{"_id":"5ca11cc4bdec2214492a948d","slug":"101554062532-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बड़ा पंजाब’ के धमाके से बेहोश हुई मासूम, फिर जगतपुर में हुआ बलवा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘बड़ा पंजाब’ के धमाके से बेहोश हुई मासूम, फिर जगतपुर में हुआ बलवा
विज्ञापन
बरेली। पुलिस और उसके अफसर तो ‘बड़ा पंजाब’ और ‘छोटा पंजाब’ को भूल गए, लेकिन उत्पातियों ने अब भी रायल इनफील्ड मोटर साइकिल में लगाकर गोली चलने के धमाके जैसी आवाज से लोगों को एकाएक दहशत में लाने वाली इन मशीनों को अपने खुराफाती खेल का जरिया बना रखा है। रविवार को जगतपुर के एक बरातघर में ऐसे ही धमाकों से पड़ोस के घर में डेढ़ साल की मासूम के बेहोश होने की घटना के बाद दो पक्षों के बीच जमकर बलवा हुआ। बरातघर मालिक और उसके लोगों ने धमाकों का विरोध करने वाले लोगों के घरों में घुसकर मारपीट की, जिसके बाद दोनों तरफ से पथराव भी हुआ। पीड़ित पक्ष ने घर में लूटपाट और धारदार हथियार मारकर जख्मी करने का भी आरोप लगाया, लेकिन पुलिस ने दोनों तरफ से एनसीआर दर्ज कर मामला निपटा दिया।
खुराफाती लड़के जगतपुर की नई बस्ती में हाजी इस्लाम बब्बूू के बरातघर आयशा पैलेस में रविवार को आयोजित एक शादी समारोह में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी मोटर साइकिलों से ताबड़तोड़ धमाके करने शुरू कर दिए। धमाकों की आवाज से डरी पड़ोस में रहने वाले जैनुल की डेढ़ वर्षीय भांजी बेहोश हो गई। जैनुल का कहना है कि उन्होंने इस्लाम बब्बू से इसकी शिकायत की तो उन्होंने खुराफाती लड़कों को समझाने के बजाय उनसे गालीगलौज शुरू कर दी। इस पर जैनुल उसके शादी हॉल की शिकायत प्रशासन और बीडीए अधिकारियों से करने की चेतावनी देकर वहां से घर चले आए। जैनुल का कहना है कि कुछ ही देर बाद बरातघर मालिक इस्लाम बब्बू, गुड्डू, अकील, हसीन समेत कई लोग उनके घर में घुस गए और उनके परिवार के लोगों पर हमला कर दिया।
जैनुल का कहना है कि मारपीट के दौरान उनके घर से दो हजार रुपये भी लूट लिए और उन्हें धारदार हथियार मारकर जख्मी कर दिया गया। इसके बाद काफी देर तक दोनों तरफ से पथराव भी हुआ। आसपास के लोगों ने बीच में पड़कर पथराव बंद कराया जिसके बाद दोनों पक्ष बारादरी थाने पहुंच गए। जैनुल की तहरीर पर इस्लाम बब्बू, गुड्डू, अकील, हसीन और इस्लाम बब्बू की तरफ से भी जैनुल, खालिद, वाजिद, आसिफ के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर पुलिस ने मामला निपटा दिया।
विज्ञापन
अफसरों के फरमान पर सिर्फ चार दिन चला अभियान
बुलेट मोटर साइकिल में साइलेंसर की जगह लगाए जाने वाले धमाके करने वाली डिवाइस की शिकायतें पिछले साल शासन तक पहुंची थीं। अमर उजाला ने भी शहर भर को परेशान करके रख देने वाली इस खुराफात के खिलाफ कई दिन अभियान चलाया था। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने पिछले साल सितंबर में खुराफातियों के खिलाफ अभियान चलाया था। मगर बाद अफसरों ने इसकी मॉनिटरिंग बंद की तो पुलिस ने चार दिन बाद ही अभियान से हाथ खींच लिए। इस अभियान का असर यह जरूर हुआ कि करीब 15-20 तक इस खुराफात पर ब्रेक लग गया, लेकिन इसके बाद फिर धीरे-धीरे मोटर साइकिल से निकलने वाले धमाके सुनाई देने लगे। अब तो बुलेट मोटर साइकिल वाले ये खुराफाती फिर बेखौफ होकर शहर की सड़कों पर धमाके करते हुए फर्राटा भर रहे हैं।
700-1000 रुपये में कान फोड़ने का इंतजाम
छोटा और बड़ा पंजाब के नाम से बिकने वाले पटाखा साइलेंसर इस्लामिया मार्केट में 700-1000 रुपये के बीच कीमत में उपलब्ध हैं। बेरोकटोक इनकी बिक्री होती है जबकि व्हीकल एक्ट के मुताबिक वाहनों में ऐसे उपकरण लगाना पूरी तरह निषेध है। इससे 90 डेसीबेल से ज्यादा ध्वनि निकलती है जबकि कानों के लिए उपयुक्त 30-40 डेसीबेल ही है। सितंबर में पुलिस अफसरों के निर्देश पर ये उपकरण बेचने वाले दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने ढिलाई दिखाई तो वे फिर बेफिक्र हो गए।
