{"_id":"5ccb4bb7bdec220726685ee2","slug":"101556827063-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ से आई सुनीता बरेली में बन गई सलमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
छत्तीसगढ़ से आई सुनीता बरेली में बन गई सलमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग करने वाला बरेली के भुता थाना क्षेत्र निवासी ड्राइवर वहां शादी समारोह से युवती को भगा लाया। यहां युवती ने धर्म बदलकर उससे निकाह कर लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस खोजती हुई गुरुवार को आई और बरेली कोर्ट के बाहर से युवती को पकड़कर ले गई।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कबरधा थाने के एएसआई मानसिंह राजपूत पुलिस टीम के साथ गुरुवार को बरेली आए। यहां उन्होंने कोर्ट के बाहर भुता थाना प्रभारी वीरेंद्र राणा से मुलाकात की और बाद में युवती को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि युवती के साथ मौजूद लोग भाग निकले। राजपूत युवती को साथ में कोतवाली ले आए। यहां कागजी कार्रवाई के बाद कोर्ट की अनुमति से पुलिस युवती को साथ में छत्तीसगढ़ ले गई। पुलिस ने बताया कि भुता के रम्पुरा प्रवीन गांव निवासी नदीम नाम का युवक छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग करता है। एक दिन नदीम की मुलाकात सुनीता से हो गई। 17 अप्रैल को सुनीता के तहेरे भाई की शादी थी। परिवार के लोग शादी में व्यस्त थे। इसी दौरान सुनीता नदीम के साथ बरेली चली आई। यहीं उन्होंने एक मौलाना की मदद से निकाह कर लिया। इससे पहले धर्म बदलकर सुनीता ने अपना नाम सलमा रखा। तब से ये लोग कोर्ट के जरिये अपनी शादी को वैध बनाने में लगे थे। इससे पहले सुनीता के पिता ने वहां कबीरधाम थाने में बेटी को ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। एएसआई राजपूत ने बताया कि वह युवती को कबीरधाम कोर्ट में पेश करेंगे। वहां जो आदेश होगा, उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान सुनीता के पिता भी छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ थे। बुरके में जा रही बेटी उन्हें देखकर भागी तो उन्हीं ने पहचानकर पुलिस से पकड़वाया। कोतवाली में मौजूद सुनीता और उसके पिता से बात करने की कोशिश की गई, पर उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कबरधा थाने के एएसआई मानसिंह राजपूत पुलिस टीम के साथ गुरुवार को बरेली आए। यहां उन्होंने कोर्ट के बाहर भुता थाना प्रभारी वीरेंद्र राणा से मुलाकात की और बाद में युवती को अभिरक्षा में ले लिया। हालांकि युवती के साथ मौजूद लोग भाग निकले। राजपूत युवती को साथ में कोतवाली ले आए। यहां कागजी कार्रवाई के बाद कोर्ट की अनुमति से पुलिस युवती को साथ में छत्तीसगढ़ ले गई। पुलिस ने बताया कि भुता के रम्पुरा प्रवीन गांव निवासी नदीम नाम का युवक छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग करता है। एक दिन नदीम की मुलाकात सुनीता से हो गई। 17 अप्रैल को सुनीता के तहेरे भाई की शादी थी। परिवार के लोग शादी में व्यस्त थे। इसी दौरान सुनीता नदीम के साथ बरेली चली आई। यहीं उन्होंने एक मौलाना की मदद से निकाह कर लिया। इससे पहले धर्म बदलकर सुनीता ने अपना नाम सलमा रखा। तब से ये लोग कोर्ट के जरिये अपनी शादी को वैध बनाने में लगे थे। इससे पहले सुनीता के पिता ने वहां कबीरधाम थाने में बेटी को ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। एएसआई राजपूत ने बताया कि वह युवती को कबीरधाम कोर्ट में पेश करेंगे। वहां जो आदेश होगा, उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान सुनीता के पिता भी छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ थे। बुरके में जा रही बेटी उन्हें देखकर भागी तो उन्हीं ने पहचानकर पुलिस से पकड़वाया। कोतवाली में मौजूद सुनीता और उसके पिता से बात करने की कोशिश की गई, पर उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन