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 कैंट में पकड़े गए नेपाली पर और बढ़ा रहस्य, चक्कर में पड़ीं जांच एजेंसियां

Sun, 01 Dec 2019 04:33 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2019 04:33 PM IST
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बरेली। मिलिट्री इंटेलीजेंस के हाथों दबोचे गए नेपाली युवक को लेकर चार दिन बाद भी नए-नए रहस्य का खुलासा हो रहा है। बोल पाने में अक्षम इस नेपाली ने वैसे तो अपना नाम गंगा बहादुर बताया है लेकिन उसके पास बरामद होटल के बिलों में कुछ जगह उसका नाम मोहम्मद मंजर लिखा मिलने से जांच एजेंसियां चक्कर में पड़ गई हैं। इस बीच उसके पास से नेपाल में बने एक पासपोर्ट की कॉपी के साथ कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक की संदिग्ध सिफारिशी चिट्ठी भी बरामद हुई है। इसी चिट्ठी के जरिये उसने अपना आधार कार्ड बनवाया था। शनिवार को भी एटीएस ने उससे लंबी पूछताछ की।
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मिलिट्री इंटेलीजेंस ने बुधवार को गंगा बहादुर को रक्षा संपदा कार्यालय के बाहर से हिरासत में लिया था। गूंगा होने से उसने लिखकर सवालों के जवाब दिए। तलाशी ली गई तो उसके पास चौंकाने वाला सामान बरामद हुआ। इसमें नेपाल के तीन और पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी सर्किल के सात सिम कार्ड, दो कीपैड वाले मोबाइल, दो पेन ड्राइव, लखनऊ तोपखाना कैंट और पूर्णिया बभनी के पतों पर बने दो आधार कार्ड बरामद हुए। डायरी में कई दूतावास के फोन नंबर लिखे हुए थे। कई शहरों के होटल के बिल भी मिले। इसके साथ कई पर्यटन स्थलों के नक्शे और संवेदनशील स्थानों की लोकेशन के दस्तावेज भी मिले। चार दिन से नेपाली युवक कैंट पुलिस की हिरासत में है जहां जांच एजेंसियां लगातार उससे पूछताछ कर रही हैं। एटीएस ने उसके पास मिला सामान लखनऊ मुख्यालय भेज दिया है। शनिवार को भी एटीएस पूछताछ और उसके पास बरामद दस्तावेजों की जांच के लिए उसे अपने कार्यालय ले गई। एसपी सिटी रविंद्र कुमार भी दोपहर उससे पूछताछ करने पहुंचे मगर उसे एटीएस ले गई थी।
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इस बीच यह भी खुलासा हुआ कि लखनऊ में रहते हुए गंगा बहादुर ने दूसरा आधार कार्ड बनवाया था। यह आधार कार्ड तत्कालीन कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के सिफारिशी पत्र के आधार पर बना है। सिफारिशी पत्र कानून मंत्री के पैड पर लिखा गया है जिसमें मंत्री की मुहर के साथ नाम और तोपखाना लखनऊ का पता लिखा है। पुलिस जांच कर रही है कि यह पैड असली है या फर्जी।
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होटल के बिलों में मोहम्मद मंजर के नाम ने चौंकाया
कथित रूप से गंगा बहादुर नाम के नेपाली पर आधार कार्ड, फेसबुक और कई दूसरे प्रमाणपत्रों में अलग-अलग नामों की वजह से संदेह बढ़ रहा है। कुछ में उसका नाम गंगा बहादुर तो कुछ में सुमन बहादुर है। एक फेसबुक आईडी भी सुमन बहादुर है जिसे वह किसी दूसरे का मल्टी मीडिया मोबाइल मिलने पर चलाता है। होटल के बिल में कुछ जगह मोहम्मद मंजर नाम लिखा है।

आगरा के नक्शे के साथ मिली सूचना विभाग की डायरी
गंगा बहादुर के पास आगरा और देश के कई दूसरे शहरों के नक्शे मिले हैं। हालांकि उसने सफाई दी है कि घूमने का शौकीन होने की वजह से ये नक्शे उसके पास हैं। उप्र सूचना विभाग की डायरी भी उसके पास मिली जिसमें अफसरों के नाम पते और नंबर हैं। गंगा बहादुर का कहना है कि इसका इस्तेमाल वह रुपये मांगने के लिए करता है। उसकी परेशानी सुनकर अफसर उसे 500 रुपये तक दे देते थे। गंगा बहादुर के पास नेपाली पासपोर्ट की फोटोकॉपी तो मिली लेकिन ओरिजिनल पासपोर्ट के बारे में उसने नहीं बताया। सवाल उठ रहा है कि मांगकर खाने वाले शख्स को पासपोर्ट की क्या जरूरत थी। उसके पास उप्र सरकार का एसडीएम सदर लखनऊ की ओर से जारी निवास प्रमाणपत्र भी है।

नेपाल वापस लौटने के लिए मांगता था मदद
गंगा बहादुर ने कई सरकारी दफ्तरों, सचिवालयों व सीएम दफतर तक में खुद को नेपाल का आपदा पीड़ित बताकर मदद मांगी है। कहा है कि नेपाल वापस जाने को उसे तीन या पांच हजार की जरूरत है। इन सबके प्रमाण उसके पास है। बताते हैं कि कुछ जगह से उसे मदद मिली भी पर कई जगह खारिज हो गई। पटना आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता विश्वास भाजन ने उसे जवाब लिखा है कि आप नेपाल के निवासी हैं, इसलिए बिहार सरकार आपको आर्थिक मदद नहीं दे सकती।

- गंगा बहादुर के बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। वह संदिग्ध भी हो सकता है और संभव है कि लोगों ने ही उसके लालच का फायदा उठाकर उससे आधार व प्रमाणपत्रों के नाम पर वसूली कर ली हो। हर पहलू पर जांच की जा रही है। - रवींद्र कुमार, एसपी सिटी

एक और नेपाली भटकता मिला कैंट के फायरिंग रेंज में सेना पुलिस ने कई घंटे पूछताछ के बाद पुलिस को सौंपा
बरेली। शनिवार दोपहर एक और नेपाली युवक जाट रेजिमेंट की फायरिंग रेंज में बदहवास हालत में घूमता मिला। जेआरसी की टीम उसे ले गई और बाद में सेना पुुलिस ने उससे पूछताछ की। कई घंटे बाद देर रात उसे कैंट पुलिस को सौंप दिया गया। युवक मानसिक मंद बताया जा रहा है, देर रात उसने कैंट थाने की हवालात का गेट हिला डाला।

कैंट इंस्पेक्टर अवनीश यादव ने बताया कि नेपाली युवक केवल कच्छा और बनियान पहने घूम रहा था। सेना पुलिस उसे लेकर आई है। उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं लग रही। वह नेपाली भाषा में लोगों को गालियां दे रहा है और हवालात का गेट पकड़कर जोर से हिला रहा है। सुबह उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेंगे।
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