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एलएलएम के दो कॉलेज बढ़े, एडमिशन की मारामारी होगी कम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:14 AM IST
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MJP Rohilkhand university
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एलएलएम करने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें एलएलएम की पढ़ाई के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दो कॉलेजों में इस बार से ही एलएलएम शुरू हो रहा है। विश्वविद्यालय काउंसलिंग में इन दोनों कॉलेजों को शामिल करेगा। काउंसलिंग प्रक्रिया 10 जुलाई के बाद से शुरू होगी।
अभी तक एलएलएम सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित होता था। इसमें 30 सीटें थी। एलएलएम के एंट्रेंस में हर साल करीब छह से सात सौ अभ्यर्थी बैठते हैं। कम सीटें होने के कारण अभ्यर्थियों को दूसरे विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है। इस बार से एसएस कॉलेज शाजहांपुर और कृष्णा कॉलेज बिजनौर में एलएलएम की पढ़ाई होगी। दोनों कॉलेजों में 20-20 सीटों पर प्रवेश होंगे। हालांकि दोनों ही सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। इस बार 30 की जगह एलएलएम की 70 सीटों पर काउंसलिंग होगी। अगले साल कुछ अन्य कॉलेजों में भी एलएलएम खुल सकता है। बरेली कॉलेज ने भी एलएलएम का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेजा है।
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अभी तक एलएलएम सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित होता था। इसमें 30 सीटें थी। एलएलएम के एंट्रेंस में हर साल करीब छह से सात सौ अभ्यर्थी बैठते हैं। कम सीटें होने के कारण अभ्यर्थियों को दूसरे विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है। इस बार से एसएस कॉलेज शाजहांपुर और कृष्णा कॉलेज बिजनौर में एलएलएम की पढ़ाई होगी। दोनों कॉलेजों में 20-20 सीटों पर प्रवेश होंगे। हालांकि दोनों ही सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। इस बार 30 की जगह एलएलएम की 70 सीटों पर काउंसलिंग होगी। अगले साल कुछ अन्य कॉलेजों में भी एलएलएम खुल सकता है। बरेली कॉलेज ने भी एलएलएम का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेजा है।
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