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इज्जतनगर गुरुद्वारे में तोड़फोड़ को लेकर हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:19 AM IST
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इज्जतनगर गुरुद्वारे में पूर्व ग्रंथी और प्रधान के बीच विवाद है। प्रधान और संगत के लोगों ने सोमवार को गुरुद्वारे का कुछ हिस्सा तोड़ा तो विवाद हो गया। दूसरे पक्ष ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला रफादफा कर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं ग्रंथी की पत्नी की ओर से गुरुद्वारा के प्रधान समेत चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, इज्जतनगर के एक हिस्से में पूर्व ग्रंथी बाबा बहाल सिंह का परिवार रहता है। तीन महीने पहले बहाल सिंह को ग्रंथी के पद से हटा दिया गया और उन्हें एक महीने में परिसर खाली करने को कह दिया गया। बाद में एक महीने का समय और बढ़ा दिया गया। मगर पूर्व ग्रंथी के परिवार ने परिसर खाली नहीं किया। इस पर सोमवार को प्रधान एवं संगत के लोगों ने वहां जाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। वहां बना रसोईघर गिरा दिया। इसे लेकर दूसरा पक्ष हंगामा करने लगा। सूचना पर इज्जतनगर पुलिस पहुंची तो पूर्व ग्रंथी पक्ष के लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट का स्टे दिखाया, इसमें 20 सितंबर तक विधि विरुद्ध रूप से बेदखल करने पर रोक लगाई गई है। इस पर कमेटी के प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें स्टे के बारे में जानकारी नहीं थी। पीछे का हिस्सा जर्जर हो गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए उसे तोड़ा जा रहा था। अब वह कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। वहीं ग्रंथी की पत्नी रंजीत कौर की तहरीर पर प्रधान बलविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, अवतार सिंह, गुरुचरन सिंह के खिलाफ मारपीट धमकी देने और तोड़फोड़ के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, इज्जतनगर के एक हिस्से में पूर्व ग्रंथी बाबा बहाल सिंह का परिवार रहता है। तीन महीने पहले बहाल सिंह को ग्रंथी के पद से हटा दिया गया और उन्हें एक महीने में परिसर खाली करने को कह दिया गया। बाद में एक महीने का समय और बढ़ा दिया गया। मगर पूर्व ग्रंथी के परिवार ने परिसर खाली नहीं किया। इस पर सोमवार को प्रधान एवं संगत के लोगों ने वहां जाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। वहां बना रसोईघर गिरा दिया। इसे लेकर दूसरा पक्ष हंगामा करने लगा। सूचना पर इज्जतनगर पुलिस पहुंची तो पूर्व ग्रंथी पक्ष के लोगों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट का स्टे दिखाया, इसमें 20 सितंबर तक विधि विरुद्ध रूप से बेदखल करने पर रोक लगाई गई है। इस पर कमेटी के प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें स्टे के बारे में जानकारी नहीं थी। पीछे का हिस्सा जर्जर हो गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए उसे तोड़ा जा रहा था। अब वह कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। वहीं ग्रंथी की पत्नी रंजीत कौर की तहरीर पर प्रधान बलविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, अवतार सिंह, गुरुचरन सिंह के खिलाफ मारपीट धमकी देने और तोड़फोड़ के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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