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चौकी इंचार्ज ने चौकी में बंद करके पीटा, वसूली करके छोड़ा
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बरेली। अलीगंज थाने की गैनी चौकी के गांव रफियाबाद प्रधान के साथ चार ग्रामीणों ने एसएसपी से मिलकर आरोप लगाया कि कच्ची शराब माफिया पुलिस की मदद से धंधा चला रहा है। विरोध पर चौकी प्रभारी ने गांव में दबिश दी और चार ग्रामीणों को चौकी ले जाकर कमरे में बंद कर जमकर पीटा। खुशामद पर रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया। ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी के साथ ही शराब माफिया के खिलाफ रिपोर्ट कराने की मांग की। एसएसपी ने जांच सीओ आंवला को सौंपकर रिपोर्ट मांगी है।
रफियाबाद के प्रधान रविंद्र सिंह के साथ ग्रामीण ओमपाल, कल्लू, कृष्णपाल और अरविंद ने गुरुवार दोपहर एसएसपी से मुलाकात की। उन्हें बताया कि गांव निवासी एक व्यक्ति कच्ची शराब का काम करता है। इससे असामाजिक तत्वों का गांव में आना जाना लगा रहता है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। शिकायत गैनी चौकी पर की तो पुलिस उन्हीं की दुश्मन हो गई। 12 नवंबर की शाम चौकी प्रभारी उनके गांव आए और उन लोगों को बुलाकर गालीगलौज की। फिर जीप में डालकर चौकी ले गए। यहां पटे से पिटाई कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। उन्होंने छोड़ने को कहा तो हरेक से पांच हजार रुपये की मांग की। तब उन्होंने गरीबी का वास्ता दिया। चारों ने मिलकर 12 हजार रुपये जुटाकर चौकी प्रभारी को दिए तो वह छूट सके। धमकी दी गई कि दोबारा शिकायत की तो जेल में सड़वा देंगे। उनके आधार कार्ड भी छीन लिए गए।
नेता बोले- आरोपी थे तो छोड़ा क्यों
भाजपा नेता आर्येंद्र मिश्रा भी प्रधान व ग्रामीणों के साथ आए थे। उन्होंने एसएसपी से कहा कि अगर चारों कसूरवार थे तो उन्हें रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा जाना चाहिए था। इस तरह टार्चर क्यों किया गया। ग्रामीणों ने शरीर के घाव भी दिखाए।
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चौकी प्रभारी बोले- प्रधान करा रहे साजिश
चौकी प्रभारी ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने इसी गांव में सात जुआरियों को पकड़ा। तब प्रधान ने इनमें से दो को छोड़ने की सिफारिश की। उन्होंने सातों पर समान कार्रवाई की तो प्रधान नाराज हो गए। इनमें से किसी को न पकड़ा और न छोड़ा गया है। पूरी कहानी बनाई गई है, अफसरों को रिपोर्ट भेज देंगे।
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रफियाबाद के प्रधान रविंद्र सिंह के साथ ग्रामीण ओमपाल, कल्लू, कृष्णपाल और अरविंद ने गुरुवार दोपहर एसएसपी से मुलाकात की। उन्हें बताया कि गांव निवासी एक व्यक्ति कच्ची शराब का काम करता है। इससे असामाजिक तत्वों का गांव में आना जाना लगा रहता है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। शिकायत गैनी चौकी पर की तो पुलिस उन्हीं की दुश्मन हो गई। 12 नवंबर की शाम चौकी प्रभारी उनके गांव आए और उन लोगों को बुलाकर गालीगलौज की। फिर जीप में डालकर चौकी ले गए। यहां पटे से पिटाई कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। उन्होंने छोड़ने को कहा तो हरेक से पांच हजार रुपये की मांग की। तब उन्होंने गरीबी का वास्ता दिया। चारों ने मिलकर 12 हजार रुपये जुटाकर चौकी प्रभारी को दिए तो वह छूट सके। धमकी दी गई कि दोबारा शिकायत की तो जेल में सड़वा देंगे। उनके आधार कार्ड भी छीन लिए गए।
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नेता बोले- आरोपी थे तो छोड़ा क्यों
भाजपा नेता आर्येंद्र मिश्रा भी प्रधान व ग्रामीणों के साथ आए थे। उन्होंने एसएसपी से कहा कि अगर चारों कसूरवार थे तो उन्हें रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा जाना चाहिए था। इस तरह टार्चर क्यों किया गया। ग्रामीणों ने शरीर के घाव भी दिखाए।
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चौकी प्रभारी बोले- प्रधान करा रहे साजिश
चौकी प्रभारी ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने इसी गांव में सात जुआरियों को पकड़ा। तब प्रधान ने इनमें से दो को छोड़ने की सिफारिश की। उन्होंने सातों पर समान कार्रवाई की तो प्रधान नाराज हो गए। इनमें से किसी को न पकड़ा और न छोड़ा गया है। पूरी कहानी बनाई गई है, अफसरों को रिपोर्ट भेज देंगे।