फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   crime in bisalpur pilibhit

गुमराह कर जुलूस निकलवाया, तीन हिरासत में

Mon, 11 Nov 2019 01:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 01:08 AM IST
विज्ञापन
crime in bisalpur pilibhit
बीसलपुर (पीलीभीत)। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को गुमराह कर आयोजक ने परंपरागत बताते हुए नया जुलूस निकालने की अनुमति प्राप्त कर ली। बारावफात के मौके पर टिकरी में जुलूस निकालना भी शुरू कर दिया। इस बीच नई परंपरा में जुलूस निकालने की भनक अफसरों को लग गई तो घबराए एसडीएम-सीओ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने अपनी ही दी हुई अनुमति निरस्त कर जुलूस रुकवा दिया। पुलिस ने इस मामले में आयोजन समिति के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। जांच पड़ताल के बाद इनका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। जुलूस में शामिल कुछ वाहन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। प्रशासन-पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
विज्ञापन

कस्बा टिकरी में बारावफात पहले से कोई जुलूस नहीं निकलता है। इसका सरकारी अभिलेखों में भी जिक्र नहीं है। इसके बावजूद यहां के नफीस अहमद ने प्रशासन से रविवार को बारावफात का जुलूस की अनुमति प्राप्त कर ली। आयोजकों ने अपने प्रार्थना पत्र में जुलूस को परंपरागत बताते हुए थाने से रिपोर्ट लगवा ली। अनुमति मिलने के बाद रविवार सुबह टिकरी में बारावफात का जुलूस निकाला जाने लगा। कई रास्तों से जुलूस गुजर भी गया। इसी बीच किसी ने नई परंपरा के तहत जुलूस निकालने जाने की शिकायत अधिकारियों से कर दी। इस पर सीओ बीसलपुर प्रवीण मलिक ने पूरे मामले की जानकारी कराई। कोतवाली के त्यौहार रजिस्टर को चेक कराया गया तो उसमें टिकरी में बारावफात के किसी जुलूस का जिक्र नहीं था। यह देख पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। महकमे में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में एसडीएम सौरभ दुबे, सीओ प्रवीण मलिक फोर्स लेकर टिकरी पहुंचे और जुलूस को बीच रास्ते में ही रुकवा दिया। जुलूस में शामिल वाहनों को कब्जे में ले लिया गया। पुलिस आयोजन समिति के नफीस अहमद, रिजवान अहमद और जावेद को तत्काल गिरफ्तार कर कोतवाली ले आए। एसडीएम ने गुमराह कर प्राप्त की गई अनुमति को निरस्त कर दिया। कोतवाल मनीराम ने बताया कि जुलूस निकालते गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है।
विज्ञापन

दरोगा ने आंख मूंदकर लगाई रिपोर्ट
शासन से आदेश है कि धार्मिक मामलों को लेकर थानों और प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता बरती जाए। अधिकारी स्वयं इसको देखें और नई परंपरा न डालने दें। मगर, टिकरी कस्बे में प्रशासन और पुलिस को गुमराह कर न सिर्फ नए जुलूस की अनुमति प्राप्त कर ली गई, बल्कि जुलूस कई रास्तों पर निकाल भी दिया गया। धार्मिक जुलूस की अनुमति देने में किसी भी अफसर ने गंभीरता से काम नहीं लिया। दरोगा ने बिना रिकार्ड चेक किए। आयोजकों का प्रार्थना पत्र देेखकर ही अफसरों ने जुलूस को परंपरागत मान लिया और अपनी रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद पूरा सिस्टम दरोगा की लगाई रिपोर्ट पर काम करता चला गया। किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं समझी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले साल भी जुलूस निकालने की रही थी चर्चा
टिकरी में बारावफात का जुलूस निकालने की कोशिश का ये पहला मामला नहीं है। साल 2018 में भी असामाजिक तत्वों ने बारावफात पर बिना अनुमति जुलूस निकालने की कोशिश की थी। उस समय भी पुलिस मौके पर पहुंची तो कोई मिला नहीं था। इसके बाद भी पुलिस ने पड़ताल करने के बजाए प्रकरण को दबाने का काम किया था।
टिकरी के नफीस अहमद ने गलत तथ्य पेश कर बारावफात जुलूस की अनुमति ली थी। पता लगते ही जुलूस रुकवाकर अनुमति निरस्त कर दी गई। मामले की गहनता से पड़ताल कराई जाएगी। -सौरभ दुबे एसडीएम, बीसलपुर

पूरे मामले में हल्का दरोगा राजेंद्र की लापरवाही उजागर हो रही है। दरोगा से जवाब तलब किया गया है कि किस आधार पर जुलूस निकालने की संस्तुति की थी। दरोगा पर कार्रवाई होगी। - प्रवीण मलिक सीओ बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed