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ये कैसे तबादले.. न दरोगा ने चौकी छोड़ी न मुंशी ने थाना
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बरेली। सियासी दबाव में पुलिस महकमे की व्यवस्थाएं लगातार गड़बड़ा रही हैं। हाल ही में एसएसपी ने खनन और बदसलूकी की शिकायतों पर जिस चौकी प्रभारी को देहात के थाना अलीगंज भेजा था, उसने जुगाड़ से शहर के ही थाना सुभाषनगर में आमद करा ली। कई और भी दरोगा-मुंशी ट्रांसफर होने के बाद भी अपने पुराने तैनाती स्थलों पर जमे हुए हैं। हैं।
एसएसपी ने कुछ दिन पहले बिहारीपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह को तबादला कर सीबीगंज की परसाखेड़ा चौकी का प्रभारी बनाया था। करगैना चौैकी प्रभारी विक्रम सिंह के बिहारीपुर चौकी के लिए ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था लेकिन अब तक दोनों अपनी पुरानी चौकी पर ही जमे हुए हैं। इसके अलावा एडीजी तक लगातार शिकायतें पहुंचने के बाद ढाई साल से परसाखेड़ा चौकी प्रभारी रहे दानवीर सिंह को थाना अलीगंज ट्रांसफर किया गया था। खुद एसएसपी ने मीडिया को बताया था कि दानवीर सिंह पर अभद्र व्यवहार और खनन कराने जैसे आरोप हैं। दानवीर का ट्रांसफर रद्द कराने के लिए एक पार्षद समेत कई लोगों की पैरवी के बावजूद उस वक्त अधिकारी टस से मस नहीं हुए। लेकिन अब पता चला कि अलीगंज जाने के बजाय दानवीर शहर के ही थाना सुभाषनगर में तैनाती कराने में कामयाब रहे।
फरियादियों से बदसलूकी करने के आरोप में थाना किला के मुंशी नवीन कुमार को भी एसएसपी ने लाइन हाजिर किया था लेकिन यह मुंशी भी अब तक थाना किला में ही जमे हुए हैं। नवीन अब स्टाफ को यह सफाई दे रहे हैं कि उन्हें एक ही दिन के लिए लाइनहाजिर किया गया था।
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दिवाली से पहले कभी शुक्रवार तो कभी रामजन्म भूमि के फैसले की बरसी को लेकर पुलिस को अलर्ट रखा जा रहा है। इसमें नए स्टाफ से तत्काल स्थिति संभालने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए कुछ दिन के लिए इन लोगों को पुरानी जगह रोका गया है। दानवीर की पत्नी असाध्य रोग से पीड़ित हैं और शहर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उनके प्रत्यावेदन पर उन्हें शहर के थाने में रखा गया है। दोबारा शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
जुआ-सट्टा सिंडिकेट से नजदीकियों
पर निलंबित किया गया स्टाफ बहाल
सट्टेबाज राबिया और जुआरियों के सरगना नन्हे के साथ नाम जुड़ने पर जून में किला थाने के स्टाफ पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। तत्कालीन एसएसपी शैलेश पांडेय ने किला चौकी प्रभारी मुकेश कुमार, चौकी के हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर, थाने के हेड मुहर्रिर नेम सिंह और कोतवाल के ड्राइवर सत्यदेव को निलंबित कर दिया था। बुजुर्ग नेमसिंह उसी वक्त दरोगा का प्रशिक्षण लेकर थाने लौटे थे। नए एसएसपी ने इन्हें बहाल कर दिया है। चारों फिलहाल लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं। नेम सिंह को थाना किला के ंमालखाने का चार्ज देने का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाल ली है।
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एसएसपी ने कुछ दिन पहले बिहारीपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह को तबादला कर सीबीगंज की परसाखेड़ा चौकी का प्रभारी बनाया था। करगैना चौैकी प्रभारी विक्रम सिंह के बिहारीपुर चौकी के लिए ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था लेकिन अब तक दोनों अपनी पुरानी चौकी पर ही जमे हुए हैं। इसके अलावा एडीजी तक लगातार शिकायतें पहुंचने के बाद ढाई साल से परसाखेड़ा चौकी प्रभारी रहे दानवीर सिंह को थाना अलीगंज ट्रांसफर किया गया था। खुद एसएसपी ने मीडिया को बताया था कि दानवीर सिंह पर अभद्र व्यवहार और खनन कराने जैसे आरोप हैं। दानवीर का ट्रांसफर रद्द कराने के लिए एक पार्षद समेत कई लोगों की पैरवी के बावजूद उस वक्त अधिकारी टस से मस नहीं हुए। लेकिन अब पता चला कि अलीगंज जाने के बजाय दानवीर शहर के ही थाना सुभाषनगर में तैनाती कराने में कामयाब रहे।
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फरियादियों से बदसलूकी करने के आरोप में थाना किला के मुंशी नवीन कुमार को भी एसएसपी ने लाइन हाजिर किया था लेकिन यह मुंशी भी अब तक थाना किला में ही जमे हुए हैं। नवीन अब स्टाफ को यह सफाई दे रहे हैं कि उन्हें एक ही दिन के लिए लाइनहाजिर किया गया था।
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दिवाली से पहले कभी शुक्रवार तो कभी रामजन्म भूमि के फैसले की बरसी को लेकर पुलिस को अलर्ट रखा जा रहा है। इसमें नए स्टाफ से तत्काल स्थिति संभालने की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए कुछ दिन के लिए इन लोगों को पुरानी जगह रोका गया है। दानवीर की पत्नी असाध्य रोग से पीड़ित हैं और शहर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उनके प्रत्यावेदन पर उन्हें शहर के थाने में रखा गया है। दोबारा शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
जुआ-सट्टा सिंडिकेट से नजदीकियों
पर निलंबित किया गया स्टाफ बहाल
सट्टेबाज राबिया और जुआरियों के सरगना नन्हे के साथ नाम जुड़ने पर जून में किला थाने के स्टाफ पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। तत्कालीन एसएसपी शैलेश पांडेय ने किला चौकी प्रभारी मुकेश कुमार, चौकी के हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर, थाने के हेड मुहर्रिर नेम सिंह और कोतवाल के ड्राइवर सत्यदेव को निलंबित कर दिया था। बुजुर्ग नेमसिंह उसी वक्त दरोगा का प्रशिक्षण लेकर थाने लौटे थे। नए एसएसपी ने इन्हें बहाल कर दिया है। चारों फिलहाल लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं। नेम सिंह को थाना किला के ंमालखाने का चार्ज देने का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाल ली है।