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किसान की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, पुआल के ढेर में जलाया शव
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फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। धंतिया गांव में एक किसान की सिर में कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद खेत में शव को पुआल के ढेर में डालकर आग लगा दी गई। सुबह के वक्त ग्रामीणों ने शव जलता देखा तो सूचना पर पुलिस ने आग बुझाकर अधजला शव बरामद कर लिया। मृतक के पुत्र ने संदेह के आधार पर दो करीबी लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कराई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को उठाया है। हत्या की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है।
शंखा-बल्लिया रोड स्थित ईट भट्ठे के पश्चिम में धंतिया निवासी हेमेंद्र गंगवार के खेत में गांव के ही 45 वर्षीय विजयपाल की हत्या के बाद शव को पुआल के ढेर में डालकर जला दिया गया। बटाईदार ने पुआल में आग लगी देखकर सूचना दी तो ग्रामीण इकट्ठे हो गए। चेहरा जला होने से पहचान देर से हुई। विजयपाल के बड़े बेटे सुरेंद्र और भाई मदनलाल ने अधजले कपड़ों और चप्पल से पहचान की। सुरेंद्र ने बताया कि पिता शाम से गायब थे। उसने बताया कि बहन की शादी 27 नवंबर को होनी है। सोमवार को विजयपाल बेटी की ससुराल में चिट्ठी पहुंचाकर आए थे। करीब तीन बजे वह गांव के ही जगन्नाथ के साथ घर से चले गए। रात को नहीं लौटने पर उसने जगन्नाथ से पूछा तो बताया कि शाम को वह घर जाने की बात कहकर चले गए थे। उसने बताया कि गांव के ही बाबूराम से भी पिता का एक साल पहले तक याराना था। उनके घर जाने पर लोगों ने आपत्ति की तो पिता ने जाना बंद कर दिया। किसी और से कोई रंजिश नहीं थी। उसे लगता है कि जगन्नाथ और बाबूराम ने ही पिता की हत्या की है। इसी तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली। इनमें से एक आरोपी के न मिलने पर उसके बेटे को थाने में बैठा लिया है।
मौके पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवॉड भी पहुंचा। घटनास्थल पर शराब की दो खाली बोतल भी मिलीं। मृतक के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया गया था। गर्दन, चेहरे पर भी धारदार हथियार से काटा गया था। पोस्टमार्टम में भी कुल्हाड़ी जैसी चीज से काटकर हत्या करने और फिर शव जलाने की पुष्टि हुई है। एसपी देहात संसार सिंह ने मुआयना किया। बताया कि जानकारी जुटाई जा रही है। घटना का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
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दूसरे समुदाय के घर में रह रही है पत्नी
भाई मदनलाल ने पुलिस को बताया कि विजयपाल की पत्नी सात साल पहले गांव के ही दूसरे समुदाय के व्यक्ति के साथ चली गई थी। शिकायत पर पुलिस ने उसे खोजकर घर भेज दिया, लेकिन वह दो दिन बाद फिर उसी घर में चली गई। तब से वह दूसरे समुदाय के व्यक्ति के साथ ही गांव में रह रही है। इस घटना को लेकर उस वक्त काफी तनाव रहा था। पुलिस इस एंगल से भी घटना की जांच कर रही है।
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शंखा-बल्लिया रोड स्थित ईट भट्ठे के पश्चिम में धंतिया निवासी हेमेंद्र गंगवार के खेत में गांव के ही 45 वर्षीय विजयपाल की हत्या के बाद शव को पुआल के ढेर में डालकर जला दिया गया। बटाईदार ने पुआल में आग लगी देखकर सूचना दी तो ग्रामीण इकट्ठे हो गए। चेहरा जला होने से पहचान देर से हुई। विजयपाल के बड़े बेटे सुरेंद्र और भाई मदनलाल ने अधजले कपड़ों और चप्पल से पहचान की। सुरेंद्र ने बताया कि पिता शाम से गायब थे। उसने बताया कि बहन की शादी 27 नवंबर को होनी है। सोमवार को विजयपाल बेटी की ससुराल में चिट्ठी पहुंचाकर आए थे। करीब तीन बजे वह गांव के ही जगन्नाथ के साथ घर से चले गए। रात को नहीं लौटने पर उसने जगन्नाथ से पूछा तो बताया कि शाम को वह घर जाने की बात कहकर चले गए थे। उसने बताया कि गांव के ही बाबूराम से भी पिता का एक साल पहले तक याराना था। उनके घर जाने पर लोगों ने आपत्ति की तो पिता ने जाना बंद कर दिया। किसी और से कोई रंजिश नहीं थी। उसे लगता है कि जगन्नाथ और बाबूराम ने ही पिता की हत्या की है। इसी तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली। इनमें से एक आरोपी के न मिलने पर उसके बेटे को थाने में बैठा लिया है।
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मौके पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवॉड भी पहुंचा। घटनास्थल पर शराब की दो खाली बोतल भी मिलीं। मृतक के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया गया था। गर्दन, चेहरे पर भी धारदार हथियार से काटा गया था। पोस्टमार्टम में भी कुल्हाड़ी जैसी चीज से काटकर हत्या करने और फिर शव जलाने की पुष्टि हुई है। एसपी देहात संसार सिंह ने मुआयना किया। बताया कि जानकारी जुटाई जा रही है। घटना का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
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दूसरे समुदाय के घर में रह रही है पत्नी
भाई मदनलाल ने पुलिस को बताया कि विजयपाल की पत्नी सात साल पहले गांव के ही दूसरे समुदाय के व्यक्ति के साथ चली गई थी। शिकायत पर पुलिस ने उसे खोजकर घर भेज दिया, लेकिन वह दो दिन बाद फिर उसी घर में चली गई। तब से वह दूसरे समुदाय के व्यक्ति के साथ ही गांव में रह रही है। इस घटना को लेकर उस वक्त काफी तनाव रहा था। पुलिस इस एंगल से भी घटना की जांच कर रही है।