटर को सील कर दिया था। तीन दिन बाद उड़नदस्ता प्रभारी प्रवीण वाजपेई ने अज्ञात कॉल सेंटर संचालक के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट करा दी। लिखवाया कि अंदर भाजपा के कुछ लोग बताए गए जो वोटरों को कॉल कर रहे थे। इससे भाजपा से जुड़े व्यापारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। व्यापारी इस मामले में भीड़ के खिलाफ रिपोर्ट कराने पर अड़े थे। सोमवार को उन्होंने इसी सिलसिले में भूख हड़ताल शुरू कर दी। रणनीति काम आई और देर रात बारादरी थाने में आशू अग्रवाल की ओर से करीब चार सौ लोगों की भीड़ के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी गई। अब पुलिस फुटेज से चेहरे देखकर जांच को आगे बढ़ाएगी।
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बताते हैं कि फुटेज में सपा के एक पार्षद समेत कुछ और नेताओं के चेहरे साफ दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक व्यापारियों ने पुलिस को ऐसे ही कुछ नामों की सूची भी दी है पर व्यापारी नेता इससे इंकार कर रहे हैं।
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व्यापारियों ने पुलिस को संबंधित साक्ष्य तो सौंपे हैं पर किसी हमलावर के नाम की सूची नहीं दी है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि वो खुद ही चेहरे पहचान कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। पुलिस लीपापोती करेगी तो व्यापारी फिर आंदोलन कर सकते हैं।
- शोभित सक्सेना, महानगर अध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
पुलिस ने व्यापारियों के दबाव में रिपोर्ट लिखी है। ईमानदारी से जांच हुई तो मामला खारिज हो जाएगा। इन दिनों सपा समेत गठबंधन के सभी नेताओं को दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है। हम लोग 12 मई को लौटकर इस मामले में आगे की रणनीति बनाएंगे।
- योगेश यादव, जिला प्रवक्ता, सपा