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घर में सो रहीं दो बहनों पर तेजाबी हमला
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:21 AM IST
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घर में सो रही दो बहनों पर फेंका तेजाब, गंभीर
- बचाने में दो भाई भी झुलसे, लड़कियां लखनऊ रिफर
- पिता ने रंजिश का आरोप लगाकर चार पड़ोसियों पर कराई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज (बरेली)। हाल ही में थाना क्षेत्र के गांव देवरनिया जागीर में दो सगी बहनों को पेट्रोल डालकर जलाने की जघन्य वारदात हुई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। अब सोमवार रात अंतिम पहर टांडा सादात गांव में एसिड अटैक की बड़ी वारदात हो गई। आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रहीं दो सगी बहनों पर किसी ने तेजाब डाला तो चीखती बहनों को बचाने में दो भाई भी झुलस गए। गृहस्वामी ने भागते हमलावरों को पहचानने का दावा करते हुए पड़ोस के चार लोगों पर रिपोर्ट कराई है। तर्क था कि गांव के यह दबंग अक्सर उससे रंगदारी वसूलते थे जिसे न देने की वजह से रंजिश मानने लगे। एसएसपी समेत दूसरे अधिकारियों ने मुआयना किया। नामजदों में से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दोनों पक्ष के कई लोगों से पूछताछ जारी है।
गांव निवासी मोहम्मद नवी सरसों की पिराई कराकर गांव-गांव उसका तेल बेचने का काम करते हैं। पत्नी वहीदन और सात बच्चों के साथ वह गांव में एक छोर पर बने मकान में रहते हैं। सोमवार रात पूरा परिवार सो रहा था। नवी के मुताबिक पहले वे बाहर मच्छरदानी में सो रहे थे, बाद में बेटी रवीना (16) को उल्टी की शिकायत हुई तो वह आकर इस बिस्तर पर लेट गई। तब वह अंदर की ओर तख्त पर चले गए और दूसरी बेटी शबीना (14) भी आकर रवीना के साथ सो गई। बराबर में दूसरी चारपाई पर पुत्र अब्दुल हसन (25) और याकूब (11) सो रहे थे। नवी ने बताया कि रात ढाई बजे दोनों बेटियों की चीखपुकार से उनकी आंख खुली। वह बाहर भागे तो देखा कि रवीना और शबीना के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर तेजाब पड़ा है। अब्दुल हसन और याकूब उन्हें संभालने की कोशिश में झुलस गए हैं तो कुछ लोग उनके भाई के घर की तरफ वाली दीवार कूदकर भाग रहे हैं। उन्होंने बल्ब जलाया तो भागते हुए लोगों के चेहरे भी उन्हें दिख गए। आरोप लगाया कि इनमें पड़ोसी भूरा पुत्र अली अहमद, भूरा का भाई अशफाक, बेटा आसिफ और पड़ोस में ही रहने वाला साला इसरार शामिल थे।
नवी के मुताबिक उन्होंने शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग और प्रधान रफीक आदि आ गए। काफी देर बाद डॉयल 100 पुलिस का फोन रिसीव हुआ। तब पुलिस के साथ 108 एंबुलेंस भी आई और वह झुलसे हुए चारों बच्चों को सीएचसी नवाबगंज लाए। वहां से इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। देर शाम जिला अस्पताल से बेटियों को लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया गया। नवी की तहरीर पर चारों लोगों के खिलाफ घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और एसिड अटैक की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने इसरार के अलावा तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसरार की पत्नी मेहरुन्निशा से भी पूछताछ की जा रही है। एसएसपी ने फील्ड यूनिट और डॉग स्कवॉड के साथ मुआयना किया। शाम तक एसपी देहात ख्याति गर्ग और सीओ विजय प्रताप यादव थाने में दोनों पक्ष के लोगों से पूछताछ कर आरोपों की हकीकत जानने की कोशिश में जुटे थे। टीम को घर से तेजाब की तीन खाली बोतलें भी मिलीं हैं। घरवालों के मुताबिक यह शौचालय साफ करने को लाई गई थीं।