बुलेट मोटरसाइकिल में लगे पटाखों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। ऐसी घटनाएं ज्यादातर गली मोहल्ले में ही होती है। सामने पड़ने पर इनके चालान किए जाते हैं। होली पर मैंने खुद पटाखा लगी तीन मोटरसाइकिलों के चालान किए थे। - एससी गंगवार, एसपी ट्राफिक
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। बुलेट में पटाखा लगाकर बजाने वालों के चलान क्यों नहीं किए गए, इस पर जवाब मांगा जाएगा। पीड़ितों की तहरीर के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी। - पीतमपाल सिंह, सीओ थर्ड
विज्ञापन
खुराफाती लड़के जगतपुर की नई बस्ती में हाजी इस्लाम बब्बूू के बरातघर आयशा पैलेस में रविवार को आयोजित एक शादी समारोह में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी मोटर साइकिलों से ताबड़तोड़ धमाके करने शुरू कर दिए। धमाकों की आवाज से डरी पड़ोस में रहने वाले जैनुल की डेढ़ वर्षीय भांजी बेहोश हो गई। जैनुल का कहना है कि उन्होंने इस्लाम बब्बू से इसकी शिकायत की तो उन्होंने खुराफाती लड़कों को समझाने के बजाय उनसे गालीगलौज शुरू कर दी। इस पर जैनुल उसके शादी हॉल की शिकायत प्रशासन और बीडीए अधिकारियों से करने की चेतावनी देकर वहां से घर चले आए। जैनुल का कहना है कि कुछ ही देर बाद बरातघर मालिक इस्लाम बब्बू, गुड्डू, अकील, हसीन समेत कई लोग उनके घर में घुस गए और उनके परिवार के लोगों पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
जैनुल का कहना है कि मारपीट के दौरान उनके घर से दो हजार रुपये भी लूट लिए और उन्हें धारदार हथियार मारकर जख्मी कर दिया गया। इसके बाद काफी देर तक दोनों तरफ से पथराव भी हुआ। आसपास के लोगों ने बीच में पड़कर पथराव बंद कराया जिसके बाद दोनों पक्ष बारादरी थाने पहुंच गए। जैनुल की तहरीर पर इस्लाम बब्बू, गुड्डू, अकील, हसीन और इस्लाम बब्बू की तरफ से भी जैनुल, खालिद, वाजिद, आसिफ के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर पुलिस ने मामला निपटा दिया।
विज्ञापन
अफसरों के फरमान पर सिर्फ चार दिन चला अभियान
बुलेट मोटर साइकिल में साइलेंसर की जगह लगाए जाने वाले धमाके करने वाली डिवाइस की शिकायतें पिछले साल शासन तक पहुंची थीं। अमर उजाला ने भी शहर भर को परेशान करके रख देने वाली इस खुराफात के खिलाफ कई दिन अभियान चलाया था। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने पिछले साल सितंबर में खुराफातियों के खिलाफ अभियान चलाया था। मगर बाद अफसरों ने इसकी मॉनिटरिंग बंद की तो पुलिस ने चार दिन बाद ही अभियान से हाथ खींच लिए। इस अभियान का असर यह जरूर हुआ कि करीब 15-20 तक इस खुराफात पर ब्रेक लग गया, लेकिन इसके बाद फिर धीरे-धीरे मोटर साइकिल से निकलने वाले धमाके सुनाई देने लगे। अब तो बुलेट मोटर साइकिल वाले ये खुराफाती फिर बेखौफ होकर शहर की सड़कों पर धमाके करते हुए फर्राटा भर रहे हैं।
700-1000 रुपये में कान फोड़ने का इंतजाम
छोटा और बड़ा पंजाब के नाम से बिकने वाले पटाखा साइलेंसर इस्लामिया मार्केट में 700-1000 रुपये के बीच कीमत में उपलब्ध हैं। बेरोकटोक इनकी बिक्री होती है जबकि व्हीकल एक्ट के मुताबिक वाहनों में ऐसे उपकरण लगाना पूरी तरह निषेध है। इससे 90 डेसीबेल से ज्यादा ध्वनि निकलती है जबकि कानों के लिए उपयुक्त 30-40 डेसीबेल ही है। सितंबर में पुलिस अफसरों के निर्देश पर ये उपकरण बेचने वाले दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने ढिलाई दिखाई तो वे फिर बेफिक्र हो गए।
बुलेट मोटरसाइकिल में लगे पटाखों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। ऐसी घटनाएं ज्यादातर गली मोहल्ले में ही होती है। सामने पड़ने पर इनके चालान किए जाते हैं। होली पर मैंने खुद पटाखा लगी तीन मोटरसाइकिलों के चालान किए थे। - एससी गंगवार, एसपी ट्राफिक
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। बुलेट में पटाखा लगाकर बजाने वालों के चलान क्यों नहीं किए गए, इस पर जवाब मांगा जाएगा। पीड़ितों की तहरीर के मुताबिक मामले की जांच की जाएगी। - पीतमपाल सिंह, सीओ थर्ड