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फर्जी स्कूल से टीसी लेने पहुंचे अभिभावक, बंद करके पीटा

Wed, 22 Jan 2020 06:29 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 06:29 PM IST
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बरेली। एक घर में चल रहे फर्जी स्कूल से दंपती ने अपनी बेटी का नाम कटवाना चाहा तो प्रबंधक ने उनसे अभद्रता कर दी। मंगलवार को बच्ची की मां अपनी बहन के साथ टीसी कटवाने पहुंची तो प्रबंधक ने उन्हें बंधक बना लिया और पिटाई की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाया। पीड़ित ने थाना इज्जतनगर में प्रबंधक, उसकी पत्नी और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इज्जतनगर क्षेत्र में रोड नंबर एक स्थित रामनगर कॉलोनी निवासी नरेंद्र एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने अपनी बेटी आरोही का दाखिला पिछले साल अप्रैल में आलोकनगर में एक घर में चल रहे एमएलजीआर स्कूल में कराया था। तब स्कूल संचालक ने कहा था कि स्कूल की नई बिल्डिंग बन रही है। अगले साल स्कूल उसमें शिफ्ट हो जाएगा। व्यवस्थाएं भी बेहतर हो जाएंगी। नरेंद्र की पत्नी शिवी के मुताबिक स्कूल संचालक उन्हें धोखे में रखकर बच्चों को घर में ही पढ़ाता रहा। इस बीच एक-एक करके वहां पढ़ा रहीं सारी शिक्षिकाएं भी स्कूल छोड़ गईं। कई बार शिकायत करने पर भी स्कूल की दशा और शिक्षा के स्तर में सुधार न हुआ तो उन्होंने बेटी का नाम कटवाने का मन बना लिया। इस पर स्कूल प्रबंधक ने उनसे और उनके पति से फोन पर अभद्रता की। मंगलवार को वह अपनी बिसौली निवासी बहन चारू, उसकी दोस्त नीरू और अपनी परिचित अंजली के साथ स्कूल पहुंची। आरोप है कि बेटी की टीसी काटने के लिए कहने पर प्रबंधक डॉ. सोमपाल सिंह, उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति उनसे गालीगलौज करने लगा। इन लोगों ने मेन गेट में ताला डालवा दिया और फिर चारों से मारपीट की। किसी तरह यूपी-112 पर शिकायत की तो पुलिस ने वहां पहुंचकर उन्हें बचाया। शिवी ने बताया कि वह अब तक स्कूल में करीब 30 हजार रुपये जमा कर चुकी हैं।
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मुंह बंद रखने के लिए बच्ची को डराते हैं स्कूल वाले
पीड़ित दंपती ने बताया कि उनकी बेटी अब उस स्कूल में जाने से डरती है। हर दूसरे दिन वह हाथों और मुंह पर नए-नए चोट के निशान भी दिखाती है। उनके मुताबिक, बच्ची ने उन्हें बताया कि शिक्षिकाएं उसे घर में स्कूल की व्यवस्था को लेकर कुछ भी कहने पर पिटाई लगाने की धमकी देती थीं।
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मान्यता मिलने का किया था दावा
नरेंद्र के मुताबिक बच्ची के प्रवेश के वक्त संचालकों ने उन्हें जल्द ही सीबीएससी बोर्ड से स्कूल को मान्यता मिलने की बात कही थी, लेकिन एक साल गुजरने के बावजूद न तो स्कूल की बिल्डिंग बनी है और न ही स्कूल को मान्यता मिली है। उन्होंने प्रशासन से भी स्कूल की शिकायत करने की बात कही है।
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