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घर में सो रही दो बहनों पर फेंका तेजाब, गंभीर
- बचाने में दो भाई भी झुलसे, लड़कियां लखनऊ रिफर
- पिता ने रंजिश का आरोप लगाकर चार पड़ोसियों पर कराई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज (बरेली)। हाल ही में थाना क्षेत्र के गांव देवरनिया जागीर में दो सगी बहनों को पेट्रोल डालकर जलाने की जघन्य वारदात हुई थी जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। अब सोमवार रात अंतिम पहर टांडा सादात गांव में एसिड अटैक की बड़ी वारदात हो गई। आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रहीं दो सगी बहनों पर किसी ने तेजाब डाला तो चीखती बहनों को बचाने में दो भाई भी झुलस गए। गृहस्वामी ने भागते हमलावरों को पहचानने का दावा करते हुए पड़ोस के चार लोगों पर रिपोर्ट कराई है। तर्क था कि गांव के यह दबंग अक्सर उससे रंगदारी वसूलते थे जिसे न देने की वजह से रंजिश मानने लगे। एसएसपी समेत दूसरे अधिकारियों ने मुआयना किया। नामजदों में से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि दोनों पक्ष के कई लोगों से पूछताछ जारी है।
गांव निवासी मोहम्मद नवी सरसों की पिराई कराकर गांव-गांव उसका तेल बेचने का काम करते हैं। पत्नी वहीदन और सात बच्चों के साथ वह गांव में एक छोर पर बने मकान में रहते हैं। सोमवार रात पूरा परिवार सो रहा था। नवी के मुताबिक पहले वे बाहर मच्छरदानी में सो रहे थे, बाद में बेटी रवीना (16) को उल्टी की शिकायत हुई तो वह आकर इस बिस्तर पर लेट गई। तब वह अंदर की ओर तख्त पर चले गए और दूसरी बेटी शबीना (14) भी आकर रवीना के साथ सो गई। बराबर में दूसरी चारपाई पर पुत्र अब्दुल हसन (25) और याकूब (11) सो रहे थे। नवी ने बताया कि रात ढाई बजे दोनों बेटियों की चीखपुकार से उनकी आंख खुली। वह बाहर भागे तो देखा कि रवीना और शबीना के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर तेजाब पड़ा है। अब्दुल हसन और याकूब उन्हें संभालने की कोशिश में झुलस गए हैं तो कुछ लोग उनके भाई के घर की तरफ वाली दीवार कूदकर भाग रहे हैं। उन्होंने बल्ब जलाया तो भागते हुए लोगों के चेहरे भी उन्हें दिख गए। आरोप लगाया कि इनमें पड़ोसी भूरा पुत्र अली अहमद, भूरा का भाई अशफाक, बेटा आसिफ और पड़ोस में ही रहने वाला साला इसरार शामिल थे।
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नवी के मुताबिक उन्होंने शोर मचाया तो गांव के तमाम लोग और प्रधान रफीक आदि आ गए। काफी देर बाद डॉयल 100 पुलिस का फोन रिसीव हुआ। तब पुलिस के साथ 108 एंबुलेंस भी आई और वह झुलसे हुए चारों बच्चों को सीएचसी नवाबगंज लाए। वहां से इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। देर शाम जिला अस्पताल से बेटियों को लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया गया। नवी की तहरीर पर चारों लोगों के खिलाफ घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और एसिड अटैक की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने इसरार के अलावा तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसरार की पत्नी मेहरुन्निशा से भी पूछताछ की जा रही है। एसएसपी ने फील्ड यूनिट और डॉग स्कवॉड के साथ मुआयना किया। शाम तक एसपी देहात ख्याति गर्ग और सीओ विजय प्रताप यादव थाने में दोनों पक्ष के लोगों से पूछताछ कर आरोपों की हकीकत जानने की कोशिश में जुटे थे। टीम को घर से तेजाब की तीन खाली बोतलें भी मिलीं हैं। घरवालों के मुताबिक यह शौचालय साफ करने को लाई गई थीं।
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