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रेलवे में बहुत पुराना है टिकट की कालाबाजारी का खेल
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पीलीभीत। बनवसा रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट की कालाबाजारी का खेल तो अब पकड़ में आया है, मगर यह बहुत समय से बनवसा समेत कई स्टेशनों पर चल रहा है। बरेली से लेकर पीलीभीत, बनवसा और टनकपुर तक बड़ा गिरोह धंधा कर रहा है। टिकटों की कालाबाजारी कराने में रेलवे के ही अफसर-कर्मचारी शामिल हैं। विजिलेंस के छापे में स्टेशन अधीक्षक की संलिप्तता उजागार होने से भी इस बात की पुष्टि हुई है।
रेलवे में टिकटों की कालाबाजारी का खेल पीलीभीत में भी लंबे समय से चल रहा है। एक साल पहले भी टिकटों की कालाबाजारी का मामला पकड़ा गया था। फर्जी टिकट बुकिंग के मामले छह महीने में दो बार सामने आ चुके हैं। हाल ही मे शहर के एक युवक के पास से अवैध तरीके से टिकटों की बुकिंग के मामले मिलने पर जीआरपी ने उसे जेल भेजा था। फर्जी टिकटों को लेकर रेलवे स्टेशन के आसपास ही जालसाज सक्रिय रहते हैं। पिछले माह रेलवे की अपराध सूचना शाखा ने फेसबुक की मदद से मोहल्ला पंजाबियान में छापामारी की थी। मौके से बिना पंजीकृत आईडी से बने 31 टिकट बरामद हुए थे। इन टिकटों पर यात्रा करना शेष बचा था। इन टिकटों की कीमत 27,316 रुपये बताई गई। टीम ने युवक को गिरफ्तार कर विभागीय कार्रवाई की और जेल भेज दिया था। मगर, टिकटों की कालाबाजारी करने वाले गिरोह की पड़ताल नहीं की गई। रेलवे सूत्रों के अनुसार तब ऐसा माना गया कि रेलवे टिकटों की कालाबाजारी को लेकर विभागीय अफसर सख्ती दिखाएंगे। मगर, बनवसा में एक बार फिर स्टेशन मास्टर के इस धंधे में संलिप्तता उजागर होने के बाद इसमें किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने का संदेह है।
पीलीभीत रेलवे जंक्शन पर इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। बाहर से हम लोगों को कोई मतलब नहीं है। यहां सब कुछ ठीकठाक चल रहा है। -धर्मेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक पीलीभीत जंक्शन
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रेलवे में टिकटों की कालाबाजारी का खेल पीलीभीत में भी लंबे समय से चल रहा है। एक साल पहले भी टिकटों की कालाबाजारी का मामला पकड़ा गया था। फर्जी टिकट बुकिंग के मामले छह महीने में दो बार सामने आ चुके हैं। हाल ही मे शहर के एक युवक के पास से अवैध तरीके से टिकटों की बुकिंग के मामले मिलने पर जीआरपी ने उसे जेल भेजा था। फर्जी टिकटों को लेकर रेलवे स्टेशन के आसपास ही जालसाज सक्रिय रहते हैं। पिछले माह रेलवे की अपराध सूचना शाखा ने फेसबुक की मदद से मोहल्ला पंजाबियान में छापामारी की थी। मौके से बिना पंजीकृत आईडी से बने 31 टिकट बरामद हुए थे। इन टिकटों पर यात्रा करना शेष बचा था। इन टिकटों की कीमत 27,316 रुपये बताई गई। टीम ने युवक को गिरफ्तार कर विभागीय कार्रवाई की और जेल भेज दिया था। मगर, टिकटों की कालाबाजारी करने वाले गिरोह की पड़ताल नहीं की गई। रेलवे सूत्रों के अनुसार तब ऐसा माना गया कि रेलवे टिकटों की कालाबाजारी को लेकर विभागीय अफसर सख्ती दिखाएंगे। मगर, बनवसा में एक बार फिर स्टेशन मास्टर के इस धंधे में संलिप्तता उजागर होने के बाद इसमें किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने का संदेह है।
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पीलीभीत रेलवे जंक्शन पर इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। बाहर से हम लोगों को कोई मतलब नहीं है। यहां सब कुछ ठीकठाक चल रहा है। -धर्मेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक पीलीभीत जंक्शन
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