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नेताओं और पुलिस वालों ने खूब उड़ाई तौफीक पंखिया की दावत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:49 AM IST
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खाकी, खादी और बदमाशों के गठजोड़ के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया। पंखियों के सरदार तौफीक ने जेल से छूटते ही भतीजे की शादी की दावत कर गांव वालों पर अपनी धाक जमाई। रात के अंधेरे में सत्ता से लेकर विपक्ष तक के नेता और पुलिसकर्मी उसकी दावत में शामिल हुए और जमकर मौज उड़ाई। मगर मामले की शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस वालों में खलबली मची हुई है।
फरीदपुर के ग्राम नगरिया कला के मजरा पंखा खेड़ा गांव में रहने वाला तौफीक पंखिया की ताकत का अहसास पुलिस तब कर सकी, जब फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने पहली बार मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद बरेली जिले में ताबड़तोड़ डकैती पड़ने लगी थीं और यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। कहा जाता है कि तक पुलिस को अहसास हुआ कि पंखियों के सरदार तौफीक को गिरफ्तार करने के बाद यह उनका प्रतिशोध है। इसके बाद तौफीक पंखिया सुर्खियों में आ गया। मगर राजस्थान पुलिस भी तौफीक पंखिया की तलाश में थी। दो बार दबिश में नाकाम होने के बाद तीसरी बार में राजस्थान पुलिस इसे चोरी तथा डकैती के मामले में पकड़कर ले गई। लगभग चार माह जेल में रहने के बाद एक माह पूर्व तौफीक को सभी मामलों में जमानत मिल गई।
तौफीक ने जेल से आने के बाद फिर परिवार के समारोह में अपनी ताकत का अहसास दिखाया। तौफीक के भतीजे मो. उमर की शादी खेड़ाबझेड़ा से तय हुई। शादी से एक दिन पूर्व तौफीक ने क्षेत्र के लोगों की दावत की। इस दावत में कोई कसर नहीं छोड़ी, नानवेज से लेकर हर प्रकार के खाने का इंतजाम किया गया। दावत दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चलती रही। फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर के कई भाजपा, सपा नेता भी दावत में शामिल हुए। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारी की भी मौजूदगी देखी गई। कुछ नेता दिन के बजाय रात के अंधेरे में पहुंचे। दावा किया जा रहा है कि करीब बीस हजार लोग दावत में शामिल हुए। तौफीक की दावत दिन भर चर्चा का विषय बनी रही।
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चुनाव की फिर कर रहा है तैयारी
तौफीक पंखिया इस बार फिर चुनाव की तैयारी कर रहा है। कई मामलों में पकड़े जाने के बावजूद चार महीने में जमानत पर आकर उसने अहसास करा दिया कि उसे ज्यादा दिन अंदर नहीं रखा सकता है। दावत में पहुंचे लोगों को उसने चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए। पिछली बार वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गया था लेकिन इस बार उसने फिर से ताकत झोंकी है।
नेता बन कर खुद को करना चाहता है सुरक्षित
तौफीक को पुलिस का भी पूरा संरक्षण है। इसके चलते जब भी कहीं की पुलिस आती है तो उसको पहले ही जानकारी हो जाती है। अपनी छवि बदलने के लिए वह एक बार प्रधानी का चुनाव लड़कर जीत भी चुका है। इस बार जिला पंचायत या कोई अन्य चुनाव लड़कर वह खुद को सुरक्षित करना चाहता है।
एनकाउंटर की थी चर्चा, नेताओं ने बचाया
तौफीक की दावत को लेकर विरोधी खेमे में भी हड़कंप है। कहा जा रहा है कि योगी सरकार बनने के बाद चर्चा थी कि पुलिस अब उसका एनकाउंटर कर देगी। मगर राजनीतिक रसूख के चलते वह न सिर्फ एनकाउंटर से बचा बल्कि उसने दावत करके अपनी ताकत का भी अहसास कराया।
वर्जन
तौफीक पंखिया के भजीते की शादी की दावत में किसी पुलिसकर्मी के पहुंचने की सूचना नहीं है। मगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - एमपी अशोक, सीओ फरीदपुर
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फरीदपुर के ग्राम नगरिया कला के मजरा पंखा खेड़ा गांव में रहने वाला तौफीक पंखिया की ताकत का अहसास पुलिस तब कर सकी, जब फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने पहली बार मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद बरेली जिले में ताबड़तोड़ डकैती पड़ने लगी थीं और यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। कहा जाता है कि तक पुलिस को अहसास हुआ कि पंखियों के सरदार तौफीक को गिरफ्तार करने के बाद यह उनका प्रतिशोध है। इसके बाद तौफीक पंखिया सुर्खियों में आ गया। मगर राजस्थान पुलिस भी तौफीक पंखिया की तलाश में थी। दो बार दबिश में नाकाम होने के बाद तीसरी बार में राजस्थान पुलिस इसे चोरी तथा डकैती के मामले में पकड़कर ले गई। लगभग चार माह जेल में रहने के बाद एक माह पूर्व तौफीक को सभी मामलों में जमानत मिल गई।
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तौफीक ने जेल से आने के बाद फिर परिवार के समारोह में अपनी ताकत का अहसास दिखाया। तौफीक के भतीजे मो. उमर की शादी खेड़ाबझेड़ा से तय हुई। शादी से एक दिन पूर्व तौफीक ने क्षेत्र के लोगों की दावत की। इस दावत में कोई कसर नहीं छोड़ी, नानवेज से लेकर हर प्रकार के खाने का इंतजाम किया गया। दावत दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चलती रही। फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर के कई भाजपा, सपा नेता भी दावत में शामिल हुए। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारी की भी मौजूदगी देखी गई। कुछ नेता दिन के बजाय रात के अंधेरे में पहुंचे। दावा किया जा रहा है कि करीब बीस हजार लोग दावत में शामिल हुए। तौफीक की दावत दिन भर चर्चा का विषय बनी रही।
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चुनाव की फिर कर रहा है तैयारी
तौफीक पंखिया इस बार फिर चुनाव की तैयारी कर रहा है। कई मामलों में पकड़े जाने के बावजूद चार महीने में जमानत पर आकर उसने अहसास करा दिया कि उसे ज्यादा दिन अंदर नहीं रखा सकता है। दावत में पहुंचे लोगों को उसने चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए। पिछली बार वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गया था लेकिन इस बार उसने फिर से ताकत झोंकी है।
नेता बन कर खुद को करना चाहता है सुरक्षित
तौफीक को पुलिस का भी पूरा संरक्षण है। इसके चलते जब भी कहीं की पुलिस आती है तो उसको पहले ही जानकारी हो जाती है। अपनी छवि बदलने के लिए वह एक बार प्रधानी का चुनाव लड़कर जीत भी चुका है। इस बार जिला पंचायत या कोई अन्य चुनाव लड़कर वह खुद को सुरक्षित करना चाहता है।
एनकाउंटर की थी चर्चा, नेताओं ने बचाया
तौफीक की दावत को लेकर विरोधी खेमे में भी हड़कंप है। कहा जा रहा है कि योगी सरकार बनने के बाद चर्चा थी कि पुलिस अब उसका एनकाउंटर कर देगी। मगर राजनीतिक रसूख के चलते वह न सिर्फ एनकाउंटर से बचा बल्कि उसने दावत करके अपनी ताकत का भी अहसास कराया।
वर्जन
तौफीक पंखिया के भजीते की शादी की दावत में किसी पुलिसकर्मी के पहुंचने की सूचना नहीं है। मगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - एमपी अशोक, सीओ फरीदपुर