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कलयुगी गुरु की हरकत से छात्रा की जान पर बनी
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बरेली। मीरगंज के संत मंगलपुरी इंटर कॉलेज में ट्यूशन पढ़ने के लिए तैयार न होने पर 17 वर्षीय गरीब छात्रा के साथ हैवानियत का ऐसा खेल खेला गया कि वह डिप्रेशन का शिकार होने के बाद तीन दिन से अस्पताल में पड़ी है। छात्रा के घरवालों का कहना है कि 30 अगस्त को स्कूल में क्लास टीचर के मारपीट और अमर्यादित ढंग से बदसलूकी करने के बाद छात्रा को अर्द्धबेहोशी की हालत में उसके दो साथी घर पहुंचा गए थे, उसे फतेहगंज पश्चिमी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से हालत गंभीर होने की वजह से उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया। उधर, आरोपी शिक्षक के खिलाफ जांच या कार्रवाई के बजाय स्कूल प्रबंधक ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को तमाम बच्चों के साथ थाने में प्रदर्शन करने पहुंच गया। पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी देकर उसे दौड़ा दिया।
ग्यारहवीं में पढ़ने वाली छात्रा के किसान पिता के मुताबिक उनकी बेटी स्कूल के ही एक शिक्षक से ट्यूशन पढ़ती है। क्लास टीचर सोनू गुप्ता उस पर काफी समय से ट्यूशन के लिए अपने घर आने का दबाव बना रहा था। छात्रा ने इनकार किया तो उसने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। क्लास में उससे बदसलूकी और मारपीट के अलावा कई बार उनकी बेटी को रास्ते में भी रोककर उससे अमर्यादित ढंग से पूछा कि दूसरे टीचर में उसे क्या अच्छा लगता है। आरोप है कि 30 अगस्त को भी सोनू गुप्ता ने छात्रा के साथ क्लास में मारपीट और बदसलूकी की तो उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी क्लास में ही पढ़ने वाले दो साथी उसे उसके घर पहुंचा गए जिसके बाद घरवालों ने उसे फतेहगंज पश्चिमी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन इलाज के बाद उसकी यहां हालत नहीं सुधरी तो मंगलवार को उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे भारी डिप्रेशन का शिकार बताया है।
सोमवार को छात्रा के पिता ने शिक्षक सोनू गुप्ता के खिलाफ थाना मीरगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद अपने बचाव के लिए सोनू गुप्ता भी किसी अस्पताल में भर्ती हो गया। इधर, मंगलवार को कॉलेज का प्रबंधक दिनेशानंद गिरि तमाम बच्चों को साथ लेकर पुलिस पर दबाव बनाने के लिए थाने पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक उसने थाने में छात्रा को कैंसर पीड़ित बताते हुए पैसे ऐंठने के लिए गलत एफआईआर दर्ज कराने की बात कहते हुए हंगामा किया तो पुलिस ने उसे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर दौड़ा दिया।
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तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभी जांच चल रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद स्कूल प्रबंधक आए थे। उन्हें समझाकर लौटा दिया गया। छात्रा को कैंसर पीड़ित बताने वाली बात गलत है। - राजवीर सिंह, इंस्पेक्टर मीरगंज
दूसरे छात्रों ने भी कहा- ट्यूशन के लिए डालते हैं दबाव
मंगलवार को पुलिस ने स्कूल के कई और छात्र-छात्राओं से पूछताछ की तो उन्होंने भी आरोप लगाया कि सोनू गुप्ता समेत कॉलेज के कई शिक्षक उन पर ट्यूशन पढ़ने का दबाव डालते हैं। ट्यूशन न पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से बदसलूकी भी होती है। हालांकि इसके बावजूद पुलिस ने अभी आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नहीं किया है। उधर, छात्रा के पिता का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने से पहले वह प्रबंधक से शिकायत करने गए थे लेकिन उसने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि जो कर मिले वह कर लेना।
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ग्यारहवीं में पढ़ने वाली छात्रा के किसान पिता के मुताबिक उनकी बेटी स्कूल के ही एक शिक्षक से ट्यूशन पढ़ती है। क्लास टीचर सोनू गुप्ता उस पर काफी समय से ट्यूशन के लिए अपने घर आने का दबाव बना रहा था। छात्रा ने इनकार किया तो उसने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। क्लास में उससे बदसलूकी और मारपीट के अलावा कई बार उनकी बेटी को रास्ते में भी रोककर उससे अमर्यादित ढंग से पूछा कि दूसरे टीचर में उसे क्या अच्छा लगता है। आरोप है कि 30 अगस्त को भी सोनू गुप्ता ने छात्रा के साथ क्लास में मारपीट और बदसलूकी की तो उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी क्लास में ही पढ़ने वाले दो साथी उसे उसके घर पहुंचा गए जिसके बाद घरवालों ने उसे फतेहगंज पश्चिमी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिन इलाज के बाद उसकी यहां हालत नहीं सुधरी तो मंगलवार को उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे भारी डिप्रेशन का शिकार बताया है।
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सोमवार को छात्रा के पिता ने शिक्षक सोनू गुप्ता के खिलाफ थाना मीरगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद अपने बचाव के लिए सोनू गुप्ता भी किसी अस्पताल में भर्ती हो गया। इधर, मंगलवार को कॉलेज का प्रबंधक दिनेशानंद गिरि तमाम बच्चों को साथ लेकर पुलिस पर दबाव बनाने के लिए थाने पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक उसने थाने में छात्रा को कैंसर पीड़ित बताते हुए पैसे ऐंठने के लिए गलत एफआईआर दर्ज कराने की बात कहते हुए हंगामा किया तो पुलिस ने उसे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर दौड़ा दिया।
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तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभी जांच चल रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद स्कूल प्रबंधक आए थे। उन्हें समझाकर लौटा दिया गया। छात्रा को कैंसर पीड़ित बताने वाली बात गलत है। - राजवीर सिंह, इंस्पेक्टर मीरगंज
दूसरे छात्रों ने भी कहा- ट्यूशन के लिए डालते हैं दबाव
मंगलवार को पुलिस ने स्कूल के कई और छात्र-छात्राओं से पूछताछ की तो उन्होंने भी आरोप लगाया कि सोनू गुप्ता समेत कॉलेज के कई शिक्षक उन पर ट्यूशन पढ़ने का दबाव डालते हैं। ट्यूशन न पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से बदसलूकी भी होती है। हालांकि इसके बावजूद पुलिस ने अभी आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नहीं किया है। उधर, छात्रा के पिता का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने से पहले वह प्रबंधक से शिकायत करने गए थे लेकिन उसने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि जो कर मिले वह कर लेना।