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व्यापारी के खाते से उड़ाए 25 हजार, रिपोर्ट
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बरेली। डिजिटल वॉलेट से रुपये भेजने की प्रक्रिया को लेकर व्यापारी को गुमराह कर एक ठग ने उनके खाते से हजारों रुपये उड़ा लिए। पीड़ित ने थाना बारादरी में ठग के खिलाफ तहरीर सौंपी है।
इज्जतनगर क्षेत्र के बन्नूवाल नगर निवासी रवि खत्री की संजय नगर में अलमारी की दुकान है। रवि अपने भांजे सचिन के साथ दुकान संभालते हैं। रवि ने बताया कि शनिवार सुबह राजेश नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसके अलमारी खरीदने के लिए व्हाट्सएप पर उसे अलमारी के फोटो भेजने को कहा। दो अलमारी पसंद भी की और अलमारी लेने के लिए अपने नौकर को भेजने की बात कही। दो अलमारी के करीब 71 हजार भुगतान के लिए उसने रवि से उनके डिजिटल वॉलेट का नंबर मांगा। रवि ने भांजे सचिन के एक डिजिटल वॉलेट का नंबर उसे दे दिया। कुछ देर बाद सचिन के फोन पर 60 हजार रुपये के भुगतान की रिक्वेस्ट आई। लेकिन वह खारिज कर दी गई। इसके बाद ठग ने सचिन को यह कहकर गुमराह किया की उधर से अगर वह पेमेंट करेंगे तो उसके खाते से रुपये कट जाएंगे। फ्रॉड का शक होने के बावजूद सचिन ने उसकी अगली 25 हजार के भुगतान की रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। कुछ दी देर बाद उनके अकाउंट से यह राशि कट गई। इसके बाद से ठग उन्हें लगातार अनर्गल बातें करके गुमराह करता रहा। सचिन ने बताया कि ठग भुगतान के बाद भी उनसे खाते की जानकारी मांग रहा था। ब्यूरो
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इज्जतनगर क्षेत्र के बन्नूवाल नगर निवासी रवि खत्री की संजय नगर में अलमारी की दुकान है। रवि अपने भांजे सचिन के साथ दुकान संभालते हैं। रवि ने बताया कि शनिवार सुबह राजेश नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसके अलमारी खरीदने के लिए व्हाट्सएप पर उसे अलमारी के फोटो भेजने को कहा। दो अलमारी पसंद भी की और अलमारी लेने के लिए अपने नौकर को भेजने की बात कही। दो अलमारी के करीब 71 हजार भुगतान के लिए उसने रवि से उनके डिजिटल वॉलेट का नंबर मांगा। रवि ने भांजे सचिन के एक डिजिटल वॉलेट का नंबर उसे दे दिया। कुछ देर बाद सचिन के फोन पर 60 हजार रुपये के भुगतान की रिक्वेस्ट आई। लेकिन वह खारिज कर दी गई। इसके बाद ठग ने सचिन को यह कहकर गुमराह किया की उधर से अगर वह पेमेंट करेंगे तो उसके खाते से रुपये कट जाएंगे। फ्रॉड का शक होने के बावजूद सचिन ने उसकी अगली 25 हजार के भुगतान की रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। कुछ दी देर बाद उनके अकाउंट से यह राशि कट गई। इसके बाद से ठग उन्हें लगातार अनर्गल बातें करके गुमराह करता रहा। सचिन ने बताया कि ठग भुगतान के बाद भी उनसे खाते की जानकारी मांग रहा था। ब्यूरो
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